वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

कोविड-19: वैक्सीन के असरदार और न्यायसंगत इस्तेमाल का आग्रह

नोवावैक्स कम्पनी कोविड-19 के लिये सम्भावित वैक्सीन का परीक्षण कर रही है.
Novavax
नोवावैक्स कम्पनी कोविड-19 के लिये सम्भावित वैक्सीन का परीक्षण कर रही है.

कोविड-19: वैक्सीन के असरदार और न्यायसंगत इस्तेमाल का आग्रह

स्वास्थ्य

वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम और बचाव के लिये अनेक देशों में टीकाकरण मुहिम जारी है, लेकिन वैक्सीन की सीमित आपूर्ति एक बड़ी चुनौती है. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सरकारों से स्वास्थ्यकर्मियों व वृद्धजनों को प्राथमिकता देने और अतिरिक्त ख़ुराकों को अन्य देशों में भेजने का आग्रह किया है. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने शुक्रवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि और भी वैक्सीनों को विकसित करने के प्रयास जारी है. 

इन टीकों को मंज़ूरी मिलने के बाद उनका उत्पादन शुरू होगा. 

Tweet URL

“लेकिन फ़िलहाल वैक्सीन एक सीमित संसाधन हैं. जितना सम्भव हो सके, हमें उन्हें उतने ही असरदार और न्यायसंगत ढँग से इस्तेमाल में लाना होगा.”

“अगर हम ऐसा करते हैं तो ज़िन्दगियों की रक्षा हो सकेगी.”

एक वर्ष पहले 30 जनवरी को नॉवल कोरोनावायरस के फैलाव को अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया गया था. अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्वास्थ्य ख़तरों का सबसे ऊँचा स्तर है. 

एक वर्ष बाद अब तक कोविड-19 के 10 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं, और 21 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 

महामारी के पहले छह महीनों में जितने संक्रमणों की पुष्टि हुई थी उससे कहीं ज़्यादा मामले पिछले दो हफ़्तों में सामने आए हैं. 

यूएन एजेंसी प्रमुख के मुताबिक एक साल पहले उन्होंने नए वायरस के व्यापक फैलाव को रोकने के अवसर का इस्तेमाल करने का आग्रह किया था. कुछ देशों ने उसे समझते हुए प्रयास किये, अन्य ने नहीं किये. 

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि वैक्सीन हमें इस महामारी को क़ाबू में लाने का एक और अवसर प्रदान कर रही हैं.

“इस अवसर को हमें हाथ से नहीं जाने देना होगा.”

वैक्सीन राष्ट्रवाद से परहेज़

उन्होंने कहा कि महामारी ने दुनिया में व्याप्त विषमताओं और ख़ामियों को उजागर किया है. और जिन औज़ारों से इस महामारी का अन्त हो सकता है, वही इन असमानताओं को और गहरा बना सकती हैं.

वैक्सीन राष्ट्रवाद के ख़तरों के प्रति आगाह करते हुए उन्होंने एक बार फिर कोरोनावायरस टीकों के न्यायसंगत वितरण पर ज़ोर दिया है. 

“वैक्सीन राष्ट्रवाद से अल्पकाल में राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति हो सकती है, लेकिन अन्तत: यह अदूरदर्शितापूर्ण और आत्मघाती है.” 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने फिर दोहराया कि यह महामारी तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक यह हर स्थान पर ख़त्म नहीं हो जाती. 

उन्होंने सरकारों से आग्रह किया है कि स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को टीके लगाये जाने होंगे और अतिरिक्त ख़ुराकों को कोवैक्स पहल के लिये भेजा जाना होगा. 

यह संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों की ऐसी पहल है जिसके तहत सर्वजन के लिये वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है.