देशों से, अफ़ग़ान शरणार्थियों के बिछड़े हुए परिवारों को मिलाने का आग्रह

15 अक्टूबर 2021

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने शुक्रवार को देशों से आग्रह किया है कि अफ़ग़ान शरणार्थियों के परिवारों को फिर से मिलाने के लिये तेज़ी से प्रयास किये जाने होंगे. यूएन एजेंसी ने आगाह किया कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट गहरा रहा है और बड़ी संख्या में शरणार्थियों के परिजन या तो देश में ही पीछे छूट गए हैं या फिर अन्य पड़ोसी देशों में विस्थापित के रूप में रहने के लिये मजबूर हैं.

यूएन एजेंसी की प्रवक्ता शाबिया मन्टू ने शुक्रवार को जिनीवा में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि अफ़ग़ान शरणार्थी, यूएन कार्यालय से सम्पर्क कर के, अपने प्रियजनों की सुरक्षा व कल्याण के प्रति चिन्ता व्यक्त कर रहे हैं. 

“अफ़ग़ानिस्तान में हाल के राजनैतिक घटनाक्रम से व्यापक स्तर पर सीमा-पार विस्थापन तो नहीं हुआ है, मगर पहले से मौजूद अफ़ग़ान शरणार्थियों और शरण की तलाश कर रही आबादी में, बहुत से लोग अपने परिवारों से अलग हैं.”

उन्होंने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह परिवारों के लिये पुनर्एकीकरण प्रक्रियाओं की सुलभता का अभाव है. 

यूएन एजेंसी ने परिजनों को फिर से मिलाने में तेज़ी लाये जाने की पुकार ऐसे समय में लगाई है जब अफ़ग़ानिस्तान में सर्दी के मौसम से पहले मानवीय संकट गम्भीर रूप धारण कर रहा है.

देश की लगभग आधी आबादी - दो करोड़ लोग - मानवीय राहत पर निर्भर हैं.    

संयुक्त राष्ट्र ने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था के मद्देनज़र, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन का आहवान किया है. मगर, 60 करोड़ डॉलर की सहायता धनराशि की अपील में से अब तक 38 फ़ीसदी राशि का ही प्रबन्ध हो पाया है. 

यूएन एजेंसी के मुताबिक राहत वितरण केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोगों का आना जारी है और परिवारों, महिलाओं व बच्चों को विकट हालात में देखना हृदयविदारक है. 

यूएन एजेंसी देशों की सरकारों से अफ़ग़ान शरणार्थियों और पीछे छूट गए उनके परिवारों को फिर से मिलाने के लिये प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उन्हें प्राथमिकता दिये जाने का आग्रह किया है.  

परिवार पुनर्एकीकरण (family reunification) प्रक्रियाएँ, शरणार्थियों को फिर से बसाने (resettlement) वाले कार्यक्रमों से अलग होती हैं, लेकिन शरणार्थियों को अन्य देशों तक सुरक्षित व क़ानूनी रूप से पहुँचाने के एक रास्ते के तौर पर उनका इस्तेमाल किया जा सकता है.

इससे शऱणार्थियों द्वारा ख़तरों भरे और अनियमित मार्गों से जोखिमपूर्ण यात्राएँ करने की सम्भावना को कम किया जा सकता है.  

परिवार पुनर्एकीकरण अहम

यूएन एजेंसी के मुताबिक़, पुनर्एकीकरण प्रयासों के ज़रिये परिवार की एकता बनाये रखने में मदद मिलती है, और इस सिद्धान्त को अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत संरक्षण प्राप्त है. 

साथ ही, अफ़ग़ानिस्तान में असाधारण हालात को ध्यान में रखते हुए, इसके ज़रिये ज़िन्दगियों की रक्षा करने में भी मदद मिलेगी. 

कुछ देशों ने मानवीय आधार पर जारी वीज़ा जारी करने और अफ़ग़ान परिवारों के पुनर्एकीकरण प्रक्रियाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाये जाने की प्रतिबद्धता जताई है. 

यूएन एजेंसी ने सभी देशों से इन उपायों को सरल व त्वरित बनाने और ऐसे आवेदनों में उदार व मानवीय रुख़ अपनाये जाने का आग्रह किया है. 

मगर, अफ़ग़ानिस्तान में अनेक दूतावासों और कौंसुलेट के बन्द होने की वजह से शरणार्थियों को प्रशासनिक व दस्तावेज़ सम्बन्धी अहर्ताओं को पूरा करने में चुनौतियों को सामना करना पड़ सकता है.

इसे ध्यान में रखते हुए, यूएन एजेसीं ने देशों से अपनी प्रक्रियाओं में बदलाव लाने का सुझाव देते हुए, ऑनलाइन इण्टरव्यू सहित अन्य उपायों का सहारा लिये जाने का अनुरोध किया है. 

 

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