75वाँ सत्र: इसराइल ने कहा, ‘शान्ति के दायरे' में जल्द शामिल होंगे अन्य अरब देश भी

इसराइल के प्रधानमन्त्री बेन्यामिन नेतनयाहू जनरल असेम्बली के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए.
UN Photo/ Rick Bajornas
इसराइल के प्रधानमन्त्री बेन्यामिन नेतनयाहू जनरल असेम्बली के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए.

75वाँ सत्र: इसराइल ने कहा, ‘शान्ति के दायरे' में जल्द शामिल होंगे अन्य अरब देश भी

यूएन मामले

इसराइल के प्रधानमन्त्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को यूएन महासभा के सत्र की जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में कुछ अरब देशों के साथ हुए समझौतों को शान्ति का दायरा बढ़ाने वाली एक अच्छी ख़बर क़रार दिया है. प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने पहले से रिकॉर्ड कराए गए अपने वीडियो सन्देश में हिज़्बुल्लाह चरमपंथियों पर बेरूत के एक रिहायशी इलाक़े में हथियारों का भण्डारण करने का भी आरोप लगाया है.  

इसराइली प्रधानमन्त्री ने कहा कि वैसे तो मध्य-पूर्व क्षेत्र से अच्छी ख़बरें कम ही सुनाई देती हैं, लेकिन इसराइल, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल में हुए समझौतों से वहाँ के लोगों को शान्ति का आर्शीवाद मिलेगा. 

साथ ही उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम से क्षेत्र में व्यापार, निवेश और वाणिज्य को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद जताई है. 

प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें ज़रा भी सन्देह नहीं है कि अन्य अरब व मुस्लिम देश भी शान्ति के इस दायरे में “जल्द, बेहद जल्द,” शामिल होंगे. 

“शान्ति के बारे में अच्छी ख़बर इसलिये आई क्योंकि अतीत की विफल रणनीतियों की कड़ी टूट गई.”

इसराइली प्रधानमन्त्री के मुताबिक दशकों से फ़लस्तीनियों की उन अवास्तविक माँगों के कारण सभी प्रगति रुकी हुई थी जिन पर कोई भी ज़िम्मेदार इसराइली सरकार काम आगे नहीं बढ़ा सकती. 

प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने यथार्थ पर आधारित एक रास्ता चुना, जिसमें येरुशलम को इसराइल की राजधानी के रूप में और गोलन पहाड़ियों पर इसराइली सम्प्रभुता को मान्यता दी गई है.

साथ ही एक यथार्थवादी शान्ति योजना पेश की गई है जिसमें इसराइल के अधिकारों पहचाना दी गई है, उसकी सुरक्षा ज़रूरतों को समझा गया है और इसराइल के साथ शान्ति क़ायम करने के लिये फ़लस्तीनियों के लिये गरिमामय वास्तविक मार्ग प्रशस्त किया गया है. 

अपने सम्बोधन में इसराइली प्रधानमन्त्री ने ईरान से पैदा हुए ख़तरे का भी उल्लेख किया.  

प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान बार-बार सोच-समझकर अपने पड़ोसियों पर उकसावे हमले करता है और उसके परोक्ष आतंकी गुट मध्य पूर्व के देशों - इराक़, सीरिया, यमन, ग़ाज़ा और लेबनान - में सीधे तौर पर हिंसा में शामिल हैं.   

हिज़बुल्लाह का ‘गुप्त हथियार डिपो’

उन्होंने लेबनान की राजधानी बेरूत में हाल ही में हुए भीषण विस्फोट की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए आरोप लगाया कि हिज़बुल्लाह गुट का बेरूत हवाई अड्डे के पास जानाह इलाक़े में एक गुप्त हथियार भण्डार है. 

बेरूत के इस इलाक़े में नागरिक प्रतिष्ठान और ऊर्जा सम्बन्धी ज़रूरतों को पूरा करने वाला बुनियादी ढाँचा है.

उन्होंने चिन्ता जताई कि अगर इस भण्डार में विस्फोट होता है तो यह एक और त्रासदी होगी. 

ग़ौरतलब है कि 4 अगस्त को बेरूत बन्दरगाह पर हुए एक विस्फोट में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग बेघर हो गए थे.

उन्होंने जानाह इलाक़े के पास रहने वाले लोगों से कहा, “आपको अभी कार्रवाई करनी होगी. आपको इसका विरोध करना होगा क्योंकि अगर इसमें विस्फोट हुआ तो यह एक और त्रासदी होगी.”

इसराइली प्रधानमन्त्री ने ईरान के साथ ‘दोषपूर्ण’ परमाणु समझौते से हाथ वापिस खींचने के लिये अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की सराहना की है. उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस समझौते का शुरू से ही विरोध करते रहे हैं.  

प्रधानमन्त्री नेतनयाहू ने अपने वीडियो सन्देश के अन्त में सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों से ईरान के आक्रामक रुख़ के ख़िलाफ़ अमेरिका के साथ खड़े होने की पुकार लगाई.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को हमेशा के लिये एक बार में ही ख़त्म करना होगा. 

“हमारे क्षेत्र में शान्ति के लिये सबसे बड़े ख़तरे का मुक़ाबला करने के लिये अमेरिका का साथ दीजिये. अगर आप ऐसा करते हैं, मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हमारे पास मध्य पूर्व से और भी अच्छी ख़बरों पर ख़ुशी मनाने का मौक़ा होगा.”