कोविड-19: लगातार सातवें हफ़्ते संक्रमण मामलों में गिरावट दर्ज

14 जून 2021

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि पिछले सात हफ़्तों से कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि मृतक संख्या में गिरावट की रफ़्तार कम है. डेढ़ वर्ष में वैश्विक महामारी के दौरान यह पहली बार है जब इतनी लम्बी अवधि तक संक्रमितों की संख्या में कमी नज़र आई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने जी-7 समूह के देशों द्वारा वैक्सीन को साझा किये जाने की घोषणा का स्वागत किया है, मगर दोहराया है कि इन ख़ुराकों को जल्द से जल्द वितरित किया जाना होगा.

 

विश्व भर में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 17 करोड़ 56 लाख मामले दर्ज किये जा चुके हैं और 38 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष फ़रवरी के बाद से एक सप्ताह में दर्ज किये जाने वाले मामले सबसे कम स्तर पर हैं, मगर मृतक संख्या में उतनी तेज़ी से गिरावट दर्ज नहीं की गई है.

“पिछले सप्ताह मृतक संख्या, उससे पहले के हफ़्ते के समान थी, और वैश्विक स्तर पर गिरावट, अनेक देशों में मामलों और मृतकों की संख्या में चिन्ताजनक बढ़ोत्तरी को छिपा रही हैं.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि अफ़्रीका में वैक्सीनों, निदानों व ऑक्सीजन आपूर्ति की बेहद कमी है, और ऐसे में वहाँ संक्रमण के मामलों में तेज़ी से चिन्ता उभर रही है.  

लान्सेट मेडिकल जर्नल के मुताबिक अन्य क्षेत्रों के अपेक्षा अफ़्रीका में कोरोनावायरस संक्रमण के कम मामले दर्ज किये गए हैं, मगर गम्भीर रूप से बीमार मरीज़ों के लिये मृत्यु दर वहाँ सबसे अधिक है.

नए तथ्य दर्शाते हैं कि वायरस के नए प्रकार की वजह से दुनिया भर में फैलाव की गति तेज़ हुई है, ख़ासकर उन लोगों के लिये ख़तरा बढ़ गया है जोकि सुरक्षा के दायरे से बाहर हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने आगाह किया है कि फ़िलहाल वायरस, वैश्विक स्तर पर वैक्सीन वितरण की गति से ज़्यादा रफ़्तार से फैल रहा है.  

उन्होंने कहा कि जी-7 और जी-20 समूह के देशों के पास वैक्सीन की 11 अरब ख़ुराकों को प्रदान करने की क्षमता है और उन्हें ऐसा करना चाहिये.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, ACT Accelerator पहल, और महामारी से निपटने की तैयारियों के लिये प्रस्तावित सन्धि के लिये जी-7 के समर्थन का स्वागत किया है.

साथ ही निर्धन देशों के लिये 87 करोड़ वैक्सीन की ख़ुराकों को साझा किये जाने की घोषणा की सराहना की है, जिसे मुख्यत: न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये स्थापित कोवैक्स पहल के ज़रिये भेजा जाएगा.

वैक्सीन की तत्काल ज़रूरत

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक बड़ी सहायता है मगर इन वैक्सीनों को जल्द से जल्द साझा किया जाना होगा. हालात गम्भीर हैं, हर दिन 10 हज़ार लोगों की मौत हो रही है और इसी प्रेस वार्ता की अवधि में 420 लोगों की जान चली जाएगी.

“समुदायों को वैक्सीन की ज़रूरत अभी है, अगले साल नहीं.”

संगठन प्रमुख के मुताबिक जी-7 देशों में टीकाकरण की ऊँची दर के ज़रिये कोविड-19 के मामलों और मौतों को कम करने में सफलता मिली है.

मगर अधिकाँश देश अब भी कोविड संक्रमण से बचाव के लिये सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक उपायों का सहारा ही ले रहे हैं. ऐसे में, वायरस के ज़्यादा संक्रामक प्रकारों के कारण उन इलाक़ों में ज़्यादा ख़तरा है जहाँ टीकाकरण की दर कम है.

महानिदेशक घेबरेयेसस के मुताबिक सभी देशों को ऐसे उपायों को लागू करना चाहिये जिनसे सामाजिक जीवन में असर को कम करते हुए, सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ को सुनिश्चित किया जाए.

तथ्य-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक उपायों की कारगरता को बढ़ाने के लिये, यूएन एजेंसी दुनिया भर में आँकड़ों को एकत्र कर रही है.

इससे यह समझना सम्भव होगा कि किन उपायों को, किस स्तर पर और कहाँ उपाय में लाया जाना सबसे कारगर है. 

 

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