मरुस्थलीकरण व सूखा विरोधी दिवस

17 जून 2020

मानव गतिविधियों के कारण पृथ्वी का स्वास्थ्य भी ख़राब चल रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी की तकलीफ़ों में और इज़ाफ़ा हुआ है. मरुस्थलीकरण व सूखा का सामना करने के लिए मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर महासचिव का वीडियो सन्देश...

 

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समाचार ट्रैकर: इस मुद्दे पर पिछली कहानियां

उपजाऊ भूमि का मरुस्थल में बदलना बड़ी समस्या

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने सोमवार को 'विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस' पर अपने वीडियो संदेश में सचेत किया है कि दुनिया हर साल 24 अरब टन उपजाऊ भूमि खो देती है. उन्होंने कहा कि भूमि की गुणवत्ता ख़राब होने से राष्ट्रीय घरेलू उत्पाद में हर साल आठ प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. भूमि क्षरण और उसके दुष्प्रभावों से मानवता पर मंडराते जलवायु संकट के और गहराने की आशंका है.