कोविड-19: ख़त्म होने के नज़दीक भी नहीं है महामारी, WHO की चेतावनी

29 जून 2020

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 का पहला मामला चीन के वूहान शहर में सामने आने के क़रीब छह महीने बाद यह संकट अभी ख़त्म होने से दूर है और उस पर क़ाबू पाने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने होंगे. विश्व भर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से ज़्यादा हो जाने के दुखद पड़ाव पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने यह चेतावनी दी है. साथ ही उन्होंने लोगों की जीवनरक्षा के लिए वैश्विक संकल्प को फिर से मज़बूत किए जाने की पुकार लगाई है. 

कोविड-19 के कारण अब तक पाँच लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के मामले भारत, अमेरिका, ब्राज़ील और अन्य देशों में तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक घेबरेयेसेस ने कहा कि वायरस के फैलाव से जिस तरह व्यवधान पैदा हुआ है, छह महीने पहले उसके बारे में कल्पना करना भी मुश्किल था. 

“हम अपनी ज़िन्दगी पर फिर लौटना चाहते हैं. लेकिन कड़वी सच्चाई ये है कि यह अभी ख़त्म होने के नज़दीक भी नहीं है.”

“वैसे को अनेक देशों ने कुछ प्रगति दर्ज की है लेकिन वैश्विक स्तर पर महामारी तेज़ी से फैल रही है. हम सभी इसमें एक साथ हैं और हम सभी लम्बे समय के लिए एक साथ हैं.”

‘नव सामान्य’

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 31 दिसम्बर 2019 से अब तक की गई कार्रवाई और अहम पड़ावों की अपनी टाइमलाइन में अपडेट किए हैं. 

साल 2019 के आख़िरी दिन ही चीन के वूहान शहर में अज्ञात कारणों से न्यूमोनिया के कई मामले सामने आने के बाद यूएन स्वास्थ्य एजेंसी को पहली बार इस बीमारी के बारे में मालूम हुआ था. 

इसके बाद से यूएन एजेंसी ने जवाबी कार्रवाई के तहत स्वास्थ्यकर्मियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग मुहैया कराई है, टैस्ट किटें और निजी बचाव सामग्री व उपकरण ज़रूरतमन्द देशों के लिए रवाना किये गए हैं और वायरस को हराने व प्रभावी उपचार की तलाश करने के लिए एकजुटता ट्रायल शुरू किया है. 

यूएन एजेंसी के महानिदेशक घेबरेयेसस ने बताया कि स्वास्थ्य संगठन विज्ञान, एकजुटता और समाधान के साथ देशों को अपनी सेवाएँ प्रदान करना जारी रखेगा. 

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“आने वाले महीनों में देशों के लिए सबसे अहम सवाल यही होगा कि इस वायरस के साथ किस तरह से जिया जाए. यही नई सामान्य स्थिति है.”

जीवनरक्षा के पाँच तरीक़े

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने के लिए देशों को पाँच प्राथमिकताएँ तय करने के लिए कहा है.

- अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लोगों को सशक्त बनाना (सुरक्षा के लिए शारीरिक दूरी बरते जाने सहित अन्य स्वास्थ्य उपायों का पालन करना, मास्क पहनना, भरोसेमन्द स्रोत से सूचना प्राप्त करना),

- वायरस के फैलाव पर क़ाबू पाने के प्रयास जारी रखना और संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल करके उन्हें एकान्तवास में रखने की व्यवस्था करना,

- जल्द से जल्द संक्रमण के मामलों का पता लगाना, संक्रमित लोगों को चिकित्सा देखभाल मुहैया कराना और स्वास्थ्य जोखिम वाले समूहों, जैसेकि वृद्धजन और नर्सिंग होम में रह रहे लोगों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए प्रयास करना,

- रीसर्च की गति को बढ़ाया जाना क्योंकि अभी इस वायरस के बारे में बहुत कुछ सीखा जाना बाक़ी है,

- संक्रमण के फैलाव पर क़ाबू पाने, ज़िन्दगियाँ बचाने और सामाजिक व आर्थिक असर को कम करने के लिए व्यापक रणनीति में राष्ट्रीय एकता और वैश्विक एकजुटता को सुनिश्चित करना.

विश्वव्यापी महामारी के फैलाव के अगले चरण के लिए रीसर्च प्राथमिकताओं का आकलन करने और प्रगति का मूल्याँकन करने के इरादे से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस सप्ताह एक बैठक बुलाई है.

साथ ही यूएन एजेंसी अगले हफ़्ते एक टीम चीन के लिए रवाना करेगी जहाँ वायरस के पशुजनित स्रोत के मुद्दे पर एक बैठक होनी है.  

 

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