विश्व में जबरन विस्थापितों की संख्या हुई 10 करोड़

23 मई 2022

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सूचित किया है कि यूक्रेन युद्ध व अन्य संघर्षों के कारण, संघर्ष, हिंसा, मानवाधिकारों के उल्लंघन व उत्पीड़न से भागने के लिये मजबूर लोगों की संख्या, पहली बार 10 करोड़ के चौंका देने वाले आँकड़े पर पहुँच गई है. 

शरणार्थियों के लिये संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रैण्डी ने रविवार को कहा, "10 करोड़ एक चौंकाने वाली संख्या है - समान रूप से गम्भीर और चिन्ताजनक भी. यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो कभी बनना ही नहीं चाहिये था. इसे, विनाशकारी संघर्षों को हल करने और रोकने, उत्पीड़न को समाप्त करने एवं निर्दोष लोगों को अपने घरों से भागने के लिये मजबूर करने वाले अन्तरनिहित कारणों से निपटने के लिये, एक ख़तरे की घण्टी माना जाना चाहिये."

यूएनएचसीआर के अनुसार, इथियोपिया, बुर्कीना फासो, म्याँमार, नाइजीरिया, अफ़गानिस्तान और काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य सहित कई देशों में हिंसा या लम्बे संघर्ष के कारण, 2021 के अन्त तक दुनिया भर में जबरन विस्थापित लोगों की संख्या बढ़कर 9 करोड़ हो गई थी.

2022 में, यूक्रेन में युद्ध से, देश के भीतर 80 लाख लोग विस्थापित हुए और लगभग 60 लाख देश छोड़ने के लिये मजबूर हुए.

इथियोपिया के सोमाली क्षेत्र में सूखे से प्रभावित विस्थापित परिवार.
© UNICEF/Zerihun Sewunet
इथियोपिया के सोमाली क्षेत्र में सूखे से प्रभावित विस्थापित परिवार.

चौंकाने वाला रिकॉर्ड

दुनिया भर में जबरन विस्थापित हुए 10 करोड़ लोगों की ये संख्या, वैश्विक आबादी का 1% है और यह संख्या दुनिया के 14वें सबसे अधिक आबादी वाले देश की कुल आबादी के बराबर है.

इस संख्या में, शरणार्थियों और आश्रय चाहने वालों के साथ-साथ, संघर्ष से अपने देश की सीमाओं के अन्दर ही विस्थापित, 5 करोड़ 32 लाख लोग शामिल हैं.

फ़िलिपो ग्रैण्डी ने कहा, "यूक्रेन में युद्ध से भाग रहे लोगों के लिये अन्तरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक रही है. करुणा जीवित है, और हमें दुनिया भर के सभी संकटों के लिये इसी तरह की लामबन्दी की आवश्यकता है. लेकिन अन्ततः, मानवीय सहायता एक अस्थाई उपाय है, इलाज नहीं."

"इस प्रवृत्ति को उलटने का एकमात्र उपाय, शान्ति और स्थिरता ही है, ताकि निर्दोष लोगों को घर पर गम्भीर ख़तरे से जूझने या अनिश्चिततापूर्ण पलायन व निर्वासन के बीच चुनने के लिये मजबूर न होना पड़े.”

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) द्वारा पिछले सप्ताह दी गई जानकारी के अनुसार, साल 2021 में, रिकॉर्ड 5 करोड़ 91 लाख लोग, अपने देशों में विस्थापित हुए, और ये संख्या, 2020 की तुलना में 40 लाख अधिक है.

2021 में संघर्ष और हिंसा के कारण एक करोड़ 44 लाख लोग अपने ही देशों के भीतर विस्थापित हुए हैं, जो उससे पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है.

इस बीच वर्ष 2021 में बाढ़, तूफ़ान और चक्रवात जैसी मौसम सम्बन्धी घटनाओं के परिणामस्वरूप लगभग 2 करोड़ 37 लाख लोग आन्तरिक रूप से विस्थापित हुए, मुख्य रूप से एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में.

 

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