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नेलसन मण्डेला पुरस्कार: मानव सेवा में समर्पित ग्रीस और गिनी के कार्यकर्ता सम्मानित

नेल्सन मंडेला की कांस्य प्रतिमा, जिसमें उनके हाथ ऊपर उठे हुए हैं, का अनावरण 2018 में न्यूयॉर्क शहर में United Nations में किया गया था।
UN Photo/Ariana Lindquist दक्षिण अफ़्रीका में नेल्सन मण्डेला की प्रतिमा का अनावरण.

नेलसन मण्डेला पुरस्कार: मानव सेवा में समर्पित ग्रीस और गिनी के कार्यकर्ता सम्मानित

स्वास्थ्य

कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद के लिये वर्षों से प्रयासरत ग्रीस की मारियाना वार्दिनॉयॉनिस और महिला जननांग विकृति का ख़ात्मा करने की मुहिम में अहम भूमिका निभाने वाले गिनी के डॉक्टर मॉरिसाना कोयाते को वर्ष 2020 के नेलसन मण्डेला पुरस्कार से सम्मानित किये जाने की घोषणा की गई है. हर पाँचवे वर्ष में दिये जाने वाले मण्डेला पुरस्कार के ज़रिये मानवता की सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बाँडे ने शुक्रवार को पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा कि 20 जुलाई को एक वर्चुअल आयोजन में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा.  

30 वर्षों का संघर्ष

ग्रीस की मारियाना वार्दिनॉयॉनिस बच्चों की मदद के लिये समर्पित दो संस्थानों की संस्थापक और अध्यक्ष हैं: “Marianna V. Vardinoyannis Foundation” और “ELPIDA Friends’ Association of Children with cancer.”

मारियाना वी. वर्दिनोयानिस का चित्र, जो 2020 के United Nations नेल्सन रोलिहलाहला मंडेला पुरस्कार की महिला विजेता हैं, जिसमें उन्होंने सफेद जैकेट पहनी हुई है।

कैंसर से पीड़ित बच्चों की मदद के लिये उनकी मुहिम लगभग तीन दशकों से जारी है और उनके प्रयासों की बदौलत हज़ारों बच्चों का इलाज सम्भव हुआ है.

उन्हीं के संस्थान ने वर्ष 1999 में ग्रीस में पहली अस्थिमज्जा (Bone marrow)  प्रत्यारोपण इकाई और वर्ष 2010 में बच्चों में कैंसर के अध्ययन, रोकथाम व उपचार के लिये अस्पताल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी.

उनके संस्थान शरणार्थी बच्चों और अन्य निर्बल सामाजिक समूहों की स्वास्थ्य देखभाल, मानवाधिकारों, शिक्षा कार्यक्रमों और मानव तस्करी के ख़िलाफ़ प्रयासों में भी सक्रिय रहे हैं. 

मारियाना वार्दीनोयोनिस वर्ष 1999 से संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की सदभावना दूत भी रही हैं. 

महिला जननांग विकृति का ख़ात्मा

नुक़सानदेह पारम्परिक प्रथाओं पर अन्तर-अफ़्रीकी समिति के कार्यकारी निदेशक और गिनी के डॉक्टर मॉरीसाना कोयाते अफ़्रीका में महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और जननांग विकृति के अन्त के लिये हो रहे प्रयासों में अग्रणी चेहरा हैं.  

उन्हें अपने कार्य के लिये अनेक अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. 

डॉक्टर कोयाते ने इस समिति का गठन वर्ष 1984 में सेनेगल की राजधानी डाकर में उस समय किया था जब महिला जननांग विकृति पर चर्चा करना भी विवादास्पद और संवेदनशील समझा जाता था. 

उनके संगठन का लक्ष्य शिक्षा के ज़रिये इस प्रथा के ख़िलाफ़ लोगों के रवैयों में बदलाव लाना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी अफ़्रीकी महिलाएँ व बच्चों को उनके मानवाधिकार हासिल हों. उन्हें महिला ख़तना और ऐसी अन्य नुक़सानदेह प्रथाओं के दुष्परिणाम ना झेलने पड़ें. 

वर्ष 2020 के United Nations नेल्सन मंडेला पुरस्कार की विजेता मोरिसांडा कौयाते का सूट और टाई पहने मुस्कुराते हुए चित्र।

उनका संगठन प्रजनन अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत यूएन एजेंसी - संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA), विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष का साझीदार संगठन है. 

यूएन महासभा प्रमुख तिजानी मोहम्मद-बाँडे ने शुक्रवार को दोनों पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा करते हुए कड़े परिश्रम व समर्पण के लिये चयन समिति का आभार जताया. 

जून 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पारित होने के बाद ‘मण्डेला पुरस्कार’ शुरू किया गया था जिसके ज़रिये मानवता की सेवा में समर्पित लोगों की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाता है.

इस पुरस्कार का लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के कामकाज, उद्देश्यों व सिद्धान्तों को बढ़ावा देना और नेलसन मण्डेला के जीवन और आपसी सुलह-समझौते, राजनैतिक व सामाजिक बदलाव की उनकी विरासत को सम्मान देना है.   

नेलसन मण्डेला दक्षिण अफ़्रीका के लोकतान्त्रिक ढँग से चुने गए पहले राष्ट्रपति थे और वह जीवन-पर्यन्त मानवाधिकारों के सक्रिय कार्यकर्ता रहे जिनके प्रयासों के फलस्वरूप देश में नस्लवादी रंगभेदी शासन का अन्त करना सम्भव हुआ.

वर्ष 2020 में पुरस्कारों की घोषणा 18 जुलाई को 'नेलसन मण्डेला अन्तरराष्ट्रीय दिवस' से ठीक पहले की गई है. 

पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्षता यूएन महासभा प्रमुख करते हैं और पुरस्कारों के लिए नामांकन यूएन के सदस्य देश, अन्तरसरकारी संगठन व ग़ैरसरकारी संगठनों द्वारा किया जाता है.