कोविड-19: घरेलू हिंसा में बढ़ोत्तरी

9 जून 2020

स्वास्थ्य महामारी कोविड-19 के कारण बहुत से लोगों को अपने घरों में ही सीमित रहना पड़ा है. उनमें बहुत सी महिलाएँ अपने उत्पीड़कों के साथ रहने को मजबूर हैं, इससे घरेलू हिंसा में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. स्थिति का मुक़ाबला करने के लिए क्या करना चाहिए... (देखें ये वीडियो)

 

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समाचार ट्रैकर: इस मुद्दे पर पिछली कहानियां

लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा में ‘भयावह बढ़ोत्तरी’ चिंता का सबब 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत दुनिया के कई देशों में तालाबंदी लागू होने से विश्व आबादी का एक बड़ा हिस्सा घरों तक सीमित हो गया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इन हालात में महिलाओं व लड़कियों के प्रति घरेलू हिंसा के मामलों में ‘भयावह बढ़ोत्तरी’ दर्ज किए जाने पर चिंता जताते हुए सरकारों से ठोस कार्रवाई का आहवान किया है. 

'महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा समाज के लिए ‘शर्म की बात’ है'

महिलाओं और बच्चियों के ख़िलाफ़ हिंसा न सिर्फ मानवाधिकार का मुद्दा है, बल्कि यह ‘नैतिक रूप से उनका तिरस्कार’ भी है और सभी समाजों के लिए ‘शर्म की बात’. महिलाओं विरुद्ध हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने यह बात कही. उन्होंने इस उत्पीड़न को समाप्त करने के लिए दुनिया भर के देशों का आह्वान किया.