इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में हालात गम्भीर - स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट, अकाल का ख़तरा

29 जून 2021

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने इथियोपिया में हिंसा प्रभावित टीगरे क्षेत्र में अनिश्चित हालात पर चिन्ता जताई है. सरकार द्वारा युद्धविराम की अपील के बावजूद यह इलाक़ा अकाल जैसी परिस्थितियों से जूझ रहा है और वहाँ बीमारियाँ फैलने की भी आशंका है.

इससे पहले, कई महीनों की भीषण लड़ाई के बाद सोमवार को विरोधी गुट के वफ़ादार सैनिकों के क्षेत्र की राजधानी म्कैले में प्रवेश करने की ख़बरें मिली थीं.

म्कैले में वीडियो उपकरण की लूट के बाद, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने एक बयान जारी कर इस घटना के दोषियों की निन्दा की थी.

इसी महीने में, यूएन एजेंसी ने एक लाख 40 हज़ार से ज़्यादा बच्चों के गम्भीर कुपोषण का शिकार होने की चेतावनी जारी की थी. मानवीय सहायता के अभाव में पीड़ितों के जीवन पर जोखिम मंडरा रहा है. 

यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता बोरिस चेशिरकोफ़ ने हिंसा प्रभावित टीगरे, विशेष रूप से राजधानी म्कैले से प्राप्त रिपोर्टों पर गहरी चिन्ता जताई है.

“हालांकि हम अपने सभी कर्मचारियों के सुरक्षित व सलामत होने पर शुक़्रगुज़ार हैं, मगर संचार के अभाव की वजह से चिन्तित भी हैं. बिजली और फ़ोन नैटवर्क, दोनों ही काम नहीं कर रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि इन हालात में यूएन कर्मचारियों के लिये काम कर पाना और मानवीय सहायता को सुनिश्चित करना और भी कठिन हो गया है. 

“हम शान्ति व संयम की पुकार लगाते हैं और सभी युद्धरत पक्षों से विस्थापितों सहित आम नागरिकों की रक्षा करने के अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का अनुपालन करने की अपील करते हैं.”

“और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मानवीय राहतकर्मी अपने दायित्वों को पूरा करना जारी रख सकें और जितनी अधिक संख्या में सम्भव हो उतने लोगों तक पहुँच सकें...जिन्हें अभी सहायता की बेहद ज़रूरत है.” 

सुरक्षा हालात चिन्ताजनक

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन चिन्ताओं को साझा करते हुए बताया है कि यूएन एजेंसी, अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिये आवश्यक क़दमों को उठा रही है. 

इसके समानान्तर, ज़रूरतमन्दों तक ज़रूरी सेवाओं को पहुँचाने के हरसम्भव प्रयास किये जा रहे हैं. 

इन सक्रिय प्रयासों के तहत घरेलू विस्थापितों के लिये शिविरों का प्रबन्ध किया गया है, ज़रूरी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुलभ बनाया गया है और सचल स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या को भी बढ़ाया गया है. 

हिंसा की चपेट में आए क्षेत्र में हैज़ा, ख़सरा और मलेरिया समेत अन्य बीमारियों के फैलने की आशंका के मद्देनज़र गहरी चिन्ता है.

इथियोपिया के सरकारी सुरक्षा बलों और क्षेत्र में दबदबा रखने वाली टीगरे पीपल्स लिबरेशन फ्रण्ट के वफ़ादार लड़ाकों के बीच आठ महीने से लड़ाई हो रही है. 

बताया गया है कि मौजूदा हालात में अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लोग निरन्तर विस्थापन का शिकार हो रहे हैं और अकाल का साया मंडरा रहा है. 

भोजन, स्वच्छ जल, सुरक्षित शरण व स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में संक्रामक व ऐसे रोगों के फैलने का जोखिम बढ़ रहा है जिनकी वैक्सीन के ज़रिये रोकथाम की जा सकती है. 

 

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