शीतकालीन अवकाश के दौरान कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिये सलाह

16 दिसम्बर 2020

सर्दी के मौसम में छुट्टियों का समय परिवार और समुदाय के लिये नज़दीक आने, घुलने-मिलने और भविष्य की तैयारी के लिये नई ऊर्जा के संचार का अवसर है. लेकिन इस वर्ष वैश्विक कोविड-19 महामारी के कारण योरोप में हालात बेहद ख़राब हैं और सामूहिक आयोजनों में शिरकत के प्रति लोगों में आशंका और बेचनी है. इन हालात के मद्देनज़र योरोप में विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय ने धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में संक्रमण की रोकथाम के लिये पर्याप्त ऐहतियात बरते जाने के दिशानिर्देश जारी किये हैं.

योरोप में हर वर्ष, क्रिसमस के त्योहार के नज़दीक शीतकालीन अवकाश के दौरान व्यापक पैमाने पर आयोजन किये जाते हैं जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनो, धार्मिक समूहों व मित्रों के साथ शिरकत करते हैं.  

लेकिन सामूहिक आयोजनों और उनमें लोगों के एकत्र होने से कोविड-19 का संक्रमण फैलने का ख़तरा भी है जिससे चिन्ताएँ बढ़ गई हैं. 

आमतौर पर उत्सव और चहल-पहल के इस समय में पनपती आशंका दर्शाती है कि वर्ष 2020 कितना मुश्किल और अभूतपूर्व साबित हुआ है. 

योरोपीय क्षेत्र में कोरोनावायरस के फैलाव की रोकथाम के लिये प्रयासों के बावजूद अभी इस पर पूरी तरह क़ाबू नहीं किया जा सका है और संक्रमण अब भी तेज़ी से फैल रहा है. 

अब तक योरोप में कोरोनावायरस के संक्रमण के दो करोड़ 23 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और चार लाख 93 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. 

वर्ष 2021 के शुरुआती हफ़्तों और महीनों में फिर से नए मामलों की संख्या बढ़ने की आशंका है जिसे टालने के लिये मिलजुलकर प्रयास करने की अहमियत को रेखांकित किया गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि योरोप में फिर से संक्रमणों के उभार की रोकथाम करने के लिये हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी.

"शीतकालीन अवकाश के दौरान व्यक्तिगत निर्णय सिर्फ़ आपको और आपके नज़दीकी लोगों को ही प्रभावित नहीं करेंगे – वे आपके समुदायों पर भी असर डालेंगे." 

"एक व्यक्ति, परिवार और समुदाय के रूप में, अपने फ़ैसलों और अपनी शक्ति की अहमियत को कम करके मत आँकिये – आगामी दिनों में महामारी की दिशा इसी से प्रभावित होगी."

कोविड-19 के प्रसार को टालने के लिये व्यक्तियों व समुदायों को इन सरल उपायों को अपनाने पर ज़ोर दिया गया है:

धार्मिक आयोजन

जिन देशों में व्यापक पैमाने पर कोविड-19 के संक्रमण का फैलाव हो रहा है, वहाँ धार्मिक यात्राओं व जुलूस को स्थगित करने या फिर उनमें शिरकत करने वाले लोगों की संख्या कम करने पर गम्भीरता से विचार करना होगा.

इस वर्ष धार्मिक समारोहों को अलग तरीक़े से सम्पन्न किया जाना होगा – खुले स्थान पर सीमित अवधि के लिये, सीमित संख्या में लोगों के साथ.

और इस दौरान शारीरिक दूरी, खुली हवा, हाथों की स्वच्छता और मास्क पहने जाने का ध्यान रखा जाना होगा. 

घर के भीतर महफ़िलें

घरों के अन्दर लोगों का एकत्र होना जोखिम भरा है, क्योंकि हर एक इनसान संक्रमण से बचाव के लिये पूर्ण रूप से ऐहतियाती उपायों का पालन नहीं कर पाता है.

इन महफ़िलों को घर के बाहर आयोजित किया जाना चाहिये, वहाँ एकत्र लोगों को मास्क पहन कर शारीरिक दूरी बरतने का ध्यान रखना चाहिये. घर के भीतर ऐसे आयोजन होने पर लोगों की संख्या कम से कम रखनी चाहिये और कमरों को हवादार बनाया जाना चाहिये. 

अपने परिजनों और मित्रों के साथ मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बरतना, अजीब अनुभव महसूस करा सकता है लेकिन इससे सभी, विशेषत: बुज़ुर्गों के सुरक्षित व स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी. 

यात्राएँ

जो लोग अवकाश के दौरान अपने परिजनों व मित्रों से मिलने के लिये यात्राएँ कर रहे हैं, उन्हें भीड़भाड़ भरे परिवहन के साधनों से दूर रहना चाहिये.

कुछ देशों में परिवहन साधनों के इस्तेमाल से पहले कोविड को नैगेटिव टैस्ट चाहिये, जबकि अन्य देशों में एकान्तवास की शर्त है. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने सभी लोगों से इस सम्बन्ध में स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है. 

इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों की सरकारों से स्कीइंग स्थलों पर संक्रमण के सम्भावित फैलाव की रोकथाम के लिये, पर्याप्त ऐहतियात बरते जाने के लिये भी दिशानिर्देश जारी किये हैं  

 

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