बांग्लादेश: कोविड-19 से बचाव के लिए फ़ेस मास्क बनाने में जुटा स्थानीय समुदाय

31 मार्च 2020

कोविड-19 महामारी फैलने की आंच बांग्लादेश तक भी पहुंच रही है और कॉक्सेस बाज़ार में रह रहे लाखों रोहिंज्या शरणार्थियों और स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा पैदा रहा है. इस बीमारी की रोकथाम के उपायों को इन समुदायों तक पहुंचाने के काम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे हैं. संक्रमण से उनकी सुरक्षा व बचाव के लिए एक नई पहल शुरू की गई है जिसमें स्थानीय समुदाय के सदस्य कपड़े के हज़ारों फ़ेस मास्क बना रहे हैं.

विश्व भर में इस बीमारी के तेज़ी से फैलने के कारण अब तक साढ़े सात लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 37 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. बांग्लादेश में कोरोनावायरस के 49 मामलों की पुष्टि हो चुकी है.

ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र फ़ेस मास्क सहित अन्य निजी बचाव सामग्री की मांग में भारी बढ़ोत्तरी हुई है जिससे वैश्विक स्तर पर इनकी किल्लत भी पैदा हो गई है.

इन फ़ेस मास्क का इस्तेमाल स्वास्थ्यकर्मियों, मरीज़ों और बीमारों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों द्वारा किया जाता है. 

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने कॉक्सेस बाज़ार में एक प्रोजेक्ट की शुरुआत की है जिसके तहत छह हज़ार कपड़े के मास्क तैयार किए जा रहे हैं. इन मास्क को धोकर फिर से इस्तेमाल में लाया जा सकेगा. 

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में रोहिंज्या समुदाय के लिए शरणार्थी कैंप दुनिया के सबसे बड़े और भीड़-भाड़ वाले शरणार्थी शिविरों में शामिल हैं. 

ये मास्क चक्रवाती तूफ़ानों से निपटने की तैयारी में जुटे उन स्वयंसेवकों और अग्रिशमन व सिविल डिफ़ेंस कर्मियों के लिए बनाए जा रहे हैं जो यूएन माइग्रेशन के साथ मिलकर इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और संक्रमण से बचने के उपायों के बारे में जानकारी मुहैया कराने के प्रयासों में शामिल है.  

इस पहल की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन और उसके साझीदार ग़ैर-सरकारी संगठनों ने की है. इस परियोजना के तहत काम कर रहे 35 लोगों के लिए 14 सिलाई की मशीनें मुहैया कराई गई हैं जिनमें 25 महिलाएं हैं. 

कॉक्सेस बाज़ार में आईओएम के ट्रान्ज़िशन एंड रिकवरी विभाग के प्रमुख पैट्रिक चेरिगनोन ने बताया कि, “कपड़े के ये मास्क व्यक्तियों के आपसी संपर्क को कम करते हैं और सरकार के प्रयासों को समर्थन देते हैं. इन्हें अन्य उपायों जैसे नियमित रूप से हाथ धोने और सामाजिक दूरी बरतने के साथ अमल में लाए जाने की ज़रूरत है.” 

“यह पहल एक आजीविका संबंधी गतिविधि भी है जिसकी बेहद ज़रूरत थी जिससे नाज़ुक हालात वाले उन घरों को मदद मिल सकेगी जिनकी मुखिया महिलाएं हैं और जो अब मास्क बना रही हैं.”

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन सहित अन्य यूएन एजेंसियां और ग़ैर-सरकारी संगठन बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर कोविड-19 से निपटने के लिए जागरूकता के प्रसार में जुटे हैं ताकि कॉक्सेस बाज़ार में कोविड-19 के संभावित मामलों के लिए तैयारी की जा सके.

इन प्रयासों के तहत ज़िला कमिश्नरर और सिविल सर्जन के साथ संपर्क सुनिश्चित किया गया है ताकि बांग्लादेशी और रोहिंज्या समुदायों तक सही संदेश पहुंचाया जा सके.

साफ़-सफ़ाई के प्रति जागरूकता फैलाकर, साबुन वितरण से और हाथ धोन की व्यवस्था करना लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए अहम है.

इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीज़ों की देखभाल के लिए तैयार किया जा रहा है जिसके अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अलग रखे जाने वाले मरीज़ों के लिए बिस्तरों की संख्या बढाई गई है, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री व दवाईयों का इंतज़ाम किया गया है और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 
 

 

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