लोगों में सफल संसाधन निवेश के पाँच महत्वपूर्ण सबक़ - विश्व बैंक ब्लॉग

8 अक्टूबर 2020

सिंगापुर ने अपने यहाँ विश्वस्तरीय शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित की है, घाना के लिये स्कूलों में छात्र पंजीकरण के मामलों में सुधार लाना सम्भव हुआ है, और मोरक्को में स्वास्थ्य बीमा कवरेज से स्वास्थ्य सुविधाओं की सुलभता का दायरा बढ़ा है. विश्व बैंक विशेषज्ञों ने अपने नए लेख में उदाहरणों के ज़रिये यह दर्शाने का प्रयास किया है कि देश अपने नागरिकों में संसाधन निवेश के ज़रिये मानव विकास पथ पर प्रगति की रफ़्तार किस तरह बढ़ा सकते हैं.

हाल ही में सिंगापुर, घाना, मोरक्को और फ़िलिपीन्स में मानव पूँजी विकास पर नए अध्ययन प्रकाशित हुए हैं.

विश्व बैंक के विशेषज्ञों - ममता मूर्थी और हैना ब्रिक्सी ने अपने नए ब्लॉग में लिखा है कि ये चारों देश अपनी परिस्थितियों व आर्थिक विकास के नज़रिये से बेहद अलग हैं लेकिन रिपोर्ट में उल्लिखित उदाहरणों से कुछ साझा सबक़ लिये जा सकते हैं.

इससे उन देशों को ख़ास तौर पर मदद मिलने की उम्मीद है जो अपने लोगों में निवेश के लिये असरदार रणनीतियों पर विचार करना चाहते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार ताज़ा अध्ययन के पाँच अहम निष्कर्ष इस प्रकार हैं:

मानव पूँजी विकास के लिये सतत राजनैतिक प्रतिबद्धता

दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिये यह ज़रूरी है कि संसाधन निवेश के संकल्प की निरन्तरता को बरक़रार रखा जाए, सरकारों में बदलाव के बावजूद.

यह विशेष रूप से मानव पूँजी के विकास के लिये अहम है जिसे विकसित करने की प्रक्रिया में दशकों, यहाँ तक की पीढ़ियों का समय लग सकता है.

फ़िलिपीन्स में विभिन्न सरकारों ने स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसमूहों में कौशल विकास के लिये स्फूर्तवान रणनीतियाँ जारी रखी हैं. सुशासन और क्षमता निर्माण में पर्याप्त निवेश के ज़रिये ज़मीनी स्तर पर इन प्रयासों में सफलता मिली है.

सिंगापुर ने मानव पूँजी विकास के लिये स्पष्ट दीर्घकालीन लक्ष्य अपनाए जिनसे दशकों से शिक्षा व स्वास्थ्य क्षैत्रों में निवेश सुनिश्चित किया जा रहा है.

इसके परिणामस्वरूप देश भर में मानव पूँजी, आर्थिक वृद्धि और उत्पादकता में शानदार प्रगति हुई है.

मोरक्को में भी विभिन्न सरकारों ने सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा पंजीकरण को अपना संकल्प बनाया लेकिन यह राजनैतिक संकल्प अन्य सैक्टरों में सम्भव नहीं हो पाया है.

पर्याप्त संसाधनों का इन्तज़ाम व दक्ष इस्तेमाल

सिंगापुर के Central Provident Fund (CPF) यानि केन्द्रीय भविष्य निधि ने बुनियादी ढाँचे, आवास और अन्य महत्वपूर्ण निवेशों के लिये वित्तीय संसाधनों के इन्तज़ाम में अहम भूमिका निभाई है. हर व्यक्ति और नियोक्ता इस निधि में मासिक योगदान करते हैं.

घाना में सरकारों ने एक नवाचारी तन्त्र – राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना - विकसित किया है ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज का दायरा बढ़ाया जा सके.

साथ ही इसके ज़रिये निर्धनों को छूट देकर उनकी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में पसरी विषमता को दूर करने के प्रयास किये गए हैं. इस योजना के लिये धन, वस्तु व श्रम पर सीमित टैक्स लगाने के साथ-साथ प्रीमियम से सुनिश्चित किया जाता है.

नीति-र्निधारण प्रक्रिया के लिये तथ्य जुटाना और परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव

घाना में सरकारों ने पाया कि स्कूलों में आहार प्रदान करने के प्रयास कमज़ोर तबकों तक नहीं पहुँच रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप उन्होंने कार्यक्रम में बदलाव करते हुए नए सिरे से ज़रूरतमन्दों तक पहुँचने के प्रयास किये.

इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय निर्धनता सांख्यिकी और खाद्य सुरक्षा व सम्वेदनशीलता विश्लेषण से जुटाए गए आँकड़ों की मदद से लक्षित ढँग से लोगों की शिनाख़्त हुई और नुक़सान को कम किया गया.

फ़िलिपीन्स ने आँकड़ों पर आधारित प्रणाली लागू की जो ना सिर्फ़ प्रभावी ढँग से लाभान्वितों तक पहुँचने में मददगार थी बल्कि उससे सरकार को अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिये आँकड़े भी प्राप्त हुए.

समन्वित व बहुक्षेत्रीय रणनीति अपनाना

 फ़िलिपीनस में पिछले 40 वर्षों के दौरान सिलसिलेवार सरकारों ने एकीकृत समाधानों को बढ़ावा देते हुए एक से ज़्यादा सैक्टर पर आधारित नीतियाँ अपनाईं और सेवा वितरण में पक्षकारों की भागीदारी को प्रोत्साहन दिया.

अनेक नीतियाँ दर्शाती हैं कि सामाजिक सैक्टर से परे भी अनेक कारक मानव पूँजी विकास को प्रभावित करते हैं, मसलन, स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल की आपूर्ति और साफ़-सफ़ाई सेवाओं का प्रावधान.

मोरक्को ने विविध प्रकार के सामाजिक संरक्षा कार्यक्रम विकसित किये हैं जिससे मानव पूँजी विकास प्रक्रिया में मदद मिल रही है.

इन पूरक कार्यक्रमों के ज़रिये सार्वभौमिक शिक्षा हासिल करने, बीच में ही स्कूली पढ़ाई छोड़ने के मामलों में कमी लाने के प्रयास किये जा रहे हैं. इसके लिये स्कूल बस्तों, परिवहन साधनों, भोजन, और स्कूल सामग्री जैसी आवश्यकताएँ पूरी की जा रही हैं.

सिंगापुर ने स्वास्थ्य व शिक्षा सम्बन्धी लक्ष्य सरकार के अनेक कार्यक्रमों में एकीकृत किये हैं.

आबादी का स्वास्थ्य, शहरी जीवन के हर पहलू – आवास, जल आपूर्ति, वायु गुणवत्ता, कचरा प्रबन्धन, सड़क यातायात - से प्रभावित होता है, इसलिये व्यापक शहरी योजना के ज़रिये सिंगापुर के लोगों का बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इन व्यापक योजनाओं का अहम हिस्सा है.

नीतियाँ लागू करते समय स्थानीय स्तर पर सम्वाद

फ़िलिपीन्स में सशर्त नक़दी हस्तान्तरण कार्यक्रमों को असरदार बनाने के लिये क्षेत्रीय कार्यालयों और स्थानीय स्तर पर लोगों के साथ समन्वय आवश्यक था.

इसकी बदौलत कार्यक्रम को एक ऐसे देश में दूरदराज़ के क्षेत्रों तक पहुँचाना सम्भव हुआ जहाँ आबादी सैकड़ों द्वीपों तक फैली है.

घाना में स्कूली आहार कार्यक्रमों के ज़रिये निर्णय प्रक्रिया में सामुदायिक नेताओं, किसानों व भोजन सेवा प्रदाताओं की भागीदारी सम्भव हुई, और निगरानी व मूल्याँकन के लिये शिक्षकों व अन्य लोगों का सहयोग लिया गया.

मोरक्को ने अपनी राष्ट्रीय मानव विकास पहल में स्थानीय समन्वय को समाहित करते हुए 700 क्षेत्रीय, प्रान्तीय और स्थानीय समितियाँ गठित की हैं ताकि कार्यक्रमों को लागू किये जाने की प्रक्रिया के दौरान निगरानी की जा सके और विकास परियोजनाओं का चयन हो सके.

यह लेख मूल रूप से विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित ब्लॉग  का संक्षिप्त रूप है.

 

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