आपदा राहत सहायता के लिये तत्पर मानवीय राहतकर्मियों की रक्षा की पुकार 

19 अगस्त 2021

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार, 19 अगस्त, को विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर, आपदाओं व त्रासदियों के दौरान निर्बलतम समुदायों की मदद के लिये तत्पर मानवीय सहायताकर्मियों की सराहना करते हुए उनकी रक्षा सुनिश्चित किये जाने के लिये हरसम्भव प्रयासों की पुकार लगाई है.   

वर्ष 2021 में, विश्व भर में 23 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को मानवीय राहत व संरक्षण की आवश्यकता थी. 

विश्व मानवीय दिवस 2021 के अवसर पर, दुनिया के सबसे निर्बल समुदायों पर जलवायु आपात स्थिति के तात्कालिक प्रभावों को रेखांकित किया जा रहा है.

जलवायु संकट से घरों, आजीविका व विश्व के निर्धनतम लोगों के जीवन के लिये ख़तरा उत्पन्न हो गया है. 

इस क्रम में, गहराते जलवायु संकट की तात्कालिक मानवीय क़ीमत के मद्देनज़र, विश्व नेताओं से निर्बलतम समुदायों के लिये अर्थपूर्ण जलवायु कार्रवाई का आग्रह किया गया है.  

साथ ही, नवम्बर 2021 में स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले वार्षिक जलवायु शिखर सम्मेलन (COP26) के दौरान, उनकी आवाज़ों और ज़रूरतों को सम्मेलन के एजेण्डा में शामिल किये जने की बात कही गई है.

यूएन प्रमुख ने अपने सन्देश में मानवीय राहतकर्मियों को श्रृद्धांजलि देते हुए, उनकी व उनके बहुमूल्य प्रयासों की रक्षा करने के लिये हरसम्भव प्रयास करने की पुकार लगाई है.   

#TheHumanRace मुहिम 

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि हैशटैग #TheHumanRace की मदद से, दैनिक कसरत के ज़रिये वैश्विक नेताओं को यह सन्देश भेजने में मदद मिलेगी कि जलवायु कार्रवाई में किसी को भी पीछे ना छूटने दिया जाए.  

“जलवायु आपात स्थिति एक ऐसी दौड़ है, जिसे हम हार रहे हैं. मगर इस दौड़ को हम जीत सकते हैं, और हमें जीतना ही होगा.” 

यूएन प्रमुख ने अपने दौड़ने वाले जूतों के फीते बाँधने, #TheHumanRace मुहिम का हिस्सा बनने और हर किसी से इस दौड़ को पूरी करने वाली रेखा को पार करने के लिये कहा है.

इस मुहिम के तहत, 16 अगस्त और 31 अगस्त के बीच कुल मिलाकर 100 मिनटों के लिये, अपनी पसंद की किसी गतिविधि – दौड़ना, साइकिल चलाना, पैदल चलना – को पूरा करना है. 

इसका लक्ष्य, विश्व के सर्वाधिक निर्बलों के लिये एकजुटता प्रदर्शित करना और विश्व नेताओं से जलवायु अनुकूलन व कार्बन उत्सर्जन में कटौती के वादों को पूरा किये जाने का आहवान करना है.

धनी देशों से हर वर्ष 100 अरब डॉलर का इन्तज़ाम करने का आग्रह किया गया है ताकि विकासशील देशों को ज़रूरी सहायता प्रदान की जा सके.

बढ़ते ख़तरे

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि आपदाओं के समय में, मानवीय राहतकर्मी विश्व के सबसे निर्बलों की मदद के लिये तत्पर रहते हैं. 

मगर दुनिया भर में, राहतकर्मियों को बढ़ते ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है. 

अतीत के 20 वर्षों में, गोलीबारी, अपहरण की घटनाएँ और मानवीय राहत संगठनों पर अन्य हमले दस गुना बढ़ गए हैं. 

कोलम्बिया में शरण स्थलों में रह रहे वेनेज़्वेला के नागरिकों को कोविड-19 के दौरान सहायता प्रदान की गई.
PAHO/Karen González
कोलम्बिया में शरण स्थलों में रह रहे वेनेज़्वेला के नागरिकों को कोविड-19 के दौरान सहायता प्रदान की गई.

इसी वर्ष, हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम 72 मानवीय राहतकर्मी मारे गए हैं. 

वर्ष 2020 में 475 राहतकर्मियों पर हमले हुए, 108 राहतकर्मियों की मौत हुई, 242 घायल हुए और 125 को अगवा किया गया.

हिंसा की अधिकाँश घटनाएँ दक्षिण सूडान, सीरिया और काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हुई हैं. वहीं, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य और माली में, वर्ष 2018 से हिंसक घटनाओं की संख्या दोगुनी हो चुकी हैं. 

अन्तरराष्ट्रीय दिवस

विश्व मानवीय दिवस, इराक़ की राजधानी बग़दाद के कैनाल होटल में 19 अगस्त 2003 को हुए बम हमले की स्मृति में मनाया जाता है. 

इस हमले में, इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवीय राहत अधिकारी सर्गियो वियेरा डे मेलो सहित 22 लोगों की मौत हो गई थी. 

वर्ष 2009 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को विश्व मानवीय दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी. 

 

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