इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में हमलावर हवाई कार्रवाई की ख़बरों पर 'गहरी चिन्ता'

18 अक्टूबर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र की राजधानी मैकेल्ले में, रिहायशी इलाक़ों पर हवाई हमलों की ख़बरों को चिन्ताजनक क़रार दिया है. 

महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि इस सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी की पुष्टि की जा रही है.  

मगर, प्रभावित इलाक़ों के निवासियों और वहाँ काम कर रहे आम नागरिकों पर इस हमले के सम्भावित असर के प्रति चिन्ता व्याप्त है. 

यूएन प्रवक्ता के मुताबिक़, उत्तरी इथियोपिया में हिंसक संघर्ष में तेज़ी आई है, जिस पर महासचिव को गहरी चिन्ता है. 

क़रीब एक वर्ष पहले, टीगरे में इथियोपियाई सेना और ‘टीगरे पीपुल्स लिबरेशन फ़्रण्ट’ (TPLF) के बीच हिंसा भड़क उठी थी. टीपीएलफ़ इस क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख राजनैतिक गुट है.   

हिंसक टकराव में हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंकाएँ हैं और व्यापक पैमाने पर मानवाधिकार हनन के भी आरोप सामने आए हैं. 

बताया गया है कि 20 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने के लिये मजबूर होना पड़ा है.

पिछले कुछ महीनों में, हत्याओं और लूटपाट के बीच मानवीय आवश्यकताएँ बढ़ी हैं. साथ ही, स्वास्थ्य केन्द्रों व खेती-बाड़ी के लिये सिंचाई प्रणाली समेत फ़सल उत्पादन के अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचों को नुक़सान पहुँचा है.

संकटपूर्ण हालात

यूएन प्रवक्ता ने बताया कि महासचिव गुटेरेश ने सभी पक्षों से नागरिकों या नागरिक संस्थाओं को निशाना नहीं बनाए जाने का आग्रह किया है. 

इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र के एक उत्तरी इलाक़े में, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के वितरण केन्द्र से खाद्य सामग्री उतारे जाते हुए.
© WFP/Claire Nevill
इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र के एक उत्तरी इलाक़े में, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के वितरण केन्द्र से खाद्य सामग्री उतारे जाते हुए.

साथ ही उन्होंने हिंसा व टकराव से पीछे हटने की अपनी अपील दोहराई है. 

“उन्होंने, पक्षों से लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देने और अति-महत्वपूर्ण मानवीय राहत सहायता के प्रवाह के लिये ज़रूरी समर्थन देने का आग्रह किया है. इनमें ईंधन व दवाओं की आवाजाही को सम्भव बनाना भी शामिल है.”

स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि नक़दी और ईंधन सहित अन्य अति-आवश्यक सामग्री की क़िल्लत है, जिसकी वजह से टीगरे में राहत अभियानों पर गम्भीर असर हुआ है.

एक अनुमान के अनुसार, कम से कम चार लाख लोग, अकाल जैसी परिस्थितियों का सामना करने के लिये मजबूर हैं.

अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के तहत, नागरिकों व नागरिक प्रतिष्ठानों की रक्षा सुनिश्चित किया जाना, सभी पक्षों का दायित्व है.

इनमें उन सैकड़ों मानवीय राहतकर्मियों की सुरक्षा भी शामिल है जो लाखों लोगों तक मानवीय राहत पहुँचाने के लिये अपने अथक प्रयास जारी रखे हुए हैं. 

यूएन प्रवक्ता के अनुसार, स्थानीय निवासी वहाँ जारी लड़ाई में फँस गए हैं और मौजूदा हालात में एजेंसियों को, जीवनरक्षक अभियान का दायरा कम करने के लिये मजबूर होना पड़ा है. 

यह ऐसे समय में हो रहा है जब लोगों को भोजन, जल वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं की सर्वाधिक आवश्यकता है.

मानवीय सहायता प्रयास

बताया गया है कि टीगरे में हिंसक संघर्ष अब पड़ोसी क्षेत्रों, अमहारा और अफ़ार में भी फैल गया है, जहाँ मानवीय सहायता के लिये ज़रूरतमन्द लोगों तक पहुँच पाने के काम में बाधाएँ पेश आ रही हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया है कि सभी तीन क्षेत्रों – टीगरे, अमहारा और अफ़ार – में क़रीब 70 लाख लोगों को खाद्य सहायता की आवश्यकता है. 

इनमें ज़रूरतमन्द लोगों की सबसे बड़ी संख्या टीगरे में है जोकि लगभग 52 लाख है.

संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से सभी क्षेत्रों में, राहत सामग्री और राहतकर्मियों की, त्वरित व निर्बाध आवाजाही सम्भव बनाने के लिये आहवान किया है.

इन प्रयासों के तहत नक़दी व ईंधन पहुँचाया जाना भी शामिल है, जिसके बिना राहतकर्मियों के लिये सहायता कार्य सुचारू रूप से जारी रख पाना मुश्किल होगा. 

 

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