डीपीआर कोरिया में कोविड-19 का प्रकोप चिन्ताजनक, हरसम्भव समर्थन का आश्वासन

16 मई 2022

दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO SEARO) ने कोरिया लोकतांत्रिक जनगणराज्य (डीपीआरके) में कोविड-19 महामारी के प्रकोप पर चिन्ता व्यक्त करते हुए, महामारी से निपटने में हर सम्भव सहायता प्रदान करने का संकल्प जताया है. 

डीपीआरके या उत्तर कोरिया में वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिये फ़िलहाल कोई सार्वजनिक टीकाकरण अभियान शुरू नहीं किया गया है. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी कार्यालय की निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी, KCNA, द्वारा बताए गए आँकड़ों को संज्ञान में लेते हुए मौजूदा हालात पर चिन्ता जताई. 

रिपोर्ट के अनुसार, बडी संख्या में लोगों में बुखार के लक्षण देखे गए हैं और मौतें भी हुई हैं.

समाचार माध्यमों के अनुसार रविवार, 15 मई, तक देश में 50 लोगों की मौत होने और लाखों लोगों में बुखार के लक्षण देखे जाने की आशंका जताई गई है. 

डॉक्टर खेत्रपाल सिंह ने बताया कि महामारी के प्रकोप के दायरे व गम्भीरता के विषय में अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियामन (International Health Regulations) के राष्ट्रीय फ़ोकल प्वाइंट से पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है. 

उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश की सहायता करने के लिये तैयार है.

इस क्रम में, टैस्टिंग का दायरा व स्तर बढ़ाने, संक्रमण मामलों का समुचित प्रबन्धन करने, परिस्थिति-अनुरूप सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक उपाय लागू करने, और अति-आवश्यक मेडिकल सामग्री व दवाएं मुहैया कराये जाने की बात कही गई है.  

कोविड-19 टीकाकरण

इससे पहले, स्वास्थ्य संगठन ने देश में कोविड-19 वैक्सीन अभियान और राष्ट्रीय रणनैतिक तैयारी व जवाबी कार्रवाई योजना के लिये समर्थन प्रदान किया था.

टीकाकरण योजना की समीक्षा व स्वीकृति, क्षेत्रीय स्तर पर एक बहु-साझीदार निकाय द्वारा की गई है.

इसके ज़रिये, उत्तर कोरिया के लिये, कोवैक्स पहल के तहत कोविड-19 टीकों की आपूर्ति पाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी व साझीदार संगठन की इस पहल का उद्देश्य, कोरोनावायरस के विरुद्ध टीकों का न्यायोचित वितरण सुनिश्चित करना है.

डॉक्टर खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देश में अभी कोविड-19 टीकाकरण शुरू नहीं हो पाया है, तत्काल व उपयुक्त उपायों के अभाव में, वायरस के आबादी में फैलने का जोखिम बना हुआ है.

महामारी का अन्त नहीं 

विशेषज्ञ ने सचेत किया है कि वैश्विक महामारी के फैलाव के मौजूदा स्तर व परिस्थितियों से परे, यह हर देश के लिये महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाए. 

कोरोनावायरस के विरुद्ध विकसित किये गए टीकों से गम्भीर संक्रमण व मौतों की रोकथाम करने में मदद मिली है.

डॉक्टर खेत्रपाल ने कहा, “यह महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है. हर देश को परिस्थितियों व ज़रूरतों के अनुसार, स्वास्थ्य व सामाजिक उपायों को लागू करना होगा और अपनी आबादी की कोविड-19 वैक्सीन के साथ रक्षा करनी होगी.”

यूएन एजेंसी की वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन प्रयासों के दौरान, स्वास्थ्यकर्मियों, बुज़ुर्गों, पहले से ही बीमार चल रहे लोगों, गम्भीर कोविड-19 संक्रमण का जोखिम झेल रही आबादी की विशेष रूप से रक्षा की जानी होगी.

 

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