बाल श्रम के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलन्द करने के लिये संगीत प्रतियोगिता

फ़लस्तीन के ग़ाज़ा सिटी के पास मलबा इकट्टा करता एक 13 वर्षीय बच्चा. ये मलबा वो खच्चर पर लादकर बेचने के लिए बाज़ार ले जाता है.
© UNICEF/Eyas El Baba
फ़लस्तीन के ग़ाज़ा सिटी के पास मलबा इकट्टा करता एक 13 वर्षीय बच्चा. ये मलबा वो खच्चर पर लादकर बेचने के लिए बाज़ार ले जाता है.

बाल श्रम के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलन्द करने के लिये संगीत प्रतियोगिता

एसडीजी

बाल श्रम के ख़िलाफ़ लोगों को जागरूक बनाने के प्रयासों की आवाज़ बुलन्द करने के लिये, संगीत का सहारा लिया जा रहा है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन यानि आईएलओ ने, इस सिलसिले में, एक संगीत प्रतियोगित का आयोजन किया है. 

संयुक्त राष्ट्र ने 2021 को बाल श्रम के उन्मूलन के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया है.

इस अवसर पर आईएलओ ने हाल ही में, ‘बाल श्रम के ख़िलाफ़ संगीत’ नामक अभियान शुरू किया.

इसका मक़सद है - बाल श्रम के प्रति जागरूकता लाने के लिये संगीतकारों को एकजुट करना.

दुनिया भर के हर 10 बच्चों में से एक बच्चे को, बाल श्रम से जूझना पड़ रहा है. हालाँकि पिछले दो दशकों में बाल श्रम में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन कोविड-19 महामारी से इस प्रगति के उलटने का ख़तरा है.

इस प्रतियोगिता में सभी शैलियों के संगीतकारों को, बाल श्रम को ख़त्म करने हेतु, सरकारों और हितधारकों को प्रेरित करने के लिये, एक गीत प्रस्तुत करने के लिये आमन्त्रित किया जाता है.

आईएलओ, जे एम इन्टरनेशनल और इन्टरनेशनल फ़ैडरेशन ऑफ म्यूज़ीशियन (FIM) द्वारा 2013 में शुरू किये गए ‘ग्लोबल म्यूज़िक अगेंस्ट चाइल्ड लेबर इनीशिएटिव’ ने संगीत की दुनिया के जाने-माने संगीतकारों और प्रमुख साझेदारों के साथ मिलकर, दो प्रमुख उद्देश्य रखे हैं: संगीत के ज़रिये बाल श्रम के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाना और बाल मज़दूरी के शिकार बच्चों समेत सभी बच्चों को सशक्त बनाना. 

संगीत प्रतियोगिता का यह पहला संस्करण CLEAR कपास परियोजना के सहयोग से हो रहा है, जो योरोपीय आयोग से वित्तपोषित है और आईएलओ व संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) मिलकर कार्यान्वित कर रहे हैं.

संगीतकारों को, तीन श्रेणियों में अपनी प्रतियोगिता प्रविष्टियाँ देने के लिये कहा गया है: सभी कलाकारों के लिये एक वैश्विक श्रेणी; बाल श्रम से प्रभावित बच्चों को शामिल करने वाली संगीत परियोजनाओं के लिये एक ज़मीनी स्तर की श्रेणी; और बुर्किना फासो, माली, पाकिस्तान व पेरू में चलने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिये एक CLEAR कपास परियोजना श्रेणी , जहाँ यह परियोजना सूत, कपड़ा और परिधान मूल्य श्रृँखलाओं में, जबरन बाल मज़दूरी की रोकथाम के लिये भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है. 

विजेताओं का चयन, तकनीकी और संगीत विशेषज्ञों का एक पैनल करेगा, जो संगीत की गुणवत्ता, सन्देश की प्रासंगिकता, गीत की मौलिकता और कार्रवाई के आहवान पर आधारित होगा.

संगीत जगत के महान कलाकार, इनकी समीक्षा करेंगे जिनमें, ऑस्कर पुरस्कार विजेता भारतीय संगीतकार ए आर रहमान भी शामिल हैं.

विजेताओं को पुरस्कार में नक़द राशि मिलेगी, उनके गीत की पेशेवर संगीत-वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी; और जून 2021 में उनके गीत को, बाल श्रम के ख़िलाफ़ विश्व दिवस का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा.