यूक्रेन: दुनिया को युद्ध नहीं, शान्ति की ज़रूरत है, यूएन प्रमुख

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, यूक्रेन संकट पर, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में, पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए.
UN Photo/Loey Felipe
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, यूक्रेन संकट पर, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में, पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए.

यूक्रेन: दुनिया को युद्ध नहीं, शान्ति की ज़रूरत है, यूएन प्रमुख

शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस की "विशेष सैनिक कार्रवाई" ग़लत है और यूएन चार्टर के सिद्धान्तों का भी उल्लंघन है. यूएन प्रमुख ने न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में, गुरूवार को पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया को युद्ध की विभीषिका की नहीं, बल्कि शान्ति की ज़रूरत है. यूएन महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने भी तत्काल युद्धविराम, तनाव में कमी लाने और कूटनीति व सम्वाद की ओर लौटने का आग्रह किया है. 

यूएन प्रमुख ने कहा कि किसी एक देश द्वारा, किसी अन्य देश के ख़िलाफ़ इकतरफ़ा तौर पर बल प्रयोग किया जाना, उन सिद्धान्तों का उल्लंघन है जिनके अनुपालन के लिये हर एक देश ने प्रतिबद्धता जताई हुई है.

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उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सम्प्रभु सीमा के भीतर, रूस के ऐसे सैन्य अभियान इतने बड़े पैमाने पर देखे जा रहे हैं जैसे, योरोप ने अनेक दशकों से नहीं देखे हैं.

महासचिव ने कहा, “हर दिन, मैं स्पष्ट तरीक़े से कहता रहा हूँ कि इस तरह की इकतरफ़ा कार्रवाइयाँ, सीधे तौर पर यूएन चार्टर से टकराती हैं.”

उन्होंने ध्यान दिलाते हुए कहा कि यूएन चार्टर स्पष्ट है: “तमाम सदस्य देश अपने अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखण्डता या राजनैतिक स्वायत्तता के ख़िलाफ़ किसी तरह की धमकी देने या बल प्रयोग से बचेंगे.”

इसमें ऐसी किसी कार्रवाई से भी बचना शामिल है जो संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों से मेल नहीं खाती हों.

यूएन प्रमुख ने कहा कि ये बात मौजूदा सैनिक कार्रवाई पर भी लागू होती है. 

उन्होंने कहा कि ये सैन्य कार्रवाई ग़लत है. ये यूएन चार्टर के विरुद्ध है. ये अस्वीकार्य है. मगर ऐसा नहीं है कि इसे पलटा ना जा सके.

शान्ति अपील दोहराई

“मैं कल रात राष्ट्रपति पुतिन से की गई अपनी अपील दोहराता हूँ. सैन्य कार्रवाई रोक दें. अपनी सेनाओं को वापिस रूस बुलाएँ.”

उन्होंने कहा कि हम युद्ध की क़ीमत जानते हैं. “यूक्रेन के हर कोने में, हम बढ़ती मृत्यु संख्या के साथ-साथ, लोगों में डर, चिन्ता और दहशत की तस्वीरें देख रहे हैं. निर्दोष लोगों को ही, हर दिन, सदैव ही, सबसे ज़्यादा क़ीमत चुकानी पड़ती है.” 

उन्होंने कहा कि इसीलिये, संयुक्त राष्ट्र, यूक्रेन और आसपास के इलाक़ों में मानवीय सहायता अभियानों का स्तर व दायरा बढ़ा रहा है.

“आज मैं घोषणा कर रहा हूँ कि हम तत्काल ज़रूरतें पूरी करने के लिये, केन्द्रीय आपदा कार्रवाई कोष (CERF) से दो करोड़ डॉलर की रक़म तत्काल निर्धारित करेंगे.”

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहायता पार्टनर, यूक्रेन के लोगों की, ज़रूरत की इस घड़ी में, वहाँ मुस्तैद रहने और अपनी सेवाएँ मुहैया कराने के लिये प्रतिबद्ध हैं.

यूक्रेन के दोनेत्स्क, ओबलास्ट में बमबारी में क्षतिग्रस्त एक स्कूल.
© UNICEF/Ashley Gilbertson
यूक्रेन के दोनेत्स्क, ओबलास्ट में बमबारी में क्षतिग्रस्त एक स्कूल.

यूएन स्टॉफ़ सहायता के लिये मुस्तैद

यूएन प्रमुख ने बताया कि संगठन के कर्मचारी सम्पर्क रेखा के दोनों तरफ़ अपनी सेवाएँ देने में सक्रिय हैं जो सदैव ही, तटस्थता, निष्पक्षता, मानवीयता और स्वतंत्रता के सिद्धान्तों से निर्देशित होते हैं.

उन्होंने बताया कि ज़रूरतमन्द लोगों को, जीवनरक्षक मानवीय राहत मुहैया कराई जा रही है, इस बात की परवाह किये बिना कि वो लोग कौन हैं और कहाँ रहते हैं.

“सिविल आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सर्वप्रथम प्राथमिकता होनी चाहिये. अन्तरराष्ट्रीय मानवीयता और मानवाधिकार क़ानून का पालन हो.”

यूएन महासचिव ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों के दौरान लिये जाने वाले निर्णय, हमारी दुनिया को आकार देंगे और लाखों-करोड़ों लोगों की ज़िन्दगियों को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे.

उन्होंने कहा कि यूएन चार्टर का पालन करते हुए, इस पीढ़ी को युद्ध की विभीषिका से बचाने में, अब भी कोई देर नहीं हुई है.

“हमें शान्ति की दरकार है.”

यूएन महासभा के 76वें सत्र के लिये अध्यक्ष, अब्दुल्ला शाहिद.
UN Photo/Eskinder Debebe
यूएन महासभा के 76वें सत्र के लिये अध्यक्ष, अब्दुल्ला शाहिद.

यूएन चार्टर सिद्धान्तों के विरुद्ध

यूएन महासभा के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने गुरूवार को अपने एक वक्तव्य में कहा है कि यूक्रेन में रूस का सैन्य आक्रमण, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धान्तों के अनुरूप नहीं है.

“यूएन चार्टर सम्प्रभु समानता के सिद्धान्तों पर आधारित है, और इसमें सदस्य देशों से अन्तरराष्ट्रीय विवादों का निपटान शान्तिपूर्ण ज़रियों से किये जाने की पुकार लगाई गई है, किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखण्डता और राजनैतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल प्रयोग या ऐसी धमकी दिये बिना.”

महासभा प्रमुख ने सभी सदस्य देशों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत, अपने तय दायित्वों का निर्वहन किये जाने का आग्रह किया है.

“मैं तत्काल युद्धविराम, तनाव में कमी लाने और कूटनीति व सम्वाद की ओर पुख़्ता वापसी के लिये आग्रह करता हूँ.”

महासभा अध्यक्ष ने कहा कि यूक्रेन और वहाँ के लोगों के लिये सुरक्षित व निर्बाध ढँग से मानवीय सहायता को सुलभ बनाया जाना, मौजूदा समय की ज़रूरत है.