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भारत: संक्रमण मामलों में तेज़ी से हालात अति गम्भीर, यूएन ने जताई गहरी चिन्ता

भारत में कोविड टीकाकरण अभियान के दौरान सबसे पहले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए.
UNICEF India/Kuldeep Rohilla भारत में कोविड टीकाकरण अभियान के दौरान सबसे पहले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए.

भारत: संक्रमण मामलों में तेज़ी से हालात अति गम्भीर, यूएन ने जताई गहरी चिन्ता

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने भारत में कोविड-19 संक्रमण मामलों में आई तेज़ी पर गहरी चिन्ता जताई है. भारत में 24 घण्टों में, तीन लाख 32 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज किये गए हैं और 2 हज़ार 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

भारत कोरोनावायरस संकट से सर्वाधिक प्रभावित देशों में है जहाँ हाल के दिनों में संक्रमण मामलों में भारी तेज़ी आई है.

देश के अनेक प्रदेशों में बिगड़ते हालात के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम, जवाबी कार्रवाई और टीकाकरण अभियान में सरकारी एजेंसियों की मदद कर रही है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने भारत में संक्रमणों के बढ़ते मामलों व मौतों पर गहरी चिन्ता जताते हुए कहा कि देश में हालात जटिल हैं.

“मैं भारत में हर किसी के प्रति अपनी गहरी सम्वेदनाएँ व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने किसी प्रियजन को खोया है. इन परिस्थितियों से निपटने के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों में, भिन्न-भिन्न प्रकार की कार्रवाइयों की ज़रूरत होगी.”

यूएन एजेंसी प्रमुख ने देश में सामाजिक गतिविधियों व लोगों के मिलने-जुलने को कम करने और वैक्सीन उत्पादन को मज़बूती प्रदान करने के लिये सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों का स्वागत किया है.

भारत के नई दिल्ली शहर में लगा ये पोस्टर, कोविड-19 वैक्सीन के बारे में फैली भ्रामक जानकारियों को रद्द करने की अपील करता हुआ.
© UNICEF/Sujay Reddy भारत के नई दिल्ली शहर में लगा ये पोस्टर, कोविड-19 वैक्सीन के बारे में फैली भ्रामक जानकारियों को रद्द करने की अपील करता हुआ.

उन्होंने कहा है कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी और उसके साझीदार संगठन, इस संकट की घड़ी में भारत की जनता व सरकार के साथ एकजुट हैं.

“मैं WHO और ACT-Accelerator साझीदारों की ओर से, भारत सरकार व देश की जनता के साथ खड़े होने और इस संकल्प का भरोसा दिलाता हूँ कि जितनी बड़ी संख्या में लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाई जा सकती हैं, उसके लिये प्रयास किये जाएंगे.”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, देश में पोलियो, टीबी और अन्य टीकाकरण अभियानों से जुड़े, ढाई हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों की फिर से तैनाती की गई है.

इसका मक़सद देश के कोरोनावायरस से प्रभावित प्रान्तों को ज़रूरी मदद प्रदान किया जाना है.

साथ ही, ऑक्सीजन के उत्पादन, संयन्त्रों की देखरेख और अन्य प्रकार की तकनीकी मदद मुहैया कराई जा रही है.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कोरोनावायरस पर क़ाबू पाने के लिये हरसम्भव स्वास्थ्य औज़ारों और विकल्पों के इस्तेमाल पर बल दिया है.

“भारत में मौजूदा हालात, भयावह ढंग से आगाह करते हैं कि यह वायरस क्या कुछ कर सकता है, और क्यों हमें इससे निपटने के लिये व्यापक और एकीकृत तरीक़े से, हर औज़ार का इस्तेमाल करना होगा.”

“सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों, वैक्सीन, रोग निदान और उपचारों का.”

यूएन एजेंसी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि यही परिदृश्य दुनिया भर में दिख रहा है और दिखता रहेगा, अगर ज़िन्दगियाँ बचाने के लिये अहम औज़ारों का न्यायसंगत वितरण नहीं किया गया.

विश्व भर में कोविड-19 संक्रमण के 14 करोड़, 43 लाख से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 30 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.