कोविड-19: भारत में सामुदायिक फैलाव की रोकथाम को प्राथमिकता

18 मार्च 2020

भारत में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए संक्रमितों की जल्द शिनाख़्त कर उन्हें अलगाव में रखने, उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने व सामुदायिक फैलाव को सीमित रखने के प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है. भारत में 17 मार्च तक कोविड-19 के संक्रमण के कुल 137 मामलों की पुष्टि हुई जिनमें 113 भारतीय नागरिक और 24 विदेशी नागरिक हैं. इनमें से 14 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं जबकि तीन लोगों की मौत हुई है. 
 

अब तक भारत के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामलों की पुष्टि हो चुकी है: आंध्र प्रदेश (1), दिल्ली (8), हरियाणा (15), जम्मू-कश्मीर (3), कर्नाटक (11), लद्दाख (6), केरल (26), महाराष्ट्र (39), उड़ीसा (1), पंजाब (1), राजस्थान (4), तमिलनाडु (1), तेलंगाना (5), उत्तर प्रदेश (15) और उत्तराखंड (1).

संक्रमण की पुष्टि होने पर सभी संक्रमितों को अस्पताल में रखने की व्यवस्था की गई है और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाकर उन्हें घर पर एकांतवास में रखा जा रहा है.

भारत सरकार ने कोविड-19 महामारी को अधिसूचित आपदा (notified disaster) घोषित करते हुए निम्न क़दम उठाए हैं: 

-    सामुदायिक निगरानी की मज़बूत व्यवस्था 
-    संक्रमितों को अलगाव में रखे जाने का इंतज़ाम 
-    आइसोलेशन (एकांतवास) वार्ड की व्यवस्था
-    स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव के लिए सामग्री व उपकरण
-    त्वरित कार्रवाई टीमों का गठन और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण 

कई राज्यों में स्कूल, सिनेमाघर, शॉपिंग मॉल को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं और ग़ैरज़रूरी व भीड़ भरे आयोजनों को स्थगित करने का फ़ैसला लिया गया है.  

अफ़ग़ानिस्तान, फ़िलिपींस और मलेशिया से भारत आने वाले यात्रियों पर तत्काल रोक लगा दी गई है.

योरोपीय संघ के 27 देशों, योरोपीय मुक्त व्यापार एसोसिएशन के 4 देशों, तुर्की और ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों के भारत में भूमि/हवाई/समुद्री मार्ग से प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है जो 18 मार्च से 31 मार्च तक लागू रहेगी. 

भारत आने वाले यात्रियों में भारतीय नागरिकों सहित अगर किसी ने भी 15 फ़रवरी 2020 के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया गणराज्य, फ़्रांस, स्पेन और जर्मनी की यात्रा की है तो उन्हें 14 दिनों के लिए एकांतवास में रहने के लिए कहा जा रहा है. 

13 मार्च से सभी विदेशी नागरिकों के वीज़ा 15 अप्रैल तक रद्द कर दिए गए हैं लेकिन इससे राजनयिकों, और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को छूट दी गई है.   

भारत में प्रवेश करने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक स्व-घोषित फ़ॉर्म भरने और स्वास्थ्य जांच से गुज़रने के लिए कहा जा रहा है.

इसके अलावा 30 हज़ार से ज़्यादा लोगों पर सामुदायिक निगरानी के तहत नज़र रखी जा रही है. 

भारतीय नागरिकों से ग़ैरज़रूरी विदेश यात्राओं से बचने करने का आग्रह किया गया है और ईरान, चीन व इटली में फंसे नागरिकों के स्वदेश लौटने की व्यवस्था की गई है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के भारत में प्रतिनिधि हेंक बेकेडम ने अब तक किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि पूरा सरकारी तंत्र काम में जुटा है जो अब तक कारगर दिखाई दे रहा है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 मार्च को कोविड-19 को विश्वव्यापी महामारी परिभाषित करते हुए सभी देशों से इस बीमारी पर क़ाबू पाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आहवान किया था. 

इसके लिए संदिग्ध संक्रमितों का जल्द परीक्षण करना, संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हें अलगाव में रखने की व्यवस्था करना, संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाकर उनका परीक्षण करना अहम है ताकि वायरस पर नियंत्रण पाना और ज़िंदगियाँ बचाया जाना संभव हो सके. 

 

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