कोविड-19: नाज़ुक हालात वाले देशों में राहत के लिए 'एकुजटता उड़ान'

यूएन की एकजुटता उड़ानों के ज़रिए मेडिकल सामग्री को अफ़्रीकी देशों में पहुंचाया जा रहा है.
WFP/Edward Johnson
यूएन की एकजुटता उड़ानों के ज़रिए मेडिकल सामग्री को अफ़्रीकी देशों में पहुंचाया जा रहा है.

कोविड-19: नाज़ुक हालात वाले देशों में राहत के लिए 'एकुजटता उड़ान'

स्वास्थ्य

अफ़्रीकी देशों में विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से निपटने के प्रयासों के तहत विमानों के ज़रिए ज़रूरी मेडिकल व बचाव सामग्री पहुंचाई जा रही है. इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्र की पहली ‘एकजुटता उड़ान’ (Solidarity flight) बचाव उपकरणों की पहली खेप मंगलवार को इथियोपिया की राजधानी आदिस अबाबा पहुंची है.  

विश्व खाद्य कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन इथियोपियन एयरलाइटन चार्टर विमान के ज़रिए दस लाख फ़ेस मास्क के अलावा दस्ताने, चश्मे, वेंटिलेटर और अन्य ज़रूरी सामान पहुंचा रहे हैं. 

अफ़्रीका के लिए यूएन एजेंसी में क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर मातशिदिसो मोएती ने बताया, “हमने बार-बार देखा है कि स्वास्थ्यकर्मी अस्पतालों में काम करने के दौरान संक्रामक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और उनकी मौत भी हो रही है.” 

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“यह अस्वीकार्य है. ये निजी बचाव सामग्री उन्हें सुरक्षित रहने में मदद करेगी. स्वास्थ्य देखभाल के अग्रिम मोर्चे पर जुटे लोगों के संरक्षण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन कटिबद्ध है.”

विश्व खाद्य कार्यक्रम की प्रवक्ता एलिज़ाबेथ बायर्स ने बताया कि महाद्वीप पर 30 हज़ार मरीज़ों की देखभाल में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों की रक्षा के लिए पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं.

“महामारी के शुरू होने से अब तक आपूर्ति की यह अकेली सबसे बड़ी खेप है और इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों में रहने वाले लोगों का परीक्षण व उपचार हो सके, और अग्रिम मोर्चों पर जुटे स्वास्थ्यकर्मी भी उपयुक्त ढंग से ख़ुद का बचाव कर सकें.”

ये सामग्री शुरुआती चरण में पॉंच अन्य अफ़्रीकी देशों में वितरित की जाएगी जिनमें जिबूती, सूडान, एरिट्रिया, सोमालिया और तंज़ानिया प्रमुख हैं.

लेकिन व्यापक प्रयासों के तहत उन 95 देशों तक सामग्री पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जहां कोरोनावायरस फैलने का जोखिम है लेकिन मेडिकल उपकरणों और मानवीय राहत का अभाव है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुबई में उसका ‘लॉजिस्टिक हब’ अथक प्रयास कर रहा है ताकि निजी बचाव सामग्री और अन्य सामानों की 130 खेप 95 देशों में भेजी जा सकें.  

एकजुटता है कुंजी

विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डेविड बीज़ली ने कहा कि कमर्शियल विमान उड़ान नहीं भर पा रहे हैं और मेडिकल कार्गो सामान भी फंसा हुआ है.

इस वायरस को शुरुआत में ही फैलने से रोक सकते हैं लेकिन हमें साथ मिलकर काम करना होगा.

“विश्व खाद्य कार्यक्रम अहम मेडिकल आपूर्ति को अग्रिम मोर्चों तक पहुंचाने और ज़िंदगियाँ बचा रहे स्वास्थ्यकर्मियों की रक्षा करने के लिए संकल्पबद्ध है.”  

इतने व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम ने 35 करोड़ डॉलर की रक़म इकट्ठा करने अपील जारी की थी लेकिन अब तक इसकी एक चौथाई धनराशि का ही इंतज़ाम हो पाया है. 

इस कार्रवाई में साझीदार यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने महामारी पर क़ाबू पाने के लिए देशों और संगठनों के बीच एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया है. 

इस कार्य में सभी एजेंसियों का एक साथ मिल कर काम करना और कोविड-19 के ख़िलाफ़ कार्रवाई का हिस्सा होना अहम बताया गया है और इसी तरीक़े को अपनाकर दुनिया कोरोनावायरस को हरा सकती है.

फ़ेस मास्क, दस्ताने और चश्मों के अलावा जो अन्य निजी बचाव सामग्री व उपकरण भेजे गए हैं उनमें फ़ेस शील्ड, मेडिकल गाउन, एप्रेन और थर्मोमीटर शामिल हैं. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने एक वक्तव्य जारी करके कहा है कि कार्गो विमान में भारी तादाद में मेडिकल सामान भी भेजा जाएगा जिसे इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद और जैक मा फ़ाउंडेशन इनिशिएटिव ने दान किया है. 

इस सामग्री के वितरण के लिए अफ़्रीकी संघ ने Africa Centres for Disease Control and Prevention के ज़रिए तकनीकी मदद और समन्वय कार्य की ज़िम्मेदारी संभाली है.

कोविड-19 से मुक़ाबले के लिए ज़रूरी बेहद अहम मेडिकल उपकरण और कर्मचारी भेजे जाने के अलावा, आदिस अबाबा मानवीय राहत ‘हब’ राहतकर्मियों को मेडिकल कारणों से ले जाने की ज़िम्मेदारी भी निभाएगा.

आदिस अबाबा के बोलए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विश्व खाद्य कार्यक्रम का 25 सदस्यों वाला एक दल रात-दिन अभियान को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए तैनात किया गया है.