युवा सम्मेलन में, होनहार उद्यमियों व रचनाकारों के चमत्कारी अनुभव
दुनिया के अनेक हिस्सों से, युवा रचनाकारों और उद्यमियों ने, जिनीवा में आयोजित युवा सम्मेलन में इस बारे में, अपने अदभुत अनुभव बाँटे हैं कि उन्होंने किस तरह, अपने समुदायों और पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव सम्भव बनाए हैं और अन्य लोग भी ऐसा ही, किस तरह से कर सकते हैं.
जिनीवा में गुरूवार को शुरू हुए युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में छह आमंत्रित युवाओं ने शिरकत की जिनमें 22 वर्षीय प्रवाल भित्ति Coral reef) पुनर्बहाली में सक्रिय टीटोउवान बेरनीकोट और 15 वर्षीय Cyberbullying यानि ऑनलाइन मंचों पर बदमाशी विरोधी कार्यकर्ता गीतांजली राव भी शामिल थे.
गीतांजलि राव अमेरिका से हैं और उन्हें टाइम पत्रिका, वर्ष की सर्वश्रेष्ठ किशोरी भी घोषित कर चुकी है.
उन्होंने इस सम्मेलन के लिये जिनीवा में आमंत्रित प्रतिभागियों और ऑनलाइन शिरकत कर रहे इच्छुकों को, अपने स्मार्टफ़ोन ऐप के बारे में जानकारी दी जिसका नाम है – Kindly.
उन्होंने बताया कि यह ऐप, बदमाशी करने वालों की मदद करने के लिये बनाया है कि वो अपना सम्भावित हानिकारक और तकलीफ़ पहुँचाने वाला सन्देश, ऑनलाइन माध्यमों के पर भेजने से पहले, उस पर फिर से विचार करें.
यह ऐप जाँच-पड़ताल और टैस्टिंग की अन्तिम अवस्था में है और कुछ ही सप्ताहों के भीतर, इस्तेमाल के लिये उपलब्ध हो सकेगा.
बदमाशी की शब्दावली की परख
गीतांजलि राव ने बताया कि ये ऐप ऐसी टैक्नॉलॉजी का प्रयोग करता है जो ऐसे शब्दों और वाक्यों की पहचान करता है जो बदमाशी के दायरे में आ सकते हैं, जब कोई व्यक्ति किसी अन्य को एसएमएस, ईमेल या फिर सोशल मीडिया मंचों पर सन्देश भेजते हैं.
ये ऐप, सन्देश भेजने वाले व्यक्ति को ये पुनर्विचार करने के लिये प्रेरित करता है कि क्या वाक़ई वो कोई सन्देश भेजना चाहतें, क्योंकि सन्देश में बात कहने का सही तरीक़ा नहीं अपनाया गया है.
गीतांजलि राव ने कहा, “मैंने एक लेख पढ़ा था जिसमें कहा गया था कि किसी किशोर व्यक्ति को यह पुनर्मूल्यांकन करने में केवल सात सेकेण्ड का समय लगता है कि वो क्या सन्देश भेजने वाले हैं – और हम उन्हें यही महत्वपूर्ण सात सेकेण्ड का समय, इस ऐप – Kindly के ज़रिये देने जा रहे हैं.”
प्रवाल भित्ति चमत्कार
22 वर्षीय प्रवाल भित्ति सुधारक टीटोउवान बेरनीकोट ने बताया कि किस तरह उन्हें, 16 वर्ष की उम्र में ये मिशन मिला, जब उन्होंने फ्रेंच पॉलीनेशिया में तैराकी करने के दौरान देखा कि किस तरह समुद्री जीवन उनकी आँखों के सामने ग़ायब होता जा रहा.
उन्होंने अपने माता-पिता को इसके लिये राज़ी करने में कामयाबी हासिल कर ली कि इन प्रवाल भित्तियों को बचाना बहुत ज़रूरी है.
तब 18 वर्षीय टीटोउवान बेरनीकोट ने अपने स्कूल से कुछ दूरी बनाई और अपने घर के एक कमरे में एक कार्यालय बनाया, जहाँ से उन्होंने समुद्री जीवन को सहेजने की ख़ातिर एक वैश्विक आन्दोलन शुरू किया.
उनका मक़सद ऐसे कथित सुपर प्रवाल भित्तियाँ एकत्र करना है जो जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने में ज़्यादा सक्षम हों.
केनया करुणा
केनया की स्टेसी डीना एढियाम्बो ने बताया कि उन्होंने किस तरह अपने दोस्तों के साथ मिलकर, महिला जननांग विकृति की रोकथाम के लिये, iCut नामक ऐप बनाया.
21 वर्षीय स्टेसी डीना एढियाम्बो ने बताया कि वैसे तो महिला जननांग विकृति, जिसे महिला ख़तना भी कहा जाता है, केनया में ग़ैर-क़ानूनी है, मगर फिर भी यह भेदभावपूर्ण प्रथा अब भी चोरी-छुपे जारी है, जिसमें 15 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले ही लड़कियों का ख़तना कर दिया जाता है.
उन्होंने बताया कि लम्बे समय से चली आ रही इस प्रथा को, लैंगिक भेदभाव और पितृसत्तात्मक नज़रिया, जारी रखने के लिये मजबूर कर रहे हैं.
निर्धनता भी एक प्रमुख कारक है क्योंकि बहुत से परिवार अपनी बेटियों का ख़तना होने के अभाव में या तो उनकी शादियाँ नहीं कर पाते या फिर उन्हें दहेज नहीं मिल पाता है.
उन्होंने कहा कि इन्हीं हालात ने हमें प्रेरित किया कि इस प्रथा को बन्द करना ही होगा क्योंकि ये किशोर लड़कियाँ हैं और इनकी सुरक्षा बहुत अहम है.