यूएन महासभा: ‘बहुपक्षवाद की आवश्यकता’ को रेखांकित करता 75वाँ सत्र शुरू

16 सितम्बर 2020

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 75वाँ सत्र सोमवार, 15 सितम्बर को शुरू हो गया है जिसमें विश्व के सामने मौजूद कोविड महामारी की अभूतपूर्व चुनौती के मद्देनज़र, एक क्षण का मौन रखा गया. इस अवसर पर महासभा के नए अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा कि कोरोनोवायरस ने हमें ये समझने पर मजबूर कर दिया है कि "हमारी सामूहिक चुनौतियों का सामना करने के लिये" बहुपक्षवाद कितना आवश्यक है.

नए महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने सोमवार को न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के आलीशान सभागार में सामाजिक दूरी का पालन करते प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा, "जिन परिस्थितियों में हम काम कर रहे हैं, वह हमें बहुपक्षीय प्रणाली की ज़रूरत याद दिलाता है."

आमने-सामने बैठ कर चर्चा करने को महत्वपूर्ण मानते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिये इस सत्र की मेज़बानी करना बहुत बड़ा सम्मान है, और जब तक ‘स्वास्थ्य इसकी अनुमति दे’ हम आमने-सामने की बैठकें यथासम्भव आयोजित करने की कोशिश करेंगे.

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिये आवश्यक ऐहतियाती उपायों का इन्तेज़ाम करते हुए कहा कि "कूटनीति के व्यापार में, एक-दूसरे के बारे में दीर्घकालिक समझ बनाने और सहमतियों व समझौतों पर पहुँचने के लिये आमने-सामने बैठकर समकक्षों के साथ चर्चा करने का कोई विकल्प नहीं है."

देश प्रमुखों की वर्चुअल पंचायत

महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने इस बैठक में कहा कि अगले सप्ताह होने वाली 'जनरल डिबेट' में इस बार पहले से कहीं अधिक देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे.

उन्होंने कहा कि दो सप्ताह की उच्च स्तरीय बैठकें, "सत्र के लिये हमारे काम का मार्गदर्शन करेंगी". उन्होंने साथ ही ये विश्वास भी व्यक्त किया कि "महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठकों की अहमियत परिस्थितियों के कारण कम नहीं होगी".

एक पूर्ण एजेण्डा

नवगठित महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ; महिलाओं पर चौथे विश्व सम्मेलन की 25वीं वर्षगाँठ; परमाणु हथियारों के सम्पूर्ण उन्मूलन के वास्ते अन्तरराष्ट्रीय दिवस को बढ़ावा देने के लिये एक उच्च-स्तरीय सभा; और जैव विविधता शिखर सम्मेलन उच्च स्तरीय बैठकों के लिये पूर्ण "समर्थन और नेतृत्व" देने का वादा किया. 

उन्होंने सत्र की उदघाटन बैठक को सूचित करते हुए कहा, "75वें सत्र के दौरान, हम दो विशेष महासभा सत्र आयोजित करेंगे, एक कोविड-19 पर – जो महामारी पर चर्चा करने के लिये पहला विशेष सत्र होगा - और दूसरा भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़."

वोल्कान बोज़किर ने अपने कार्यकाल के लिये प्राथमिकताओं की एक सूची भी तैयार की है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आतंकवाद निरोधक रणनीति की समीक्षा करना, सामाजिक विकास के लिये विश्व शिखर सम्मेलन की 25वीं वर्षगाँठ मनाया जाना, और सबसे कम विकसित देशों के लिये पाँचवें संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की तैयारी करना शामिल है.

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2030 एजेण्डा और महासागरों के सम्मेलन के जल-सम्बन्धी लक्ष्यों पर एक उच्च-स्तरीय बैठक भी होगी, साथ ही महासभा का काम में जान फूँकने और सुरक्षा परिषद सुधार पर चर्चा होगी.

उन्होंने कहा, "मुझे सौंपे गए विभिन्न जनादेशों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिये मैं आपके साथ मिलकर काम करूँगा."

एक महत्वपूर्ण वर्ष

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नए महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर को गर्मजोशी के साथ बधाई दी और उन्हें अपने पूर्ण समर्थन व सहयोग देने का आश्वासन दिया.

उन्होंने कहा, "यह वर्ष हमारे संगठन के वजूद के लिये बहुत महत्वपूर्ण होगा. हमें स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करने और उपचार और टीकों के विकास और समान वितरण का समर्थन करके, कोविड-19 महामारी के तत्काल प्रभाव से निपटने के प्रयास जारी रखने होंगे."

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महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष,वोल्कान बोज़किर, महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और निवर्तमान महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने 2030 एजेण्डा और पेरिस समझौते के आधार पर, एक मज़बूत पुनर्बहाली व पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. वहीं शान्ति व सुरक्षा, निरस्त्रीकरण, मानवाधिकार, लैंगिक समानता, सतत विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों की पूरी श्रृँखला पर महासभा का काम जारी रखने पर ज़ोर दिया.

सदी का तीन-चौथाई भाग

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राष्ट्र के लिये मील का पत्थर - 75वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में कहा कि एक नियम आधारित अन्तरराष्ट्रीय प्रणाली में बंधी दुनिया को मुख्य बहुपक्षीय मंच के रूप में संयुक्त राष्ट्र से बहुत उम्मीदें हैं.

उन्होंने सदस्य देशों, प्रमुख देशों के समूहों और अन्य अन्तरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा "विश्वास और सामंजस्य को मज़बूत करने की दिशा में" संकल्प लेने का स्वागत करते हुए कहा,  "बहुपक्षवाद की प्रकृति बदल रही है और मैंने अक्सर 21 वीं सदी के लिये अधिक जुड़े हुए और समावेशी बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है.” 

महासचिव ने 74वें सत्र के समापन के दौरान कहा कि वह 75वें सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के साथ मिलकर "हमारे साझा उद्देश्यों को पूरा करने के लिये" काम करने के लिए तत्पर हैं और "सम्पूर्ण सचिवालय" को अपना सहयोग और समर्थन देते हैं.

अन्त में उन्होंने कहा, "मैं आपके लिये बहुत सफल कार्यकाल की कामना करता हूँ."

'अहम प्रगति'

74वें सत्र की अध्यक्षता कर रहे निवर्तमान महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने 2020 में दिवंगत हुए, पूर्व महासचिव जेवियर पेरेज़ डी कुएइया और बुरांश के राष्ट्रपति पियरे नर्कुनज़िज़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करके, अपने असाधारण कार्यकाल का समापन किया.

उन्होंने "अभूतपूर्व समर्थन" देने के लिये महासचिव और उप महासचिव सहित सचिवालय के कर्मचारियों को धन्यवाद दिया, जिनके बिना "महासभा अच्छी तरह से काम नहीं कर सकती थी."

उन्होंने कहा, "हमने ये सत्र उन लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ शुरू किया था जिनकी सेवा के लिये हम कार्यरत हैं." महासभा ने ग़रीबी उन्मूलन और भुखमरी मिटाने, शिक्षा गुणवत्ता, जलवायु कार्रवाई व समावेशन को बढ़ावा देने के बहुपक्षीय प्रयासों में "उल्लेखनीय प्रगति" की है. 

कोविड का प्रभाव

तिजानी मोहम्मद-बांडे ने बताया कि यह मालूम होने से पहले कि यह वर्ष एक महामारी द्वारा परिभाषित किया जाएगा, महासभा की पहली उच्च-स्तरीय बैठक वैश्विक स्वास्थ्य पर ही केन्द्रित थी. 

"इस नवीन कोरोनावायरस (कोविड-19) के उदभव ने दिखाया है कि हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग विस्तार को जारी रखना होगा," जिसमें "सभी के लिये एक स्वस्थ दुनिया बनाने" की ख़ातिर राष्ट्रीय और वैश्विक प्रयास बढ़ाने ज़रूरी हैं.

उन्होंने आभार व्यक्त किया कि महामारी की शुरुआत में, सदस्य देशों ने दो फ़ैसले लिये जिनमें 70 से अधिक प्रस्ताव पारित करने की अनुमति दी गई और 75वें सत्र के लिये मुख्य समितियों के अध्यक्षों का चयन किया गया.

'कलह त्यागकर एकता को चुनें'

महासभा के महत्व को रेखांकित करते हुए, उन्होंने याद दिलाया कि महासभा "आपकी आवाज़ और वोटों की समानता पर स्थापित" हुई थी और इसके संकल्प "मानवता की आकांक्षाओं" को दर्शाते हैं.

तिजानी मोहम्मद-बांडे ने संगठन के काम में युवाओं को जोड़े रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, "यह हमारे साझा ग्रह और भविष्य के लिये बेहद महत्वपूर्ण क्षण है... कार्रवाई, महत्वाकाँक्षा, समानता, समावेश और साझेदारी का महत्वपूर्ण समय."

उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर ही दुनिया में "शान्ति, न्याय और विकास सुनिश्चित" हो सकता है.

अपने पद से सम्मान के साथ अलग होने की इच्छा प्रकट करते हुए उन्होंने कहा, "हमें अपने कार्यों को सोच-समझकर परिभाषित करना जारी रखना चाहिये और असहमति के बावजूद भी किसी को भी पीछे न छोड़ देने की अपनी प्रतिज्ञा को बरक़रार रखना चाहिये. दरअसल, असहमति के बावजूद, हमें सहानुभूति का चयन करना चाहिये और कलह के मुक़ाबले एकता को चुनना चाहिये."

 

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