कोविड-19 का पर्यटन पर भीषण असर – चार हज़ार अरब डॉलर के नुक़सान की आशंका

कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप हवाई यात्रियों की संख्या में 60 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
Unsplash/Ismail Mohamed - SoviLe
कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप हवाई यात्रियों की संख्या में 60 फ़ीसदी की गिरावट आई है.

कोविड-19 का पर्यटन पर भीषण असर – चार हज़ार अरब डॉलर के नुक़सान की आशंका

आर्थिक विकास

वैश्विक महामारी कोविड-19 ने अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है और वर्ष 2020 व 2021 में विश्व अर्थव्यवस्था को लगभग चार हज़ार अरब डॉलर का आर्थिक नुक़सान होने की आशंका है. इसकी एक वजह, विकासशील देशों में व्यापक स्तर पर टीकाकरण प्रयासों के अभाव को बताया गया है.

व्यापार एवँ विकास पर यूएन सम्मेलन (UNCTAD) ने विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) के साथ बुधवार को, साझा रूप से इस सम्बन्ध में अपनी नई रिपोर्ट जारी की है.  

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महामारी से पर्यटन क्षेत्र पर हुए प्रत्यक्ष असर और उससे प्रभावित अन्य क्षेत्रों पर नुक़सान का आकलन करने के बाद ये आँकड़ा हासिल किया गया है. बताया गया है कि आर्थिक हानि उम्मीद से कहीं ज़्यादा है. 

जुलाई 2021 में, यूएन एजेंसी का अनुमान था कि अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन में आए ठहराव से विश्व अर्थव्यवस्था को एक हज़ार 200 अरब डॉलर से लेकर, तीन हज़ार 300 अरब डॉलर तक का नुक़सान हो सकता है. 

रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2020 में पर्यटकों के आवागमन में आई तेज़ गिरावट के कारण, दो हज़ार 400 अरब डॉलर का आर्थिक नुक़सान हुआ.

रिपोर्ट में पेश किये गए परिदृश्यों के अनुसार अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन में इस वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतरी की उम्मीद है.

इसके बावजूद वर्ष 2019 के स्तर की तुलना में एक हज़ार 700 अरब डॉलर से लेकर दो हज़ार 400 अरब डॉलर के बीच का नुक़सान होने की आशंका है. यह आँकड़ा कुछ हद तक टीकाकरण की रफ़्तार पर भी निर्भर करेगा.

यूएन एजेंसी की कार्यवाहक महासचिव इज़ाबेल डुराण्ट ने बताया, “दुनिया को एक वैश्विक टीकाकरण प्रयास की आवश्यकता है, जो कामगारों की रक्षा करे, सामाजिक असर के दुष्प्रभाव कम करे, और भावी ढाँचागत बदलावों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन के सम्बन्ध में रणनैतिक निर्णय ले.” 

पर्यटन लाखों-करोड़ों लोगों के लिये एक जीवनरेखा है, टीकाकरण को बढ़ावा देकर समुदायों की रक्षा की जा सकती है और इस क्षेत्र की सुरक्षित पुनर्बहाली सुनिश्चित की जा सकती है. 

इससे रोज़ागरों की रक्षा करने और अर्थव्यवस्था के लिये संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से विकासशील देशों में.

विकासशील देश अधिक प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक़ अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में वर्ष 2020 के दौरान लगभग एक अरब, यानि 73 प्रतिशत की गिरावट आई. वर्ष 2021 की पहली तिमाही में यह गिरावट 88 फ़ीसदी आँकी गई. 

विकासशील देशों में पर्यटन पर महामारी का ज़्यादा असर हुआ है, और पर्यटकों के आगमन में 60 से 80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. 

इन्हीं देशों में वैक्सीन वितरण में विषमता देखने को मिल रही है. यूएन एजेंसियों ने सचेत किया है कि कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत उपलब्धता के अभाव ने, पर्यटन क्षेत्र के लिये संकट को विशाल बना दिया है. 

रिपोर्ट के मुताबिक़ जिन देशों में टीकाकरण की ऊँची दर है, वहाँ पर्यटन सैक्टर के जल्द उबर पाने की उम्मीद है. उदाहरण के तौर पर, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका.

मगर अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों के आवागमन को, महामारी के पूर्व के दौर के स्तर तक लौटने में 2023 या उससे भी बाद तक का समय लग सकता है. 

अनेक प्रकार की यात्रा पाबन्दियों, वायरस पर क़ाबू पाने की धीमी रफ़्तार, यात्रियों में विश्वास की कमी और ख़राब आर्थिक माहौल इसकी वजहों के रूप में गिनाए गए हैं.