इथियोपिया: युद्ध से बदहाल टीगरे क्षेत्र में ख़राब हालात पर गम्भीर चिन्ता

28 मई 2021

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में विस्थापित आबादी के साथ दुर्व्यवहार के मामलों पर गहरी चिन्ता जताई है. ख़बरों के अनुसार कम से कम 200 घरेलू विस्थापितों को मनमाने ढँग से गिरफ़्तार किया गया है. पिछले कई महीनों की लड़ाई के कारण, हिंसा प्रभावित व विस्थापन का शिकार लोग, गम्भीर खाद्य असुरक्षा का भी सामना कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने एक ऐलर्ट जारी करते हुए युद्ध से बदहाल उत्तरी इलाक़ों में लिंग आधारित हिंसा पर चिन्ता जताई है.

यूएन एजेंसी की कार्यकारी निदेशक नतालिया कानेम ने कहा, "टीगरे और अमहारा व अफ़ार के सीमावर्ती इलाक़ों में महिलाओं और किशोर लड़कियों की हालत बेहद ख़राब है."

"हम चिन्ताजनक स्तर पर यौन हिंसा को देख रहे हैं, और हज़ारों महिलाओं के पास स्वास्थ्य व संरक्षण सेवाओं तक पहुँच नहीं है."

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी कार्यालय (UNHCR) ने इस सप्ताह, टीगरे में विस्थापितों के शिविर से, सैकड़ों युवाओं को कथित रूप से अगवा किये जाने की निन्दा की है.

इससे पहले, इथियोपिया में यूएन मानवीय राहत समन्वयक कैथरीन सोज़ी ने, सैनिकों द्वारा मनमाने ढँग से की जा रही गिरफ़्तारियों, 200 से ज़्यादा लोगों की पिटाई और उनके साथ बुरे बर्ताव की घटनाओं की निन्दा की थी.

बताया गया है कि सोमवार को घरेलू विस्थापितों के शिविर में सेना ने रात के समय छापेमारी की कार्रवाई की.

यूएन अधिकारी के मुताबिक शिरे नगर में स्थित प्रभावित इलाक़ों में लगभग 12 हज़ार घरेलू विस्थापित रहते हैं.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता बाबर बलोच ने कहा कि हालात सदमेपूर्ण और व्यथित कर देने वाले हैं.

उन्होंने शुक्रवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यूएन एजेंसी, इथियोपियाई प्रशासन के साथ सम्पर्क में है. "यह महत्वपूर्ण है कि हिंसा व टकराव में शामिल सभी पक्ष, इन स्थलों के नागरिक व मानवीय पहलुओं की शिनाख़्त करें, जहाँ विस्थापित लोग रह रहे हैं."

टीगरे में लड़ाई पिछले वर्ष 4 नवम्बर को, राष्ट्रीय सरकार के सुरक्षा बलों और टीगरे जन स्वतन्त्रता मोर्चा (टीपीएलएफ़) के वफ़ादार लड़ाकों के बीच शुरू हुई थी.

ज़रूरतों का बढ़ता दायरा

युद्ध से बदहाल क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पहुँच पाना सम्भव है, मगर व्यापक तौर पर ज़रूरतें, मौजूदा क्षमताओं से कहीं ज़्यादा हैं.

मानवीय राहत मामलों में समन्वय के यूएन कार्यालय (OCHA) ने बताया कि अधिकाँश ग्रामीण इलाक़े, संचार और बिजली से कटे हुए हैं.

केंद्रीय इलाक़े की आबादी - 18 लाख - सबसे अधिक है, मगर वहाँ पहुँचना आसान नहीं है.

उन्होंने आगाह किया है कि अगर मानवीय राहत स्थिति को बेहतर बनाने के लिये कार्रवाई नहीं हुई तो इसके परिणामस्वरूप, अगले कुछ महीनों में गम्भीर कुपोषण की स्थिति पैदा हो सकती है.

कैथरीन सोज़ी ने शिरे के विस्थापन शिविरों से मनमाने ढँग से गिरफ़्तार किये गए लोगों को तत्काल रिहा किये जाने की अपील की है.

उन्होंने ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानवीय और मानवाधिकार क़ानूनों की तत्काल जाँच की जानी होगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जानी होगी.

 

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