माली: लोकतान्त्रिक व्यवस्था ‘जल्द से जल्द बहाल करनी होगी’

20 अगस्त 2020

संयुक्त राष्ट्र ने माली में सैन्य तख़्तापलट के बाद यथाशीघ्र संवैधानिक व लोकतान्त्रिक व्यवस्था बहाल करने, हिंसा से बचने और क़ानून के शासन का सम्मान किये जाने की पुकार लगाई है. यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने गुरुवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में  हिरासत में लिए गए राष्ट्रपति और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित माली की जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

ग़ौरतलब है कि माली में मंगलवार को विद्रोही सुरक्षा बलों ने सरकार का तख़्तापलट करने के बाद राष्ट्रपति और कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया था जिसके बाद यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उनकी बिना शर्त रिहाई और क़ानून का शासन अविलम्ब स्थापित किये जाने का आग्रह किया था.   

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जानकारी देते हुए यूएन शान्तिरक्षा मिशन (MINUSMA) से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि सड़कों पर अपेक्षाकृत शान्ति का माहौल है और किसी बड़ी घटना का समाचार नहीं मिला है. 

“बैंक और बड़े व्यवसाय बन्द हैं लेकिन अधिकाँश स्थानीय दुकानें व बाज़ार फिर से खुल गए हैं.”

यूएन प्रवक्ता ने हिरासत में रखे गए राष्ट्रपति और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित माली की जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा का आग्रह किया है.

माली के राष्ट्रपति इब्राहिम बूबाकर कैटा ने वर्ष 2018 में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया था लेकिन हाल के महीनों में बदहाल अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और देश के पूर्वी व मध्य क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा के विरोध में व्यापक प्रदर्शन हुए हैं.

देश में वर्ष 2012 में अल्प अवधि के लिये चरमपन्थियों की पकड़ मज़बूत हुई थी लेकिन उन्हें फिर पीछे धकेल दिया गया था. इसके तीन साल बाद सरकार और सशस्त्र गुटों में शान्ति समझौता हुआ लेकिन वह पूरी तरह साकार नहीं हो सका है. 

यूएन प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि ख़बरों के अनुसार अशान्त क्षेत्र गाओ के नज़दीक गुरूवार सुबह एक विस्फोट में चार शान्तिरक्षकों के घायल होने की ख़बर है. 

उन्होंने दोहराया कि माली में यूएन मिशन देश में शान्ति प्रक्रिया और स्थानीय लोगों के प्रति अपने दायित्व को निभाने के लिये पूरी तरह संकल्पबद्ध है. 

यूएन मिशन ने इस सिलसिले में ज़ोर देकर कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को आवागमन की पूरी आज़ादी दी जानी होगी और वर्दीधारी शान्तिरक्षकों की अदला-बदली व चिकित्सा कारणों से लोगों को यात्रा की अनुमति दिया जाना भी अहम है.

माली में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने तख़्तापलट करने वाले नेताओं से राष्ट्रपति कैटा और अन्य लोगों को रिहा किये जाने की अपील की है. 

उन्होंने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करके 18 अगस्त की शाम तख़्तापलट किये जाने के दौरान नेशनल गार्ड के हाथों चार लोगों की मौत होने और 15 लोगों के घायल होने की ख़बरों पर गहरी चिन्ता जताई है.

उन्होंने कहा है कि मानवाधिकार हनन के सभी दोषियों की माली के न्यायिक प्रशासन द्वारा जवाबदेही तय की जानी होगी. 

 

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