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रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

महिला स्वयंसेवक रूमा अख्तर बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में UNICEF के शिक्षण केंद्र में बने एक अस्थायी कक्षागृह में दो युवा रोहिंग्या शरणार्थी लड़कों को पढ़ा रही हैं।
© UNICEF/Patrick Brown 19 वर्षीय रूमा क़रीब 30 मिनट की बस यात्रा करके कॉक्सेज़ बाज़ार में स्थित कुटुपलोंग-बुलुख़ाली शरणार्थी शिविर में बच्चों को पढ़ाने के लिए जाती हैं. (जून 2019)

रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

प्रवासी और शरणार्थी

म्याँमार में 2017 में भड़की हिंसा व सुरक्षा बलों के दमन से बचकर भागे लगभग साढ़े सात लाख रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. वहाँ पहले से लाखों अन्य रोहिंज्या शरणार्थी भी रहे हैं जिन्हें मिलाकर ये विशालतम शरणार्थी बस्ती बन गई है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस भीड़ भरी बस्ती में कोविड-19 महामारी के फैलने की आशंका के बीच यूएन ख़ास तैयारियाँ की हैं. देखें वीडियो फ़ीचर...