माली: यूएन प्रमुख की चिन्ताजनक नज़र, सुरक्षा परिषद की बैठक

26 मई 2021

माली में संक्रमणकालीन सरकार के समक्ष उत्पन्न हुए संकट के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार को बन्द दरवाज़ों में बैठक हुई है. पिछले वर्ष अगस्त में सैन्य तख़्तापलट की अगुवाई करने वाले सैन्य अधिकारी ने, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जबरन पद से हटने पर मजबूर कर दिया है.

ख़बरों के अनुसार, कार्यवाहक उपराष्ट्रपति कर्नल असीमी गोइता ने देश के शीर्ष नेताओं को हिरासत में ले लिया है. कर्नल गोइता की अगुवाई में ही पिछले वर्ष पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबक्र को सत्ता से बेदख़ल किया था.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इन गिरफ़्तारियों पर चिन्ता जताई है. उन्होंने कहा है कि ताज़ा घटनाक्रम के मद्देनज़र, क्षेत्र में उनके विशेष प्रतिनिधि ऐल-ग़ासिम वाने, क्षेत्रीय आर्थिक समुदाय (ECOWAS), अफ्रीकी संघ और अन्य पक्षों के साथ मिलकर प्रयास रहे हैं.  

माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन (MINUSMA) ने कथित तख़्ता पलट के इस प्रयास की निन्दा की है. यूएन मिशन ने राष्ट्रपति बाह न्डॉ और प्रधानमंत्री मोक्तार आउने की तत्काल व बिना शर्त रिहाई की माँग की है.

यूएन मिशन व साझीदार संगठनों ने आगाह किया है कि उन्हें हिरासत में लिये जाने के ज़िम्मदार, सैन्य तत्वों को उन नेताओं की सुरक्षा के लिये निजी रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा.

सम्वाद पर बल

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बुधवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि माली में यूएन मिशन, राजधानी बामाको में ECOWAS प्रतिनिधिमण्डल के साथ नज़दीकी तौर पर कार्य कर रहा है.

“हमारे विशेष प्रतिनिधि और शान्तिरक्षा मिशन के प्रमुख ऐल-ग़ासिम वाने ने ECOWAS प्रतिनिधिमण्डल द्वारा आयोजित बैठकों में हिस्सा लिया है.”

यूएन प्रवक्ता के मुताबिक यूएन मिशन, ECOWAS के प्रयासों को समर्थन प्रदान कर रहा है, और उसने सभी सम्बद्ध पक्षों से पूर्ण सहयोग का आग्रह किया है.

इसका उद्देश्य अंतरिम प्रक्रिया को तेज़ी से फिर शुरू करना है, जैसाकि चार्टर द्वारा प्रदत्त फ़्रेमवर्क में उल्लेखित है.

यूएन प्रवक्ता ने कहा कि संकट को तत्काल सुलझाया जाना बेहद अहम है, चूँकि यह एक अतिरिक्त चुनौती पैदा कर रहा है जिससे शान्ति समझौते को लागू करने पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

इस बीच, महासचिव गुटेरेश माली में हालात पर चिन्तित हैं और घटनाक्रम पर क़रीबी नज़र रखे हुए हैं.

फ़्राँस, निजेर, ट्यूनीशिया, केनया और सेण्ट विन्सेण्ट एण्ड द ग्रेनेडीन्स के आग्रह पर इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है.

 

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