यूएन दूत की चेतावनी, सीरिया में समय किसी के पक्ष में भी नहीं

16 जून 2020

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पेडरसन ने कहा है कि देश में आर्थिक हालात बदतर होते जा रहे हैं और इसलिए जल्द ही ऐसा रास्ता ढूँढा जाना होगा जिससे लोग अपनी पीड़ाओं से उबर सकें और अपने भविष्य को आकार दे सकें. 

उन्होंने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को सीरिया में हालात से अवगत कराते हुए बताया कि वह जिनीवा में सीरिया के लिए संवैधानिक समिति के तीसरे सत्र के आयोजन के लिए तैयार हैं.

कोविड-19 के कारण मौजूदा पाबन्दियों के मद्देनज़र ये सत्र उन्होंने अगस्त महीने के अन्त में कराने का प्रस्ताव रखा है. 

लेकिन उन्होंने चेतावनी भी जारी की है कि सीरियाई जनता जिन कटु वास्तवकिताओँ का सामना कर रही है उन्हें महज़ संवैधानिक वार्ताओं से हल नहीं किया जा सकता.

सीरिया में लगभग एक दशक से चले आ रहे हिंसक संघर्ष के कारण 80 फ़ीसदी से ज़्यादा लोग निर्धनता में जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं. 

सीरिया में इस समय पाँच अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा बल मौजूद हैं और अमेरिका व योरोपीय संघ की ओर से प्रतिबन्ध भी लगाए गए हैं. 

“सीरिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है. हिंसक संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष को यह नहीं समझना चाहिए कि समय उनके साथ है. किसी को भी निश्चिन्त नहीं होना चाहिए कि आने वाले समय में बेहतर मौक़े मिलेंगे.” 

विशेष दूत ने कहा कि इस समय मौजूदा संकट की वास्तविकताओं के साथ गम्भीरता से पेश आने की आवश्यकता है.

उन्होंने सभी पक्षों के साथ एक साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया है ताकि सीरिया की सम्प्रभुता को बहाल किया जा सके, लोगों की पीड़ाओं का अन्त हो और वो अपने भविष्य को आकार दे सकें. 

कोविड-19 और पड़ोसी देश लेबनान में बैंकिंग संकट के कारण सीरिया में आर्थिक बदहाली और भी ज़्यादा गहरी हो गई है. देश की मुद्रा लीरा का मूल्य गिरा और मुद्रास्फीति उठान पर है. 

हाल के दिनों में सीरिया के कुछ इलाक़ों में मौजूदा हालात से क्षुब्ध लोगों ने स्वइदा, डरा और इदलिप में सड़कों पर आकर कर प्रदर्शन किए हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि 93 लाख सीरियाई लोग खाद्य असुरक्षा का शिकार हैं और 20 लाख से ज़्यादा अन्य लोगों पर जोखिम मँडरा रहा है. 

गेयर पेडरसन ने ध्यान दिलाया कि मानवीय राहत पहुँचाए जाने के रास्तों को खुला रखा जाना होगा ताकि राहत सामग्री ज़रूरतमन्दों तक वितरित की जा सके. सीरिया में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 183 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. 

इस बीच रूस की मध्यस्थता से देश में भूराजनैतिक दृष्टि से संवेदनशील दक्षिण-पश्चिम में स्थित तफ़स में एक हिंसक टकराव को टालने में सफलता मिली है.

उन्होंने बताया कि पश्चिमोत्तर हिस्से में गोलाबारी, सरकारी सुरक्षा बलों की हवाई कार्रवाई और लोगों के विस्थापन की ताज़ा घटनाओं के कारण हालात चिन्ताजनक हो रहे हैं.  

उन्होंने इदलिब और अन्य इलाक़ों में शान्ति की अपील दोहराई और कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2254 के अनुरूप राष्ट्रव्यापी युद्धविराम को लागू किया जाना होगा और इसके समानान्तर इस्लामिक स्टेट (दाएश) के फिर ना उभरने देने के भी प्रयास करने होंगे. 

 

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