अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में सिख गुरुद्वारे पर हमले की निंदा

26 मार्च 2020

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के केंद्रीय इलाक़े में स्थित एक सिख गुरुद्वारे पर हुए हमले की निंदा की है. बुधवार को हुए इस हमले में अनेक लोगों की मौत हुई है और बहुत से अन्य घायल हुए हैं. 

यह हमला तब हुआ जब सिख श्रृद्धालु बुधवार सुबह प्रार्थना के लिए एकत्र हो रहे थे.

ख़बरों के मुताबिक इस्लामिक स्टेट (दाएश) के चरमपंथियों ने गुरुद्वारे को निशाना बनाते हुए पहले एक गार्ड की हत्या कर दी और फिर अनेक श्रृद्धालुओं को बंधक बना लिया. 

हमले के बाद गुरुद्वारे में अफ़रातफ़री मच गई और अनेक श्रृद्धालुओं ने छिपकर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली.

इस हमले में 25 लोगों की मौत हुई है जिनमें एक बच्चा भी है. 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एक वक्तव्य में कहा, “मासूमों पर हमले अस्वीकार्य हैं और ऐसे अपराधों को अंजाम देने वालों की जवाबदेही तय की जानी होगी.”

उन्होंने पीड़ितों के परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. 

“संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है और देश में शांति स्थापित करने के लिए प्रयासों का समर्थन करता रहेगा.” 

यूएन अलायंस ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स (UNAOC) के उच्च प्रतिनिधि मिगेल एंगेल मोराटिनोस ने भी इसे एक ‘घिनौने हमला’ क़रार देते हुए क्षोभ प्रकट किया है. 

उनकी ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया एक विश्वव्यापी महामारी का सामना कर रही है जिससे सभी पर बुरा असर पड़ा है और जबकि सभी को ‘एक मानवता’ के रूप में साथ आने की ज़रूरत है. 

उच्च प्रतिनिधि ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएन की कार्ययोजना का उल्लेख करते हुए ज़ोर दिया कि पवित्र स्थलों और श्रृद्धालुओं को हमले में निशाना बनाया जाना असहनीय है और इस पर पूर्ण विराम लगाना होगा. 

उच्च प्रतिनिधि मोराटिनोस ने सभी सरकारों और अन्य पक्षों से अपील की है कि इस कार्ययोजना को लागू करने में मदद दी जानी चाहिए ताकि उपासना स्थलों और श्रृद्धालुओं की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जा सके.

अफ़ग़ानिस्तान में सिख और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यों पर अतीत में हुए आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि ताज़ा हमला उस कड़ी का नया हिस्सा है जिसमें दुनिया भर में आस्थावान समुदायों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं. 

उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों से दुनिया में एकजुटता, सम्मान और शांति का प्रसार किए जाने के प्रयासों से नहीं डिगा जाना चाहिए. 

 

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