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2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में चार फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी का अनुमान 

कोरोनावायरस के फैलाव के दौरान आर्थिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
World Bank/Paul Salazar
कोरोनावायरस के फैलाव के दौरान आर्थिक गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में चार फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी का अनुमान 

आर्थिक विकास

विश्व बैंक ने मंगलवार को वर्ष 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिये अपना सतर्कतापूर्ण अनुमान जारी करते हुए आर्थिक वृद्धि की दर चार फ़ीसदी रहने की सम्भावना जताई है. विश्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि महामारी के प्रभावों से अर्थव्यवस्था के उबरने की प्रक्रिया में नरमी बनी रहेगी. 

जनवरी 2021 के लिये ‘Global Economic Prospects’ रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि नीतिनिर्धारकों को निर्णायक ढँग से कार्रवाई करनी होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 में अर्थव्यवस्था 4.3 प्रतिशत तक सिकुड़ी जिसके बाद अब यह फिर बढ़ना शुरू हुई है लेकिन कोविड-19 महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, लाखों-करोड़ों लोग ग़रीबी के ग़र्त में धँस गये हैं और आर्थिक गतिविधियों पर आने वाले दिनों में भी असर जारी रह सकता है.

विश्व बैंक के विशेषज्ञों के मुताबिक तात्कालिक नीतिगत प्राथमिकताओं के तहत कोरोनावायरस के फैलाव पर क़ाबू पाने और तेज़ी से वैक्सीन को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुँचाने पर ध्यान दिया जाना होगा. 

बैंक का कहना है कि आर्थिक पुनर्बहाली को समर्थन प्रदान करने के लिये ऐसी पुनर्निवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना होगा जो टिकाऊ आर्थिक वृद्धि पर लक्षित हो और सरकारी कर्ज़ पर जिसकी निर्भरता कम हो. 

कठिन चुनौतियाँ

विश्व बैंक के प्रमुख डेविड मैलपास ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में हल्के सुधार के बीच नीतिनिर्धारकों को सार्वजनिक स्वास्थ्य, कर्ज़ प्रबंधन, बजट नीति, केंद्रीय बैंकिंग और ढाँचागत सुधारों में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. 

“महामारी के असर पर क़ाबू पाने और निवेश के विपरीत चल रही बयार को थामने के लिये, व्यवसायिक माहौल को बेहतर बनाने, श्रम और उत्पाद बज़ार लचीलेपन को बढ़ाने, और पारदर्शिता व शासन प्रणाली को मज़बूत बनाने के लिये एक बड़े प्रयास की ज़रूरत है.”

वर्ष 2020 में वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में महामारी के कारण आया ठहराव पहले जताये गये अनुमानों से थोड़ा कम गम्भीर है. 

इसकी वजह अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं का आशंका से कम सिकुड़ना और चीन में स्फूर्तिवान पुनर्बहाली को बताया गया है. 

लेकिन अधिकाँश उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर वैश्विक महामारी का ख़ासा असर हुआ है.  

अनिश्चित हालात

विश्व बैंक समूह की मुख्य अर्थशास्त्री कारमैन राइनहार्ट ने आगाह किया है कि आर्थिक झटकों का असर निर्बल परिवारों और व्यवसायों पर हुआ है और प्रभावित देशों में ऐसी वित्तीय कमज़ोरियों को दूर किया जाना होगा. 

रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि संक्रमणों के लगातार बढ़ने और वैक्सीन दिये जाने में देरी होने की स्थिति में वैश्विक आर्थिक वृद्धि की दर सिमट कर महज़ 1.6 फ़ीसदी रह सकती है. 

वहीं महामारी पर सफलतापूर्व क़ाबू पाने और वैक्सीन वितरण में तेज़ी से आर्थिक विकास दर लगभग पाँच फ़ीसदी तक पहुँच सकती है. 

अमेरिका में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस वर्ष साढ़े तीन फ़ीसदी बढ़ने का अनुमान है जबकि वर्ष 2020 में जीडीपी 3.6 प्रतिशत सिकुड़ गया था. 

यूरोज़ोन में यह आँकड़ा 3.6 फ़ीसदी रहने की सम्भावना जताई गई है जबकि जापान में आर्थिक वृद्धि की रफ़्तार 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. चीन की अर्थव्यवस्था में 7.9 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का अनुमान है जबकि वर्ष 2020 में यह आँकड़ा दो प्रतिशत था. 

विश्व बैंक ने सचेत किया है कि महामारी से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर लम्बे समय के लिये दुष्परिणाम होने की आशंका है और वैश्विक वृद्धि की रफ़्तार अगले दशक में भी सुस्त रह सकती है. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक पुनर्बहाली को सुनिश्चित करने के लिये आय सम्बन्धी समर्थन से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जाना होगा.