कोविड-19: जी-20 समूह की बैठक से पहले आपसी एकजुटता और समर्थन का आहवान

20 नवंबर 2020

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस सप्ताहान्त जी-20 समूह के नेताओं के बीच होने वाली बैठक से पहले एकजुटता और सहयोग की अहमियत को फिर रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सन्देश स्प्ष्ट है... कोविड-19 से पुनर्बहाली को समावेशी होना होगा, निर्बलों के लिये ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, और इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को टिकाऊ व जलवायु कार्रवाई के नज़रिये से महत्वाकाँक्षी बनाना होगा. 

यूए प्रमुख ने शनिवार, 21 नवम्बर को हो रही इस वर्चुअल बैठक की पूर्व संध्या पर न्यूयॉर्क में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि दुनिया को इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को समावेशी, टिकाऊ और जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप बनाना होगा. 

कोविड-19 पर वैक्सीन के परीक्षणों में सफलता उम्मीद की एक किरण है लेकिन उस आशा की किरण को हर किसी तक पहुँचाने की ज़रूरत है.”

“इसका अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि वैक्सीन को सार्वजनिक कल्याण के रूप में देखा जाए – जनता की वैक्सीन, जो हर किसी के लिये हर स्थान पर किफ़ायती रूप से उपलब्ध हो.”

उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा काम कर दिखाने की बात नहीं है. बल्कि यही एक रास्ता है महामारी पर क़ाबू पाने का, जिसके लिये एकजुटता ही बचाव है. 

जी-20 समूह की बैठक इस वर्ष सऊदी अरब आयोजित कर रहा है.

बैठक में शामिल होने वाले नेताओं का सामूहिक रूप से विश्व में आर्थिक उत्पादन का 80 फ़ीसदी और अन्तरराष्ट्रीय व्यापार का 75 फ़ीसदी प्रतिनिधित्व है.

इस बैठक में महासचिव गुटेरेश, उन वैश्विक तन्त्रों के लिये समर्थन की पुकार लगाएँगे जिनसे कोविड-19 के लिये वैक्सीन और उपचार को हर किसी के लिये हर जगह उपलब्ध बनाया जा सकता है. 

देशों ने अब तक ‘Access to COVID-19 Tools (ACT) Accelerator’ और उसकी वैक्सीन इकाई 10 अरब डॉलर का निवेश किया है लेकिन अब भी 28 अरब डॉलर की आवश्यकता बताई गई है.

इसमें से लगभग चार अरब डॉलर की धनराशि की ज़रूरत इस वर्ष के अन्त से पहले होगी.  

यूएन प्रमुख के मुताबिक यह धनराशि वैक्सीन के सामूहिक उत्पादन, ख़रीद और वितरण के लिये ज़रूरी है और इसे पूरा करने के लिये जी-29 देशों के पास संसाधन हैं. 

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सोशल मीडिया पर वैक्सीन से जुड़ी भ्रान्तियों, बे-सिर-पैर की साज़िशों व अन्य ग़लत जानकारियों का मुक़ाबला करने के लिये प्रयासरत है ताकि सार्वजनिक भरोसे और ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सके.

महासचिव गुटेरेश ने जी20 नेताओं से अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के लिये वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने का आहवान किया है, और ज़रूरतमन्द देशों को क़र्ज़ अदायगी से राहत प्रदान करने को अहम बताया है. 

उन्होंने कहा कि अगर क़र्ज़ अदा ना कर पाने यानि दीवालियेपन के मामले बढ़े, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी. 

उनके मुताबिक कोविड-19 महामारी को क़र्ज़ की महामारी में तब्दील नहीं होने दिया जा सकता है, इसलिये पुनर्बहाली को टिकाऊ विकास लक्ष्यों के 2030 एजेण्डा और पेरिस जलवायु समझौते के अनुरूप रखना होगा.

 

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