क्या आप वाक़ई ये शेयर करना चाहते हैं? ऑनलाइन भ्रान्तियों व तथ्यों में अन्तर!

संयुक्त राष्ट्र, वैक्सीन के बारे में फैली भ्रान्तियाँ दूर करने और सही जानकारी फैलाने के लिये प्रयासरत है.
UN Photo/Manuel Elias
संयुक्त राष्ट्र, वैक्सीन के बारे में फैली भ्रान्तियाँ दूर करने और सही जानकारी फैलाने के लिये प्रयासरत है.

क्या आप वाक़ई ये शेयर करना चाहते हैं? ऑनलाइन भ्रान्तियों व तथ्यों में अन्तर!

यूएन मामले

वर्ल्ड वाइब वेब (www) का ईजाद होने के बाद से, हमें जानकारी और सूचनाओं की असीम उपलब्धता हो गी है. मगर हमें ख़तरनाक दुष्प्रचार और ग़लत जानकारी के फैलाव से भी दो-चार होना पड़ रहा है. दुष्प्रचार का मुक़ाबला करने के लिये, संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाए जा रहे अभियान – Verified के तहत, तथ्यों को, भ्रान्तियों व ग़लत जानकारी से छानने के लिये, एक ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किया गया है. इसका मक़सद नाज़ुक हालात वाले लोगों को सम्भावित नुक़सान बचाने में मदद करना भी है.

ऐसा जगज़ाहिर हुआ है कि हाल के समय में, कुछ लोग व संगठन, ऑनलाइन मंचों पर भ्रामक व ग़लत जानकारी व सूचनाएँ फैलाने की नीयत से सक्रिय हैं.

मसलन, कोविड-19 महामारी के दौरान, सोशल मीडिया मंचों पर, ऐसे बहुत से दावे देखने को मिले हैं जिनमें कुछ दवाइयों और उपचारों को, जादुई परिणाम वाले बताया गया है, कुछ सन्देशों में कोरोनावायरस महामारी को ही, एक चकमा या अवास्तविक बताया गया है.

इनमें बहुत से लोग ऐसे हैं जो भ्रामक व ग़लत जानकारियों और सूचनाओं वाले लेख, वीडियो और तस्वीरें, बदनीयती के साथ शेयर करते हैं, मगर बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इस सामग्री को, उसके बारे में ठोस जानकारी हासिल किये बिना ही शेयर करते हैं, क्योंकि

उन्हें इन विषयों के बारे में भरोसेमन्द सूत्रों से जानकारी व सूचनाएँ हासिल नहीं होती हैं. ऐसे लोग, अक्सर अपने परिजनों या दोस्तों से मिली सामग्री को, बिना जाँचे-परखे आगे शेयर कर देते हैं.

इसके गम्भीर और विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिनकी वजह से बहुत से लोग, ख़तरनाक अनुपयुक्त दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, और कोविड-19 की रोकथाम वाली वैक्सीन लेने से इनकार कर सकते हैं. यहाँ तक कि ज़रूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने से मना कर सकते हैं और ऐसे कुछ मामलों में तो मौत होने की भी आशंका होती है.

दुष्प्रचार और भ्रामक व ग़लत जानकारी के फैलाव का मुक़ाबला करने के लिये, संयुक्त राष्ट्र के वैरीफ़ाइड (Verified) अभियान ने, विशेषज्ञों की एक टीम – wikiHow के साथ हाथ मिलाया है. इस कार्यक्रम के तहत, निशुल्क ऑनलाइन कोर्स तैयार किया गया है जिसमें विश्वसनीय जानकारी देने वाले दिशा-निर्देश शामिल हैं.

इस ऑनलाइन कोर्स में, इच्छुक लोगों को ईमेल के ज़रिये, एक श्रृंखला में पाँच दिन के दौरान, पाँच सत्र, भेजे जाते हैं. इन सत्रों में, बहुत अहम कौशल व जानकारी उपलब्ध कराई जाती है जिस पर अमल करके, ग़लत व भ्रामक जानकारी की निशानदेही करने के तरीक़े बताए जाते हैं. ऐसा करके दुष्प्रचार पर विराम लगाने और नाज़ुक हालात वाले लोगों को सम्भावित नुक़सान से बचाने में मदद की जाती है.

यह ऑनलाइन कोर्स पूरा करने के बाद, सीखने वालों को, इस बारे में ठोस जानकारी हासिल होगी कि किसी सामग्री के बारे में तथ्यजनक जानकारी कैसे हासिल करनी है, किसी सामग्री को शेयर करना है या नहीं और उस पर कहाँ विराम लगाना है, और जिन लोगों ने भ्रामक या ग़लत जानकारी शेयर की है, उन लोगों के साथ, इस मुद्दे पर कैसे बात की जाए, इस बारे में भी मदद मिलती है.

आप भी, यूएन वैरीफ़ाइड के #pledgetopause अभियान का हिस्सा बनें और सोशल मीडिया पर आप तक पहुँची सामग्री को आगे बढ़ाने से पहले, एक पल ठहर कर सोचें, कि क्या कोई सन्देश, वीडियो या तस्वीर, शेयर करने की ज़रूरत भी है या नहीं.

5 Ways to Make Sure Information Online is Reliable | United Nations Verified Initiative