कोविड-19: अफ़्रीका में वैक्सीन की करोड़ों ख़ुराकें भेजने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

5 फ़रवरी 2021

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली साझा पहल ‘कोवैक्स’ के तहत कोविड-19 वैक्सीन की नौ करोड़ ख़ुराकें, अफ़्रीकी देशों में भेजे जाने की प्रक्रिया, फ़रवरी में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरूवार को बताया कि अफ़्रीकी महाद्वीप पर यह पहली बार होगा जबकि इतने व्यापक स्तर पर टीकाकरण मुहिम संचालित की जाएगी. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी में अफ़्रीका के लिये क्षेत्रीय निदेशक मातशिदिसो मोएती ने बताया कि अफ़्रीकी देशों में वैक्सीन की सुलभता सुनिश्चित करने के लिये उनकी तैनाती एक महत्वपूर्ण पहला क़दम होगा. 

“अफ़्रीका ने लम्बे समय से अन्य क्षेत्रों में कोविड-19 टीकाकरण मुहिम को शुरू होते देखा है. इसकी योजनाबद्ध शुरुआत एक पहला अहम क़दम है ताकि महाद्वीप में वैक्सीन का न्यायसंगत वितरण हो सके.” 

बताया गया है कि एस्ट्राज़ेनेका/ऑक्सफ़र्ड (AZD1222) की वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी मिलनी बाक़ी है. फ़िलहाल इस वैक्सीन की समीक्षा की जा रही है और नतीजे जल्द ही अपेक्षित हैं. 

कोविड-19 वैक्सीन की माँग लगातार बढ़ रही है और टीकों की कुल संख्या वैक्सीन विनिर्माताओं की उत्पादन क्षमता व देशों की तैयारियों पर निर्भर करेगा. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार जिन देशों के पास कोवैक्स पहल के तहत टीके पहुँचने हैं उन्हें अपनी राष्ट्रीय टीकाकरण योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध करानी होगी.  

नौ करोड़ शुरुआती ख़ुराकों के ज़रिये अफ़्रीकी आबादी के तीन फ़ीसदी हिस्से के टीकाकरण में मदद मिलेगी ,जिन्हें सबसे ज़्यादा सुरक्षा कवच की आवश्यकता है. 

इनमें स्वास्थ्यकर्मी और अन्य निर्बल समूह शामिल हैं जिन्हें वर्ष 2021 की पहली छमाही में टीके लगाए जाने की योजना है. 

उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी और ज़्यादा संख्या में टीकों की उपलब्धता के साथ वर्ष 2021 के अन्त तक, 20 प्रतिशत अफ़्रीकी लोगों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत 60 करोड़ ख़ुराकों का इन्तज़ाम किया जाएगा. 

‘तैयारियों में तेज़ी की ज़रूरत’

डॉक्टर मोएती ने कहा कि ताज़ा घोषणा से अफ़्रीकी देशों को कोविड-19 टीकाकरण मुहिमों के लिये अपनी योजना को पुख़्ता बनाने का अवसर मिलेगा. 

उन्होंने देशों से टीकाकरण योजनाओं पर काम पूरा करने का आग्रह किया.  

“हम अफ़्रीकी देशों से तैयारियाँ तेज़ करने और राष्ट्रीय वैक्सीन तैनाती योजनाओं को अन्तिम रूप देने का आग्रह करते हैं.”

उन्होंने कहा कि नियामक प्रक्रियाओं, शीतल भण्डारण प्रणालियाँ और वितरण योजनाएँ तैयार रखनी होंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगमन केन्द्रों से टीकों का तेज़ वितरण सुरक्षापूर्वक हो. 

“हम एक भी ख़ुराक को बर्बाद होते नहीं देख सकते.” 

अफ़्रीकी संघ ने कोवैक्स पहल के तहत टीकाकरण प्रयासों के समानान्तर महाद्वीप के लिये वैक्सीन की 67 करोड़ ख़ुराकों का इन्तज़ाम किया गया है जिन्हें 2021 और 2022 में वितरित किया जाएगा.

इसके अतिरिक्त, Pfizer-BioNTech वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी मिल चुकी है. 

इसकी तीन लाख 20 हज़ार ख़ुराकें, चार अफ़्रीकी देशों – कैबो वर्डे, रवाण्डा, दक्षिण अफ़्रीका और ट्यूनीशिया के लिये आबंटित की गई हैं. 

संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों ने अप्रैल 2020 में ‘ACT-Accelerator’ नामक एक पहल शुरू की थी जिसका लक्ष्य सभी देशों के लिये कोविड-19 के उपचार, निदान और वैक्सीन का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है. 

कोवैक्स ग्लोबल वैक्सीन फ़ैसिलिटी (COVAX Global Vaccines Facility) इस पहल की वैक्सीन इकाई है, जिसके तहत वैक्सीन के विकास, उत्पादन, वितरण और उपलब्धता सुलभ बनाना है. 

 

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