लीबिया में सामूहिक क़ब्रें मिलीं, जाँच की माँग

लीबिया के बेनग़ाज़ी में युद्ध से तबाह हुआ एक इलाक़ा. ऐसी तबाही ने लाखों बच्चों की स्कूली शिक्षा को मुश्किल बना दिया है.
© UNICEF/Giovanni Diffidenti
लीबिया के बेनग़ाज़ी में युद्ध से तबाह हुआ एक इलाक़ा. ऐसी तबाही ने लाखों बच्चों की स्कूली शिक्षा को मुश्किल बना दिया है.

लीबिया में सामूहिक क़ब्रें मिलीं, जाँच की माँग

शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि लीबिया में हाल के दिनों में सामूहिक क़ब्रें मिलने से उन्हें गहरा आघात पहुँचा है. ये क़ब्रें उन इलाक़ों में मिली हैं जो कुछ समय पहले तक विरोधी गुट के जनरल ख़लीफ़ा हफ़्तार के नेतृत्व वाली कथित लीबियन नेशनल आर्मी के क़ब्ज़े में थे.

 शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की ओर से उनके प्रवक्ता स्टेफ़ान दुजैरिक ने एक बयान जारी किया जिसमें महासचिव गुटेरेश ने एक व्यापक और पारदर्शी जाँच की माँग की है ताकि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके. 

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लीबिया की राजधानी त्रिपोली से क़रीब 100 किलोमीटर दूर स्थित तरहुना में आठ सामूहिक क़ब्रों मिली हैं.

पहले यह इलाक़ा जनरल ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार लड़ाकों का गढ़ रह चुका है जो त्रिपोली पर नियन्त्रण के लिए पिछले एक साल से अभियान चला रहे हैं. 

यूएन प्रमुख ने लीबिया में प्रशासन से सामूहिक क़ब्रों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने, पीड़ितों की शिनाख़्त करने, उनकी मौत के कारणों की जाँच करने और शवों को परिजनों को सौंपने का आग्रह किया है. 

साथ ही उन्होंने लीबिया को भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र हरसम्भव मदद प्रदान करने के लिए तैयार है. 

“महासचिव ने लीबिया में युद्धरत सभी पक्षों को अन्तरराष्ट्रीय मानवीय राहत और मानवाधिकार क़ानूनों के तहत तय दायित्वों के प्रति फिर आगाह किया है.” 

यूएन प्रवक्ता ने कहा कि महासचिव गुटेरेश ने लीबिया में ज़िन्दगियाँ बचाने और आम लोगों की तक़लीफ़ों का अन्त करने के लिए लड़ाई तुरन्त रोकने की अपील दोहराई है.

प्रवक्ता ने कहा कि लीबिया में संयुक्त सैन्य कमीशन द्वारा कामकाज शुरू किए जाने का यूएन महासचिव ने स्वागत किया है और जल्द युद्धविराम पर सहमति होने की उम्मीद जताई है.

हाल ही में लीबिया पर सुरक्षा परिषद की एक बैठक में लीबिया में यूएन मिशन (UNSMIL) की प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने हालात की जानकारी देते हुए बताया कि देश की जनता को लगातार बमबारी का सामना करना पड़ रहा है.

रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान भी जल और बिजली आपूर्ति भी रुक-रुककर बाधित होती रही. 

उन्होंने चिन्ता जताई कि जिस तरह दोनों युद्धरत पक्षों को हथियार, लड़ाके और साज़ो-सामान हासिल हो रहे हैं, उससे सिर्फ़ एक ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि युद्ध अभी और तेज़, व्यापक और गहरा होगा. लीबिया की जनता पर इसका विनाशकारी असर होगा.