संकट में संस्कृति: कोविड-19 के कारण कला जगत पर मंडराया ख़तरा

23 दिसम्बर 2020

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने कहा है कि पूरे विश्व में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार देने वाले सांस्कृतिक क्षेत्र पर, कोरोनोवायरस महामारी के कारण अपेक्षा से अधिक मार पड़ी है. यूनेस्को से मुताबिक इस संकट से उबरने के लिये क्षेत्र को लक्षित नीतियों और कार्रवाई की ज़रूरत है.

यूनेस्को के अनुसार, केवल फिल्म उद्योग में ही, इस साल लगभग एक करोड़ लोगों का रोज़गार ख़त्म हो सकता है, जबकि दुनिया की एक तिहाई आर्ट गैलरियाँ, आधे से ज़्यादा रोज़गारों की कटौती कर सकती हैं.

इसी तरह, छह महीने से संगीत और कन्सर्ट बन्द होने के कारण, संगीत उद्योग को प्रायोजकों से मिलने वाली 10 अरब से अधिक धनराशि का नुक़सान उठाना पड़ सकता है. वहीं वैश्विक प्रकाशन बाज़ार भी साढ़े 7 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है.

यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अज़ूले ने का कहना है, "3 करोड़ रोज़गारों के लिये ज़िम्मेदार, यह क्षेत्र, ख़ुद को बचाने के लिये संघर्ष कर रहा है और उसे हमारी मदद की ज़रूरत है."

उन्होंने कहा, “संस्कृति ने हमें संकट से बाहर निकालने में मदद की है. अब हमें संस्कृति की मदद करनी है और विविधता का समर्थन करना है, जिस पर संस्कृति की ताक़त टिकी है.”
 
संकट का सामना केवल यह सैक्टर ही नहीं कर रहा है, लोगों के लिये भी यह एक बड़ा नुक़सान है क्योंकि उन्हें भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों से वंचित होना पड़ा है.

कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से ही, अनेक संगीत कार्यक्रम, कला कार्यक्रम और उत्सव ऑनलाइन होते रहे हैं.

हालाँकि यूनेस्को के अनुमानों के अनुसार, इन्टरनेट कनेक्टिविटी की कमी जैसे मुद्दों के कारण विश्व स्तर पर दो में से लगभग एक व्यक्ति को उन कार्यक्रमों तक पहुँच हासिल नहीं हो पाती है.

लक्षित नीतियाँ

यूनेस्को ने, इस स्थिति के समाधान के लिये, एक संसाधन विकसित किया है, जो सरकारों और नीति निर्माताओं को उन चुनौतियों से निपटने में मदद देगा, जिसका सामना महामारी के दौरान कलाकारों और सांस्कृतिक पेशेवरों को करना पड़ा रहा है.

Culture in Crisis: A Policy Guide for a Resilient Creative Sector में, भविष्य में रचनात्मक उद्योगों का लचीलापन बढ़ाकर उन्हें मज़बूत करने की सलाह भी दी गई है.

संयुक्त राष्ट्र एजेन्सी, संस्कृति के क्षेत्र पर कोविड-19 के प्रभाव के लैंगिक आयामों को सम्बोधित करने के लिये विशिष्ट कार्रवाई का भी आग्रह कर रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में अनिश्चित रोज़गार में महिलाएँ की आनुपातिक संख्या अधिक है, और वे विशेष रूप से सामाजिक व आर्थिक असुरक्षा का शिकार बनती हैं.

इस गाइड में सरकारों के लिये तीन प्रमुख चरण प्रस्तुत किये गए हैं: कलाकारों और सांस्कृतिक पेशेवरों को प्रत्यक्ष समर्थन; सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को अप्रत्यक्ष समर्थन; और सांस्कृतिक व रचनात्मक उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को मज़बूत करना.

नीति मार्गदर्शिका में उल्लेखित विशिष्ट उपायों में रचनात्मक कार्यों व उत्पादों की ख़रीद व संविदा; आमदनी की हानि के लिये मुआवज़ा प्रदान करना; नए कौशल विकसित करने के लिये कार्यक्रमों को बढ़ावा देना; नियमों और कर प्रोत्साहन से अस्थाई राहत प्रदान करना; राष्ट्रीय कार्यक्रमों को बढ़ावा देना; मांग बढ़ाना; और विशेष ऋण उपलब्ध कराना शामिल है.

इस गाइड में अनेक देशों से सर्वश्रेष्ठ उदाहरण भी शामिल किये गए हैं.

 

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