डीपीआर कोरिया ने दागी बैलेस्टिक मिसाइल, कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका

सुरक्षा परिषद में कोरिया लोकतांत्रिक जन-गणराज्य में परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर चर्चा.
UN Photo/Loey Felipe
सुरक्षा परिषद में कोरिया लोकतांत्रिक जन-गणराज्य में परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर चर्चा.

डीपीआर कोरिया ने दागी बैलेस्टिक मिसाइल, कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका

शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरिया लोकतांत्रिक जन-गणराज्य (डीपीआरके)) द्वारा अन्तर-महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल छोड़े जाने की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए, इसे सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन क़रार दिया है.  यूएन में शान्तिनिर्माण व राजनैतिक मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों को बताया कि इससे क्षेत्र में गम्भीर हालात पैदा होने और तनाव बढ़ने की आशंका है. 

यूएन अवर महासचिव डीकार्लो ने बताया कि कोरिया लोकतांत्रिक जन-गणराज्य (डीपीआरके) की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, 24 मार्च को एक नई प्रकार की अन्तरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (Intercontinental Ballistic Missile /ICBM) का परीक्षण किया गया है. 

‘Hwasong-17’ नामक यह मिसाइल, सूनान से दागी गई, जोकि प्योंगयांग के उत्तर में स्थिति है. इससे पहले, उत्तर कोरिया ने ICBM बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण 29 नवम्बर 2017 मे किया था. 

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यूएन अवर महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ICBM मिसाइल परीक्षण की कठोर निन्दा की है, जोकि सुरक्षा परिषद में प्रासंगिक प्रस्तावों का उल्लंघन है.

साथ ही, इसे डीपीआरके द्वारा स्वयं लगाई गई स्वैच्छिक रोक का खुला उल्लंघन बताया गया है. शान्तिनिर्माण मामलों की प्रमुख ने ताज़ा घटनाक्रम से क्षेत्र और उससे परे तनाव बढ़ने की आशंका जताई है.   

बताया गया है कि डीपीआरके ने इस वर्ष बैलेस्टिक मिसाइल टैक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करते हुए अब तक 12 परीक्षण किये हैं.

अवर महासचिव ने ध्यान दिलाया कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2397 (2017) में, पुष्ट किया गया है कि डीपीआरके द्वारा इस टैक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करते हुए कोई मिसाइल नहीं दागी जाएगी.  

परमाणु कार्यक्रम

यूएन की शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि डीपीआरके अपने परमाणु कार्यक्रम को भी आगे बढ़ा रहा है. 

उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक को उद्धत करते हुए कहा कि, योन्गब्योन केंद्र पर 5 मेगावाट रिएक्टर में कामकाज जारी रहने के संकेत मिले हैं.

सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, वर्ष 2018 में परमाणु परीक्षण स्थल को बन्द किये जाने के बाद पहली बार पुन्गग्ये-री केंद्र पर फिर से गतिविधि नज़र आई है.

रोज़मैरी डीकार्लो ने कहा कि अपनी परमाणु क्षमता और बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिये, डीपीआरके ने सुरक्षा परिषद द्वारा ऐसी गतिविधियों को रोके जाने की मांग को अनसुना किया है. 

अवर महासचिव ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र, मानवीय राहत ज़रूरतों को पूरा करने की अहमियत पर बल देते हुए कहा कि यूएन, अपने साझीदार संगठनों के साथ डीपीआरके में ज़रूरतमन्दों लोगों की मदद के लिये तत्पर है.

मानवीय सहायता

उनके मुताबिक़, वैश्विक महामारी के फैलाव और 2020 में सीमाओं के बन्द हो जाने के कारण स्थानीय लोगों के लिये मुश्किलें बढ़ी हैं. 

इसके मद्देनज़र, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय कर्मचारियों को प्रवेश की अनुमति देने, और निर्बाध मानवीय राहत आपूर्ति का आग्रह किया ताकि समय रहते, कारगर ढँग से मानवीय आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सतत शान्ति के लिये सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है ताकि, पूर्ण रूप से कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त किया जा सके. 

उन्होंने डीपीआरके से परिषद के निर्णयों का पालन करने, सम्वाद का रास्ता फिर से तैयार करने और अतीत के कूटनैतिक प्रयासों की ज़मीन पर आगे बढ़ाने के लिये कहा है.