वैश्विक व्यापार अपने सर्वाधिक ऊँचे स्तर पर, 2022 के लिये हालात अनिश्चित - UNCTAD 

30 नवंबर 2021

व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2021 में, वैश्विक व्यापार के 28 हज़ार अरब डॉलर का आँकड़ा छूने की सम्भावना है, जोकि 2020 की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है. मगर, अगले वर्ष के लिये अनुमान फ़िलहाल अनिश्चितताओं में घिरा हुआ बताया गया है. 

यूएन एजेंसी की ‘Global Trade Update’ रिपोर्ट के अनुसार, सेवाओं की तुलना में सामान की मांग में मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई है, जिसकी एक वजह, वैश्विक महामारी के कारण लागू की गई पाबन्दियों में राहत बताई गई है. 

इसके अलावा, आर्थिक स्फूर्ति प्रदान करने वाले उपायों, और कच्चे माल की क़ीमत में तेज़ उछाल भी एक कारण है. 

व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) के मुताबिक़, वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में विश्वव्यापी वाणिज्य में स्थिरता आ गई थी, सामान आधारित व्यापार जुलाई व सितम्बर के बीच रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया. 

सेवा क्षेत्र की सुस्त रफ़्तार

कुल वृद्धि के रुझान के अनुरूप, सेवा सैक्टर में भी हालात बेहतर हुए हैं, मगर यह अब भी वर्ष 2019 के स्तर से नीचे है.

यूएन एजेंसी के वैश्विक व्यापार अपडेट के अनुसार, क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य से, व्यापार में वृद्धि, साल की पहली छमाही में विषमतापूर्ण रही है, मगर बाद के तीन महीनों में इसका दायरा विस्तृत हुआ है. 

साल की तीसरी तिमाही में, विकसित देशों की तुलना में विकासशील देशों में व्यापार प्रवाह में ज़्यादा मज़बूती दिखाई देना जारी है.

रिपोर्ट में वैश्विक सामान आधारित व्यापार का मूल्य इस वर्ष की तीसरी तिमाही में, पाँच हज़ार 600 अरब डॉलर आँका गया है, जोकि एक नया रिकॉर्ड है. 

सेवा क्षेत्र में यह आँकड़ा डेढ़ हज़ार अरब डॉलर बताया गया है. 

यूएन एजेंसी ने इस वर्ष के शेष महीनों में, सामान के व्यापार में प्रगति की गति धीमी होने का अनुमान व्यक्त किया है, जबकि सेवा सैक्टर में सकारात्मक रुझान दिखाई देने की सम्भावना है.  

2022 के लिये रुझान

अगले वर्ष अनिश्चितिता को बढ़ाने वाले कारकों में से एक, वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में चीन में आशा से कम प्रगति का दर्ज किया जाना भी है.

अंकटाड के अनुसार, उम्मीद से कम आर्थिक वृद्धि की दर, आम तौर पर निराशाजनक वैश्विक व्यापार रुझानों में परिलक्षित होती है. 

साथ ही, मुद्रास्फीति सम्बन्धी दबावों के कारण भी, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाएँ और अन्तरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

वैश्विक व्यापार अपडेट में अनुमान जताया गया है कि योरोपीय संघ में स्थित देशों सहित अनेक अर्थव्यवस्थाओं को कोविड-19 सम्बन्धी व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर वर्ष 2022 में उपभोक्ता मांग पर पड़ सकता है.

वर्ष 2021 में मांग में व्यापक पैमाने पर ऐसे उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं जिनका अनुमान लगा पाना कठिन था. ईंधन की ऊँची क़ीमतों से जहाज़रानी सैक्टर में क़ीमतें बढ़ी हैं और आपूर्ति की क़िल्लत पैदा हो गई है. 

इसके मद्देनज़र, मुख्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के मार्गों पर जहाज़ अटके हुए हैं, और यह स्थिति अगले वर्ष भी जारी रह सकती है, जिससे दुनिया भर में व्यापार प्रवाह एक नया आकार ले सकता है.  

व्यापार प्रभावित करने वाले कारक

इस बदलाव में भू-राजनैतिक कारक भी एक भूमिका निभा सकते हैं. अफ़्रीका के भीतर और एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में क्षेत्रीय व्यापार बढ़ रहा है, जिसके कारण, अन्य मार्गों से व्यापार की दिशा बदल रही है. 

रिपोर्ट के मुताबिक़, सामाजिक व पर्यावरणीय टिकाऊ अर्थव्यवस्था की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का असर भी, अन्तरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ने की सम्भावना है. इन उपायों में कार्बन उत्पादों पर निर्भरता कम करने की कोशिशें की जा रही हैं. 

अंकटाड का मानना है कि देशों द्वारा अपने रणनैतिक हितों की रक्षा और विशिष्ट क्षेत्रों में कमज़ोरियों से भी, अगले वर्ष व्यापार प्रभावित हो सकता है. 

बताया गया है कि माइक्रोप्रोसेसर, या सेमीकण्डक्टर की क़िल्लत भी महसूस की जा रही है, जिसका असर अनेक उद्योगों में नज़र आ रहा है, विशेष रूप से ऑटो सैक्टर में.  

यूएन एजेंसी की रिपोर्ट बताती है कि कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से ही, सेमीकण्डक्टर उद्योग को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. मांग में तेज़ उछाल आया है जबकि आपूर्ति के रास्ते में रुकावटें बनी हुई हैं.

अगर ये चुनौतियाँ, यूँ ही बरक़रार रहीं तो, अनेक विनिर्माण क्षेत्रों में उत्पादन व व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ना जारी रहने की आशंका है.

 

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