कोविड-19: भारत सरकार की ‘तालाबंदी रणनीति का स्वागत’

कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को अच्छी तरह से धोना ज़रूरी है.
UNICEF/Vishwanathan
कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को अच्छी तरह से धोना ज़रूरी है.

कोविड-19: भारत सरकार की ‘तालाबंदी रणनीति का स्वागत’

स्वास्थ्य

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा डेज़ालिएन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 21 दिन की देशव्यापी तालाबंदी की रणनीति का स्वागत किया है. उन्होंने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामाजिक दूरी बनाने के प्रधानमंत्री के आहवान की सराहना की है.  भारत में अब तक कोरोनावायरस संक्रमण के 562 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और देश में कोविड-19 का सामुदायिक स्तर पर फैलाव होने की आशंका बढ़ रही है.

भारत सरकार ने ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र मंगलवार, 24 मार्च, को देश भर में 21 दिनों के लिए पूर्ण तालाबंदी की घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि यह तालाबंदी देश के हर ज़िले, हर गली, हर गॉंव में लागू होगी और अगर लोग अगले 21 दिनों को नहीं संभाल पाए तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक दूरी बनाना एक महत्वपूर्ण क़दम है जो संक्रमण के चक्र को तोड़ने में मदद करता है.

रेनाटा डेज़ालिएन ने कहा, “भारत में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली पूरी तरह काम में लगी है और कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में भारत सरकार को अधिक से अधिक समर्थन देने के लिए तैयार है. मेरा मानना है कि अगर हम एक साथ काम करते हैं, तो हम अपने जीवनकाल के इस सबसे बड़े स्वास्थ्य ख़तरे को दूर कर सकते हैं.” 

 विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ़ सहित संयुक्त राष्ट्र की सभी एजेंसियां, कोविड-19 से लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर हैं और केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर इन ख़ास बातों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं:

- कोविड-19 से निपटने की कार्रवाई को असरदार ढंग से लागू करना

- रोग निगरानी, प्रयोगशाला और अनुसंधान प्रोटोकॉल व्यवस्था तैयार करना

- संक्रमण रोकने का प्रशिक्षण प्रदान करना

- यात्रियों में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण

- चिन्हित समूहों की निगरानी और वायरस की रोकथाम

रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा डेज़ालिएन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. हेंक बेकेडम ने 24 मार्च को भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से मुलाक़ात कर सरकार की इस समयोचित और मज़बूत कार्रवाई की सराहना की. 

महामारी से निपटने के लिए सरकार के दृष्टिकोण की प्रशंसा के साथ-साथ इस दौरान पूर्वाग्रहों और कलंक की मानसिकता को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की गई.

उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भारत में संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह सक्रिय है और सभी के लिए काम करने के लिए दृढ़ हैं, ख़ासतौर पर सबसे कमज़ोर और वंचित तबके के लिए जिन्हें इस समय सबसे ज़्यादा कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.