लोय एल्बासयौनी ने नासा के मार्स हेलीकॉप्टर, इनजेनुइटी की उड़ान में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

आपबीती: ग़ाज़ा से मंगल ग्रह तक

Loay Elbasyouni
लोय एल्बासयौनी ने नासा के मार्स हेलीकॉप्टर, इनजेनुइटी की उड़ान में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

आपबीती: ग़ाज़ा से मंगल ग्रह तक

संस्कृति और शिक्षा

लोआए ऐलबसयूनी, अमेरिकी अन्तरिक्ष एजेंसी - नासा की टीम में एक फ़लस्तीनी इलैक्ट्रिकल इन्जीनियर हैं, जिन्होंने 2021 में मंगल ग्रह पर उतरने वाले एक अभिनव रोबोटिक हैलीकॉप्टर, Ingenuity का डिज़ाइन तैयार किया था. यूएन न्यूज़ के साथ एक बातचीत में, उन्होंने ग़ाज़ा पट्टी में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूल से, अमेरिकी अन्तरिक्ष तक के अपने सफ़र के बारे में विस्तार से बताया.

"पर्यावरण में हमेशा ही मुझे गहरी दिलचस्पी रही है. मैं चाहता था कि हमारे ग्रह में एक बेहतर बदलाव लाने के लिये मैं कुछ कर सकूँ. मुझे अन्तरिक्ष को लेकर भी बहुत उत्साह था, लेकिन वास्तव में, मैं अपने ग्रह की स्थिति बेहतर बनाने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहता था.

इसलिये, मैंने कॉलेज के बाद वैकल्पिक ऊर्जा और बिजली -चालित वाहनों पर काम किया, इलैक्ट्रिक मोटर्स और इलैक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के बारे में सीखा, और उपयोगी अनुभव प्राप्त किया जिसका मैंने बाद में अपने करियर में उपयोग किया.

फिर मैंने इलैक्ट्रिक UAVs यानि मानव रहित हवाई वाहनों पर काम करना शुरू किया, और इनजेनुइटी प्रोजेक्ट पर इलैक्ट्रिकल लीड व पावर इलैक्ट्रॉनिक लीड बनने के लिये चुना गया, जहाँ मैंने लगभग पाँच वर्षों तक काम किया.

लोय एल्बासयौनी ने नासा का मार्स हेलीकॉप्टर, इनजेनुइटी डिज़ाइन किया था.
Loay Elbasyouni
लोय एल्बासयौनी ने नासा का मार्स हेलीकॉप्टर, इनजेनुइटी डिज़ाइन किया था.

एक अभूतपूर्व परियोजना

इनजेनुइटी परियोजना के तहत पहली बार किसी दूसरे ग्रह पर उड़ान भरी गई. इसका प्रमुख लक्ष्य था - प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करना, यह साबित करना कि हम मंगल ग्रह पर उड़ान भर सकते हैं, और जो आँकड़ें हम इन उड़ानों से एकत्र करते हैं, उससे भविष्य के मिशनों में मदद मिलेगी.

Ingenuity को मंगल ग्रह पर उतरे लगभग एक साल हो चुका है. यह एक अदभुत उपलब्धि रही है. मैं ऐसी टीम का हिस्सा होने पर अत्यधिक गौरवान्वित महसूस करता हूँ, जिसने सभी की उम्मीदों से भी बढ़कर काम किया हो. हमने उन सभी लोगों को ग़लत साबित कर दिया जिन्होंने मंगल ग्रह पर उड़ान भरने की हमारी क्षमता पर सन्देह किया था. यह एक बड़ा सम्मान है.

'संयुक्त राष्ट्र' परिवार

मैं लगभग 22 वर्षों के दौरान ग़ाज़ा वापस नहीं गया हूँ. मेरे परिवार के बहुत से लोग अभी वहीं है, लेकिन मेरे पिताजी को जर्मनी में रोज़गार मिला, तब, यहाँ आने के 11 साल बाद मैं उनसे मिल पाया.

मेरे भाई दुनिया भर में फैले हुए हैं: एक यहाँ अमेरिका में है, एक जर्मनी में है और दूसरा तुर्की में रहता है. हमारा परिवार, पाँच से अधिक नागरिकताओं वाला एक अन्तरराष्ट्रीय परिवार हैं. हम ख़ुद को संयुक्त राष्ट्र परिवार कह सकते हैं!

बचपन से ही मैंने हमेशा बड़े सपने देखे, और कड़ी मेहनत की है. जब मैं पहली बार अमेरिका आया तो फ़ीस अदा करने के लिये पर्याप्त धनराशि न होने के कारण मुझे विश्वविद्यालय छोड़ना पड़ा. इसके लिये मैंने काम ढूंढा.

लोय एल्बासयौनी, नासा की टीम में इलैक्ट्रिकल इन्जीनियर हैं.
Loay Elbasyouni
लोय एल्बासयौनी, नासा की टीम में इलैक्ट्रिकल इन्जीनियर हैं.

कभी हार मत मानो

लेकिन मुझमें हमेशा आगे बढ़ने और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के समाधान का हिस्सा बनने का जुनून था. जब भी मैं विफल हुआ, इसी से मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, ताकि मैं अन्ततः सफलता प्राप्त कर सकूँ.

जब आप चुनौतीपूर्ण हालात से आते हैं, तो आपको वास्तव में अपने लक्ष्य को सामने रखकर, पूरे विश्वास से अपने सपनों को पूरा करने की राह पर चलना पड़ता है. जब आपमें जोश होता है, तो गिरने पर भी आपका निश्चय डगमगाने नहीं देता. क्योंकि रास्ता आसान नहीं होने वाला है. आप विफल होंगे. लेकिन आप हार नहीं मान सकते.

यही मेरा दृष्टिकोण रहा है. आपको बस चलते रहना है, चाहे जो भी हो, आपको बस अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिशें करते रहना है.

यह केवल आपके विश्वास पर निर्भर है: आपको यह विश्वास होना ज़रूरी है कि आप यह कर पाएंगे.”

फ़लस्तीन में शिक्षा के लिये, संयुक्त राष्ट्र प्रयासरत

•  UNRWA (निकट पूर्व में फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिये संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी) लेबनान में अपने पाँच कार्य क्षेत्रों में, आठ माध्यमिक विद्यालयों सहित, 710 प्राथमिक और प्रारम्भिक स्कूलों का संचालन करती है, जहाँ लगभग 5 लाख 39 हज़ार फ़लस्तीनी शरणार्थी बच्चों को निशुल्क बुनियादी शिक्षा दी जाती है.

•  UNRWA ने लगभग 70 वर्षों तक यह सुनिश्चित करने के लिये काम किया है कि फ़लस्तीन के शरणार्थी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो.

•  अपनी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से, UNRWA का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फ़लस्तीनी शरणार्थी छात्र अपनी पूरी क्षमता विकसित करें और "आत्मविश्वासी, नवाचार करने वाले, व सवाल करने वाले, विचारशील और खुले विचारों के, मानवीय मूल्यों और सहिष्णुता को बनाए रखने, अपनी फ़लस्तीनी पहचान पर गर्व करने एवं समाज व वैश्विक समुदाय के विकास में सकारात्मक योगदान देने" योग्य बन सकें.