लीबिया: राष्ट्रीय चुनाव दिसम्बर 2021 में कराए जाने की घोषणा

14 नवंबर 2020

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNSMIL) की प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने देश में राष्ट्रीय चुनाव 24 दिसम्बर 2021 को कराए जाने की बात कही है. उन्होंने ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में बातचीत शुरू होने के एक सप्ताह बाद एक वर्चुअल प्रैस वार्ता के दौरान चुनाव सम्बन्धी घोषणा की है. 

ट्यूनिस में हुई बातचीत का उद्देश्य चुनाव सम्पन्न कराए जाने और राजनैतिक, आर्थिक व सैन्य सुधार लागू करने के लिये समुचित ढाँचा तैयार करना था. 

यूएन मिशन प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स के मुताबिक नए प्राधिकरण में अधिकारों का बँटवारा होगा जिसमें एक राष्ट्रपति परिषद के अलावा प्रधानमन्त्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता वाली सरकार होगी. 

स्टेफ़नी विलियम्स ने कहा है कि 24 दिसम्बर लीबिया का स्वाधीनता दिवस है और देश के नागरिकों के लिये यह एक अहम और प्रतीकात्मक तारीख़ है. 

उन्होंने कहा कि यूएन यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें; वे भी जो अपने घरों से विस्थापित हुए हैं.

यूएन अधिकारी के अनुसार वार्ता का जारी रहना लीबियाई जनता की इच्छा को दर्शाता है और मौजूदा संकट से बाहर आने के साथ विश्वसनीय, समावेशी और लोकतान्त्रिक चुनावों का मार्ग प्रशस्त करता है.

वर्ष 2011 में लीबिया के पूर्व तानाशाह मुआम्मर गद्दाफ़ी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही देश अराजकता और हिंसक संघर्ष में झुलस रहा है. 

UN Photo / Violaine Martin
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कार्यकारी विशेष प्रतिनिधि स्टेफ़नी विलियम्स जिनीवा में मध्यस्थता प्रयासों के दौरान बैठक में शिरकत करते हुए.

अप्रैल 2019 में लीबियाई नेशनल आर्मी के जनरल ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सैनिकों ने राजधानी त्रिपोली और उसके आस-पास के इलाक़ों में कब्ज़े के लिये इलाक़े की घेराबन्दी की थी जिसके बाद अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों और लीबियाई नेशनल आर्मी के बीच हिंसा भड़क गई थी.

स्टेफ़नी विलियम्स ने शान्ति वार्ता में अहम भूमिका निभाई है जिसमें दोनों पक्षों की ओर से पाँच-पाँच वरिष्ठ कमाण्डर पिछले महीने जिनीवा में बातचीत में शामिल हुए. 

उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्यकारी पदों के लिये उम्मीदवारों से समावेशिता, पारदर्शिता, दक्षता, बहुलतावाद और देशभक्ति के सिद्धान्तों का पालन करने के लिये कहा गया है. 

कार्यकारी व्यवस्था के सदस्यों से उनकी सम्पत्ति सम्बन्धी जानकारी को साझा करने और लोकतान्त्रिक प्रक्रिया व चुनाव की तारीख़ के प्रति पूर्ण रूप से संकल्प प्रदर्शित करने के लिये भी कहा जाएगा.  

उन्होंने सचेत किया है कि बहुत से गुट और व्यक्ति अब भी प्रगति व शान्ति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिशों में जुटे हैं.

यूएन मिशन प्रमुख के मुताबिक उनकी ये कोशिशें लोगों की भावनाओं के विरोध में हैं और शान्ति प्रक्रिया के साझीदारों से मिलने वाला समर्थन ही प्रक्रिया की सफलता के लिये ज़रूरी है. 

 

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