इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में एरिट्रियाई शरणार्थियों के शिविरों से सम्पर्क बहाल 

10 अगस्त 2021

इथियोपिया के युद्ध से बदहाल टीगरे क्षेत्र में यूएन राहतकर्मी, एरिट्रियाई नागरिकों के लिये बनाए गए दो शरणार्थी शिविरों तक पहुँच गए हैं. पिछले महीने लड़ाई के दौरान इस इलाक़े से सम्पर्क टूट गया था, जिसके बाद पहली बार राहत टीम वहाँ पहुँची है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता बॉरिस चेशिरकोफ़ ने मंगलवार को जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि इन शिविरों के 23 हज़ार बाशिन्दों को आपात राहत मुहैया कराई गई है. 

उनके पास 13 जुलाई से सहायता नहीं पहुँच पाई थी. मगर उन्होंने सचेत भी किया है कि दक्षिणी टीगरे के माइ एयनी और अदि हारुश शिविरों तक सीमित ढंग से ही पहुँच पाना सम्भव हुआ है.

यहाँ स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं और स्वच्छ पेयजल की भी क़िल्लत शुरू हो गई है. 

“माइ एयनी और अदि हारुश के लिये...13 जुलाई को हमारा सम्पर्क टूट गया था, चूँकि सुरक्षा हालात नाज़ुक थे और इलाक़े में झड़पें हो रही थीं.”

यूएन एजेंसी प्रवक्ता ने बताया कि राहतकर्मियों को वहाँ पहुँचने में सफलता मिली है और यह एक सकारात्मक बदलाव है. 

इसके ज़रिये, टीगरे में बेहद ज़रूरतमन्द और विस्थापित लोगों को कुछ हद तक सहायता प्रदान करने में सफलता मिली है.

सुरक्षित रास्ते की मांग

यूएन एजेंसी प्रवक्ता ने कहा कि शिविरों में रह रहे लोगों की रक्षा के लिये, उन्हें डाबात नगर के पास नए केन्द्रों तक पहुँचाया जा सकता है, जिसके लिये सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाना होगा.

उन्होंने बताया कि उत्तरी टीगरे में एरिट्रियाई नागरिकों के लिये दो अन्य शिविर इस वर्ष के आरम्भ में तबाह हो गए थे. 

इथियोपिया की सरकार ने 4 अगस्त से, अदीस अबाबा में एरिट्रियाई शरणार्थियों के लिये अस्थाई पहचान दस्तावेज़ जारी करने की बात कही है, जिसका यूएन एजेंसी ने स्वागत किया है.   

ये पहचान-पत्र तीन वर्ष के लिये मान्य होंगे, और इनके ज़रिये, सहायता, सेवाएँ व संरक्षण को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. 

यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता के मुताबिक़, टीगरे में मानवीय राहत रास्ता, पिछले सप्ताह से बेहतर हुआ है और एजेंसी के कर्मचारी 12 ट्रकों में आपात राहत सहायता लेकर राजधानी मेकेल्ले पहुँचे हैं. 

इसके बावजूद टीगरे और पूरे क्षेत्र में निर्बाध आवाजाही को सम्भव बनाने का आग्रह किया गया है ताकि ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता व संरक्षा पहुँचाई जा सके. 

यूएन एजेंसी की ओर से यह अपील टीगरे के पड़ोसी क्षेत्रों में लड़ाई से जान बचाकर भाग रहे समुदायों के लिये उपजी चिन्ताओं के बीच जारी की गई है.

व्यापक स्तर पर विस्थापन

बताया गया है कि अफ़ार और अमहारा में लगभग एक लाख लोगों के विस्थापित होने की ख़बर है. 

शरणार्थियों के सीमा पार करके इथियोपिया से सूडान पहुँचने की भी ख़बरें हैं. पिछले महीने 275 से ज़्यादा शरणार्थी, टीगरे की सीमा से लगे, सूडान के हमदायेत इलाक़े में पहुँचे थे. इनमें 40 एरिट्रियाई नागरिक थे. 

यूएन एजेंसी ने हिंसा प्रभावित टीगरे क्षेत्र में साढ़े सात लाख लोगों की मदद के लिये, 16 करोड़ 45 लाख डॉलर की धनराशि जुटाने की अपील की है. 

इसके अलावा सूडान में एक लाख 20 हज़ार इथियोपियाई शरणार्थियों को भी मदद की आवश्यकता है. 

इस धनराशि के ज़रिये लोगों के लिये शरण, घरेलू सामान, संरक्षण का इन्तज़ाम किया जाएगा. साथ ही, टीगरे में लिंग-आधारित हिंसा में जीवित बच गए पीड़ितों के लिये समर्थन भी सुनिश्चित किया जाएगा. 

इसके समानान्तर, लगभग साढ़े छह करोड़ डॉलर की मदद पहुँचाकर, पूर्वी सूडान और ब्लू नाइल राज्य में, यूएन एजेंसी की जवाबी कार्रवाई को मज़बूत किया जाएगा.

 

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