यूएन महासभा - 75वें सत्र में विश्व नेता करेंगे वर्चुअल शिरकत

23 जुलाई 2020

संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक जनरल डिबेट (आम चर्चा) साल का सबसे अहम आयोजन है लेकिन सितम्बर में होने वाले 75वें सत्र के लिये विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण कुछ तब्दीलियाँ की गई हैं. नए कार्यक्रम के मुताबिक विश्व नेता न्यूयॉर्क आने के बजाय अपने वीडियो सन्देशों के ज़रिये दुनिया से मुख़ातिब होंगे. 

अनेक देश कोविड-19 महामारी से उपजे स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए महासभा के सत्र को बदले हुए कलेवर में वर्चुअली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. 

न्यूयॉर्क शहर अप्रैल 2020 में न्यूयॉर्क कोरोनावायरस के संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित था लेकिन हाल के दिनों में यहाँ कोविड-19 संक्रमणों की संख्या में तेज़ कमी आई है.

इसके बावजूद अमेरिका के कई प्रान्त और बड़े शहर अब भी इस स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहे हैं और किसी अन्य देश की तुलना में अमेरिका में अब तक सबसे ज़्यादा, 40 लाख से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है. 

यूएन महासभा तिजानी मोहम्मद-बाँडे की प्रवक्ता रीम अबाज़ा ने गुरुवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि हर सदस्य देश, पर्यवेक्षक देश और योरोपीय संघ को पहले से रिकॉर्ड किये गए वीडियो सन्देश भेजने के लिये आमन्त्रित किया जाएगा.

राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों के प्रमुखों और मन्त्रियों के ये सन्देश यूएन महासभा हॉल में प्रसारित किये जाएंगे. 

लेकिन इस दौरान महासभा हॉल ख़ाली नहीं रहेगा. इन वीडियो सन्देशों का परिचय हर सदस्य देश के प्रतिनिधि द्वारा दिया जाएगा जो उस समय सभागार में उपस्थित होंगे. 

इसी प्रक्रिया को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ पर समारोह सहित अन्य विशेष उच्चस्तरीय सत्रों के लिये भी लागू किया जाएगा. इनमें जैवविविधता पर शिखर वार्ता और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस को बढ़ावा देना है.  

महासभा अध्यक्ष की प्रवक्ता रीम अबाज़ा ने बताया कि इस साल महासभा सत्र से सम्बन्धित अन्य विवरण आने वाले दिनों में जारी किये जाएंगे. 

इसके समानान्तर न्यूयॉर्क जलवायु सप्ताह और अन्य आयोजनों में शामिल होने के लिये प्रतिभागियों के न्यूयॉर्क आ पाने की सम्भावनाएँ भी कम हैं. महासभा प्रमुख पहले ही इन कार्यक्रमों को ऑनलाइन आयोजित करने का सुझाव दे चुके हैं.  

मौन प्रक्रिया (Silence procedure)

जनरल डिबेट के 75वें सत्र में उच्चस्तरीय खण्ड में पहले से रिकार्ड किये गए वीडियो सन्देशों के प्रसारण का निर्णय यूएन महासभा ने ‘मौन प्रक्रिया’ के तहत बुधवार को किया. 

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बाँडे अब प्रस्ताव के मसौदे ‘मौन प्रक्रिया’ के तहत भेजते हैं.

देशों के प्रतिनिधियों के पास 72 घण्टों की समयसीमा होती है और इस दौरान वे राजधानी में विचार-विमर्श कर सकते हैं और फिर राष्ट्रीय राय पेश कर सकते हैं. 

कोई प्रस्ताव तभी पारित होता है जब उस पर किसी ने आपत्ति दर्ज ना कराई हो जिसके बाद यूएन महासभा अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव पारित होने की सूचना की पुष्टि करने वाला एक पत्र भेजा जाता है.

 

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिये यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें
♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एण्ड्रॉयड