दुबई विश्व उद्यमी निवेश फ़ोरम में एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति पर चर्चा
दुबई में सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की फ़ोरम - ‘विश्व उद्यमी निवेश फ़ोरम 2022’ (World Entrepreneurs Investment Forum) के चौथे संस्करण की शुरुआत हुई है, जिसमें कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उद्यमिता, नवाचार और निवेश की भूमिका पर चर्चा होगी.
दुबई ऐक्सपो 2020 के दौरान, दुबई प्रदर्शनी केंद्र के तत्वाधान में तीन दिनों तक चलने वाली इस फ़ोरम में, 100 से अधिक देशों से वित्तीय सुलभता, व्यापार एवं कौशल विकास विशेषज्ञों के साथ-साथ शोधकर्ता, सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद समेत ग़ैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि व उद्यमी हिस्सा लेंगे.
WEIF के कार्यकारी निदेशक और संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) में निवेश व टैक्नॉलॉजी प्रसार मामलों के प्रमुख डॉक्टर हाशिम हुसैन ने दुबई ऐक्सपो 2020 को उद्मियों और विशेषज्ञों में पारस्परिक जुड़ाव बढ़ाने और ज्ञान के आदान-प्रदान के नज़रिये से अहम बताया है.
फ़ोरम के दौरान विभिन्न सत्रों में, टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा को लागू करने के लिये वैश्विक साझेदारियों, उद्यमिता, नवाचार व निवेश अवसरों पर चर्चा होगी.
फ़ोरम के आरम्भिक सत्र के बाद, समावेशी टिकाऊ विकास वित्त पोषण पर एक सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें सहनक्षमता बढ़ाने और टिकाऊ प्रगति के लिये वित्त पोषण के नवाचारी उपायों पर विचार-विमर्श किया गया.
संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO), संयुक्त अरब अमीरात की सरकार और अन्य साझीदार संगठनों द्वारा आयोजित इस फ़ोरम का उद्देश्य, साझीदारों को गढ़ना व प्रोत्साहन देना और उद्यमिता व नवाचार में सर्वोत्तम तौर-तरीक़ों को साझा करना है.
इस वर्ष निवेश फ़ोरम की थीम में कोविड-19 से पुनर्बहाली में नवाचार, निवेश व उद्यमिता का सहारा लेते हुए, विचारों के आदान-प्रदान के साथ टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के कारण, दुनिया भर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आकार उद्यमों में कामकाज प्रभावित हुआ है.
महिला उद्यमियों की भूमिका
फ़ोरम के तहत आयोजित कार्यक्रमों में, जॉर्डन की एक पूर्व महिला सांसद रीम बदरान ने भी हिस्सा लिया और बताया कि कोविड-19 की वजह से टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पाने में एक बड़ी चुनौती पैदा हुई है और महिलाओं के लिये हालात कठिन हुए हैं.
मगर, उनका मानना है कि वैश्विक महामारी ने नवाचार, उद्यमिता और समग्र तौर-तरीक़ों को अपनाये जाने के रास्तों व अवसरों को भी पेश किया है.
रीम बदरान ने कहा कि इस सम्मेलन में अधिक संख्या में महिलाओं को आमंत्रित किया गया है ताकि वे इन उद्यमी नैटवर्कों का हिस्सा बन सकें, जिसके समर्थन से वे आने वाले वर्षों में अपने देशों में तेज़ी से आगे बढ़ सकती हैं.
डिजिटल जगत में बदलाव
कोविड-19 महामारी के दौरान, दुनिया में टैक्नॉलॉजी के क्षेत्र में रूपान्तरकारी बदलाव भी नज़र आए.
बदलती परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में, उद्यमी सतत व सुदृढ़ ढँग से आगे बढ़ने के लिये वित्त पोषण के नवाचारी उपायों की तलाश कर रहे हैं.
इस पृष्ठभूमि में, देशों की सरकारों और निजी सैक्टर से आग्रह किया गया है कि बाज़ार में नज़र आ रहे परिवर्तन और डिजिटल जगत में रूपान्तरकारी बदलावों के अनुरूप ढलना ज़रूरी होगी.
वैश्विक महामारी के कारण विश्व अर्थव्यवस्थाओं और श्रम बाज़ार में अभूतपूर्व व्यवधान आया है, सप्लाई चेन अवरुद्ध हैं और तालाबन्दी के कारण अनेक व्यवसाय ठप हो गए हैं.
अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर महमूद मोहिएलदिन ने कहा कि महामारी से उपजे मौजूदा हालात, वर्ष 2007-2008 के दौरान वैश्विक वित्तीय संकट के दिनों की याद दिलाते हैं.
अहम क्षेत्रों में निवेश
डॉक्टर मोहिएलदिन ने अरब देशों, विशेषकर खाड़ी क्षेत्र में स्थित देशों की अर्थव्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और टैक्नॉलॉजी क्रांति में निवेश बढ़ाया गया है.
साथ ही, सततता व जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों में भी दिलचस्पी को देखा जा सकता है.
डॉक्टर मोहिएलदिन के मुताबिक़, इन निवेशों की मदद से प्रगति दर्ज करने, विकास की दिशा में आगे बढ़ने में अवसर मिले हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी अरब देश इसका अनुसरण करते हुए इन क्षेत्रों में निवेश करेंगे.