जनसंहार शब्द अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का हिस्सा किस तरह बना

अन्य लोगों के बारे में नफ़रत और डर फैलाने के लिये, नस्लभेद का सहारा लिया जाता रहा है, जिसका नतीजा अक्सर संघर्ष या युद्ध होता है. जैसाकि रवाण्डा में 1994 में हुए जनसंहार के रूप में हुआ.
ONU/J. Isaac
अन्य लोगों के बारे में नफ़रत और डर फैलाने के लिये, नस्लभेद का सहारा लिया जाता रहा है, जिसका नतीजा अक्सर संघर्ष या युद्ध होता है. जैसाकि रवाण्डा में 1994 में हुए जनसंहार के रूप में हुआ.

जनसंहार शब्द अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का हिस्सा किस तरह बना

मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र ने ‘जनसंहार की रोकथाम पर सन्धि’ को वर्ष 1948 में पारित किया था. सन्धि की ऐतिहासिक बुनियाद, इसके प्रावधान और हाल के दशकों में जनसंहारों को रोक पाने में मिली विफलता, विश्व के समक्ष मौजूदा चुनौतियों को रेखांकित करते हैं. बढ़ते जोखिमों की पृष्ठभूमि में, जनसंहार की रोकथाम पर यूएन के विशेष सलाहकार ऐडामा डिएन्ग ने, सर्वजन से इस अपराध के विरुद्ध खड़े होने का आहवान किया है. एक वीडियो रिपोर्ट...