कोविड-19 के दौरान तम्बाकू सेवन छोड़ने में मदद के लिये नया अभियान

8 दिसम्बर 2020

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि तम्बाकू सेवन छोड़ने में लोगों की मदद करने के इरादे से, साल भर तक चलने वाला एक वैश्विक अभियान शुरू किया है. कोविड-19 महामारी के जोखिम को देखते हुए, लाखों लोग, कोविड-19 महामारी के जोखिम को, तम्बाकू सेवन छोड़ने के लिये एक नए प्रेरक के तौर पर देख रहे हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार तम्बाकू सेवन करने वालों की लगभग आधी संख्या मौत के मुँह में चली जाती है और ये संख्या, हर वर्ष लगभग 80 लाख होती है.

इनमें से लगभग 70 लाख तम्बाकू सेवकों की मौत, तम्बाकू सेवन का प्रत्यक्ष नतीजा होती है, जबकि लगभग 12 लाख ऐसे लोग भी मौत का शिकार होते हैं जो ख़ुद तो तम्बाकू सेवन नहीं करते, बल्कि वो तम्बाक सेवन करने वालों के नज़दीक होने के कारण उसके नुक़सान का शिकार हो जाते हैं.

ये तो सर्वविदित है कि धूम्रपान साँस सम्बन्धी अनेक बीमारियों के लिये मुख्य कारण होता है, और धूम्रपान करने वाले लोगों को दिल की बीमारियाँ, कैन्सर, साँस सम्बधी बीमारियाँ और डायबटीज़ होने का भी बहुत ज़्यादा ख़तरा होता है, जिसके कारण वो कोविड-19 के गम्भीर ख़तरे के लिये भी जोखिम में पड़ जाते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस घेबरेयेसस का कहना है, “अगर धूम्रपान करने वालों को ये हानिकारक आदत छोड़ने के लिये किसी और ज़्यादा प्रेरणा की ज़रूरत है तो, कोरोनावायरस महामारी उन्हें बिल्कुल सटीक वजह मुहैया कराती है.”

धूम्रपान छोड़ें और फ़ायदे पाएँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि – धूम्रपान छोड़ने के लिये संकल्प लें - नामक अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत नीति निर्माण, धूम्रपान छोड़ने में सहायता मुहैया कराने वाली सुविधाओं और सेवाओं की आसान उपलब्धता, तम्बाकू उद्योग की चालबाज़ियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, और तम्बाकू सेवन करने वालों को ये हानिकारक आदत छोड़ने के लिये सशक्त बनाने की कोशिश की जाएगी.

मसलन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित एक डिजिटल स्वास्थ्यकर्मी – फ्लोरेन्स – हर लम्हा, बिना थके, सटीक जानकारी मुहैया कराएगी जिससे लोगों को धूम्रपान छोड़ने में एक ठोस कार्यक्रम व योजना पर अमल करने में मदद मिलेगी, और ये क़िरदार उन्हें उपयोगी हैल्प-लाइनों और अन्य डिजिटल उपकरणों की मदद लेने के लिये प्रोत्साहित करेगा.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी इस अभियान में, भारी दबाव वाले उन 22 देशों में ज़्यादा ध्यान केन्द्रित किया जाएगा, जहाँ दुनिया भर में तम्बाकू सेवन करने वालों की सबसे ज़्यादा संख्या बसती है.

वो धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं...

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 78 करोड़ लोगों का कहना है कि वो तम्बाकू सेवन छोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनमें से ज़्यादातर के पास उपयुक्त समर्थन, सहायता व साधन उपलब्ध नहीं हैं.

तम्बाकू छोड़ने के उनके इरादे और प्रयास, ऐसे सामाजिक व आर्थिक दबावों के कारण और ज़्यादा जटिलता में पड़ जाते हैं जो, कोरोनावायरस महामारी के परिणामस्वरूप सामने आए हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के स्वास्थ्य प्रोत्साहन विभाग के निदेशक डॉक्टर रुएडियेर क्रेश का कहना है, “दुनिया भर में, करोड़ों लोग तम्बाकू सेवन छोड़ना चाहते हैं – हमें इस मौक़े का फ़ायदा उठाना चाहिये और उनकी मदद करने वाली सेवाओं और सुविधाओं में संसाधन निवेश करने चाहिये."

"साथ ही, हम हर किसी से ये आग्रह भी करते हैं कि वो तम्बाकू उद्योग और उनके हित साधने वाले क्षेत्रों से दूर रहें.”

स्वास्थ्य एजेंसी ने सरकारों का भी आहवान किया है कि वो अपनी आबादियों को, तम्बाकू छोड़ने के लिये हर सम्भव सहायता और संसाधन मुहैया कराएँ.

 

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