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कोविड-19: पाबंदियाँ हटाने भर से महामारी का ख़ात्मा नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चरणबद्ध ढंग से पाबंदियों को हटाने पर ज़ोर दिया है.
Wang Zhihong
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चरणबद्ध ढंग से पाबंदियों को हटाने पर ज़ोर दिया है.

कोविड-19: पाबंदियाँ हटाने भर से महामारी का ख़ात्मा नहीं

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कुछ देशों से मिले शुरुआती आंकड़े दर्शाते हैं कि कोविड-19 से उनकी जनसंख्याओं का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही अभी संक्रमित हुआ है. महामारी से बुरी तरह पीड़ित देशों में भी जनसंख्या का दो-तीन फ़ीसदी हिस्सा ही प्रभावित हुआ है. 

सोमवार तक दुनिया भर में संक्रमण के 23 लाख मामले सामने आ चुके हैं और एक लाख 57 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

कोविड-19 एंटीबॉडीज़ टैस्ट विकसित करने के लिए कई देशों में तेज़ी से काम चल रहा है जिसके ज़रिए किसी जनसमूह में संक्रमण की व्यापकता के बारे में पता लगाया जा सकता है.

वायरस से एक बार संक्रमित होने के बाद मरीज़ में एंटी-बॉडीज़ बनती हैं जो लक्षणों की ग़ैरमौजूदगी में भी उसके संक्रमित होने के बारे में जानकारी दे सकती हैं. 

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यूएन स्वास्थ्य एजेंसी इस संबंध में Sero-epidemiologic सर्वेक्षण शुरू करने के लिए तकनीकी, वैज्ञानिक और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस घेबरेयेसस ने दोहराया कि ‘लॉकडाउन’ यानी तालाबन्दी जैसी पाबंदियाँ हटाने की योजना तैयार करते समय ध्यान रखना होगा कि पाबंदियों का हटना किसी देश में महामारी का अंत नहीं है. 

“महामारी के ख़ात्मे के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता होगी जिसमें व्यक्तियों, समुदायों और सरकारों को निरंतर इस घातक वायरस पर नियंत्रण रखना होगा.”

“कथित तालाबंदी से किसी देश में महामारी की रफ़्तार धीमे करने में मदद मिल सकती है लेकिन सिर्फ़ इसी से उसका अंत नहीं किया जा सकता.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि देशों को सुनिश्चित करना होगा कि संदिग्धों का पता लगाया जाए, परीक्षण के बाद मामलों की पुष्टि होने पर उन्हें अलग किया जाए और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी हो.

यूएन एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि वर्चुअल कॉन्सर्ट के ज़रिए WHO के ‘एकजुटता फ़ंड’ के लिए साढ़े पाँच करोड़ डॉलर सहित कुल 12 करोड़ 70 लाख डॉलर की धनराशि एकत्र हुई है जिससे कोविड-19 के ख़िलाफ़ कार्रवाई में जुटे संगठनों की मदद की जाएगी. 

‘एकजुटता फंड’ 13 मार्च को शुरू होने के बाद इसमें 19 करोड़ 40 लाख डॉलर की राशि जुटाई जा चुकी है और ढाई लाख से ज़्यादा व्यक्तियों, विशाल कंपनियों और संस्थानों ने इसमें योगदान किया है. 

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उन्होंने जी20, जी77 और गुटनिरपेक्ष समूह के देशों से मिले समर्थन पर आभार जताते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रतिबद्धता विज्ञान, समाधान और एकजुटता के साथ है. 

“हमारा संकल्प ज़िंदगियाँ बचाने के लिए सभी देशों को समर्थन देना है. बस यही, यही हमारी मंशा है. हम ज़िंदगियाँ बचाने के लिए ही यहाँ पर हैं.”

कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए यूएन स्वास्थ्य एजेंसी तकनीकी दिशा-निर्देश जारी कर रही है और वैश्विक प्रयासों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने में जुटी है. 

स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 टेस्ट किट्स के उत्पादन व वितरण को लगातार अपनी प्राथमिकता बताया है. 

यूएन एजेंसी प्रमुख ने उन पॉंच डायग्नोस्टिक परीक्षणों के लिए जारी प्रयासों का ज़िक्र किया है जिन पर ‘फ़ाउंडेशन फ़ॉर इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक्स’ (FIND) और ‘क्लिंटन हैल्थ ऐक्सैस इनीशिएटिव’ के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.

यूएन एजेंसी अगले चार महीनों में तीन करोड़ टेस्ट किटों का ऑर्डर देने की तैयारी कर रही है जिसकी पहली खेप अगले सप्ताह से यूएन सप्लाई चेन की मदद से मिलनी शुरू हो जाएगी. 

एकजुटता उड़ानों के तहत जीवनरक्षक मेडिकल सप्लाई को पिछले सप्ताह अफ़्रीका के 40 देशों में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भेजा गया है.

इस पहल के तहत ज़रूरी सामग्री 120 प्राथमिकता वाले देशों में भेजना सुनिश्चित करना है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने आशा जताई है कि मई महीने तक 18 करोड़ सर्जिकल मास्क, पाँच करोड़ से ज़्यादा N95 मास्क और बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले तीस लाख से ज़्यादा चश्मे ज़रूरतमंद देशों तक पहुँचाए जाएंगे.