म्याँमार: प्रदर्शनों में महिलाओं के विरुद्ध लक्षित हिंसा पर चिन्ता

12 मार्च 2021

महिलाधिकारों की संरक्षा के लिये काम करने वाली, संयुक्त राष्ट्र संस्था – यूएन वीमैन ने, म्याँमार में, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की दमनात्मक कार्रवाई में, महिलाओं को निशाना बनाए जाने और उनके ख़िलाफ़ अत्यधिक हिंसा पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं.

यूएन वीमैन ने शुक्रवार को जारी एक वक्तव्य में कहा है कि इसके अलावा, हिरासत में रखी गई महिलाओं के साथ यौन हिंसा व शोषण भी होने की ख़बरें मिली हैं.

यूएन वीमैन की कार्यकारी निदेशक फ़ूमज़िले म्लाम्बो न्गुका ने कहा, “महिलाओं ने म्याँमार के इतिहास में, अग्रणी और सुसज्जित भूमिका निभाई है, और वर्तमान में भी ऐसा कर रही हैं."

"अपने विचारों की शान्तिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिये, महिलाओं पर हमले ना किये जाएँ और ना ही उन्हें दण्डित किया जाए.”

यूएन वीमैन के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान, कम से कम छह महिलाओं की मौत हुई है और लगभग 600 महिलाओं को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें युवा महिलाएँ, एलजीबीटीआईक्यू+ व सिविल सोसायटी के कार्यकर्ता भी शामिल हैं.

म्याँमार में, एक फ़रवरी को, सेना द्वारा तख़्तापलट के ज़रिये, सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद से, देश भर में अनेक स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों में, 70 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं और अनेक अन्य घायल हुए हैं. 

तख़्तापलट के दौरान, अनेक राजनैतिक हस्तियों को भी गिरफ़्तार कल लिया गया था जिनमें देश की काउंसलर आँग सान सू ची और राष्ट्रपति विन म्यिन्त भी हैं. 

ऐसी चिन्ताएँ भी व्यक्त की गई हैं कि मौजूदा संकट के कारण बुनियादी सेवाओं में व्यवधान भी उत्पन्न हो सकता है, जिनमें सुरक्षित गर्भावस्था सुनिश्चित करने और मातृत्व सम्बन्धी सेवाएँ शामिल हैं.

ऐसा हुआ तो गम्भीर, यहाँ तक कि जीवन को जोखिम में डालने वाले, नतीजे भी देखने को मिल सकते हैं, विशेष रूप में कमज़ोर और वंचित हालात का सामना कर रहे समुदायों के लिये.

अन्तरराष्ट्रीय दायित्व

यूएन वीमैन संगठन की कार्यकारी निदेशक म्लाम्बो न्गुका ने कहा कि म्याँमार ने, महिलाओं के विरुद्ध सभी तरह के भेदभाव के उन्मूलन के लिये कन्वेन्शन पर हस्ताक्षर किये हैं.

ये बिल्कुल स्पष्ट है कि महिलाओं के विरुद्ध इस तरह की हिंसा का प्रयोग किया जाना, उसी तरह के भेदभाव का एक रूप है जिसे इस कन्वेन्शन में प्रतिबन्धित किया गया है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “हम म्याँमार की सेना और पुलिस ये सुनिश्चित करने का आहवान करते हैं कि लोगों के शान्तिपूर्ण एकत्र होने व सभाएँ करने के अधिकार का सम्मान किया जाए, और प्रदर्शनकारियों को किसी तरह की, बदले की कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाए, जिनमें महिलाएँ भी हैं.”  

यूएन वीमैन संगठन की कार्यकारी निदेशक ने, सुरक्षा बलों का ये भी आहवान किया कि हिरासत में ली गईं और गिरफ़्तार की गई महिलाओं, के मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए. 

साथ ही, तमाम बन्दियों को तुरन्त रिहा किया जाने की पुकार भी दोहराई गई है.

 

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