कोविड-19: तथ्य और भ्रान्तियाँ, ऐहतियाती उपाय

18 मार्च 2020

कोरोनावायरस यानि कोविड-19 ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है. निसंदेह इस वायरस का संक्रमण बीमारी का कारण बन सकता है मगर इसका मुक़ाबला करने में लोग अक्सर भ्रांतियों व अफ़वाहों के भी शिकार हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि सही समझ, जागरूकता, एकजुटता व चिकित्सा सलाह का पालन करके इस विश्व स्वास्थ्य चुनौती का मुक़ाबला असरदार तरीक़े से किया जा सकता है. कुछ इसी तरह के सवाल-जवाब और तथ्यों व भ्रांतियों में अंतर यहाँ प्रस्तुत है...

कोरोनोवायरस क्या है? 
●    कोरोनावायरस एक ऐसा वायरस समूह है जो जानवरों या मनुष्यों में बीमारी फैला सकता है.
●    कई तरह के कोरोनावायरस, मनुष्यों में सांस संबंधी विभिन्न संक्रमण फैला सकते हैं. मसलन, सामान्य सर्दी या फिर गंभीर बीमारियाँ जैसेकि मिडिल ईस्ट रैस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और सिवियर एक्यूट रैस्पिरेटरी सिंड्रोम यानि सार्स (SARS). 
●    हाल ही में फैले कोरोनावायरस से कोविड-19 नामक कोरोनोवायरस रोग होता है.

कोविड-19 क्या है? 

कोविड-19 हाल ही में फैले कोरोनावायरस के कारण होने वाला संक्रामक रोग हे.
दिसंबर 2019 में चीन के वुहान प्रांत में इसका प्रकोप शुरू होने से पहले, इस नए वायरस व बीमारी के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी. 
कोविड-19 के लक्षण क्या हैं? 
●    कोविड-19 की शुरुआत के सबसे आम लक्षण बुख़ार, थकान और सूखी खाँसी हैं.
●    ये लक्षण आमतौर पर मामूली होते हैं और धीरे-धीरे शुरू होते हैं.
●    कोविड-19 से संक्रमित हर 6 में से 1 मरीज़ गंभीर रूप से बीमार हो सकता है और उसे सांस लेने में कठिनाई पैदा हो सकती है.
●    लेकिन अधिकांश लोग (लगभग 80%) विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं.
●    वृद्धों और उच्च रक्तचाप, हृदय की बीमारी या मधुमेह जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों में गंभीर बीमारी विकसित होने की संभावना अधिक रहती है. 

कोविड-19 कैसे फैलता है? 
● अन्य संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से कोविड-19 का रोग हो सकता है.
●    ये बीमारी छोटी संक्रामक बूंदों के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है.
●     ये बूंदे कोविड-19 के मरीज़ के खाँसने या छींकने के ज़रिए फैलती हैं. 
●    ये बूंदे व्यक्ति के आसपास की वस्तुओं और सतहों पर गिर जाती हैं. अन्य लोग इन वस्तुओं या सतहों को छूने के बाद जब अपनी आंख, नाक या मुंह छूते हैं तो COVID –19 से संक्रमित हो जाते हैं.
●    कोविड-19 का संक्रमण तब भी फैलता है जब लोग कोविड-19 से ग्रस्त व्यक्ति के खाँसने या साँस लेते समय निकली बूंदों को सांस के ज़रिए अंदर ले लेते हैं.
●    यही कारण है कि बीमार रहने वाले व्यक्ति से 1 मीटर (3 फीट) से अधिक दूर रहना बेहद अहम है.

आप ख़ुद को और अन्य लोगों को कोविड-19 से बचाने के लिए क्या कर सकते हैं? 
● अपने हाथ नियमित रूप से अल्कोहल-आधारित हैंड-रब से अच्छी तरह साफ़ करें, या उन्हें साबुन और पानी से धोएँ.
●    खाँसने या छींकने वाले किसी भी व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर (3 फीट) की दूरी बनाए रखें.
●    आँख, नाक और मुंह छूने से बचें.
●    सुनिश्चित करें कि आप और आपके आस-पास के लोग अच्छी श्वसन स्वच्छता का पालन करें. मतलब ये कि खाँसते या छींकते समय अपने मुँह और नाक को बाँह मोड़कर या टिशू से ढक लें. उपयोग किए गए टिशू को उसी समय कूड़ेदान में फेंक दें.
●    यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो घर पर ही रहें. यदि आपको बुख़ार, खाँसी और साँस लेने में कठिनाई होती है, तो चिकित्सा पर ध्यान दें और ऐहतियात के तौर पर फ़ोन करें.
●     कोविड-19 फैलने वाले प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी रखें. यदि संभव हो, तो ऐसे क्षेत्रों को यात्रा करने से बचें, विशेषकर यदि आप वृद्ध हैं या मधुमेह, हृदय या फेफड़ों की बीमारी के मरीज़ है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को महामारी माना है. इसका क्या मतलब है?
● कोविड-19 को महामारी के रूप में परिभाषित करने के ये मतलब नहीं है कि ये वायरस जानलेवा हो गया है. बल्कि यह इस रोग के भौगोलिक प्रसार को पहचान देना भर है.

क्या मुझे एक मेडिकल मास्क पहनना चाहिए? 
●    यदि आप स्वस्थ हैं, तो आपको मास्क पहनने की ज़रूरत तभी होगी अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति की देखभाल कर रहे हों, जिसे कोविड-19 का संक्रमण है.
●    अगर आप खाँस रहे हैं या छींक रहे हैं तो मास्क ज़रूर पहनें.
●    मास्क तभी प्रभावी होते हैं जब अल्कोहल-आधारित हैंड-रब या साबुन और पानी के साथ लगातार हाथ धोकर इस्तेमाल किए जाते हैं. 
●    जैसे ही मास्क भीग जाए, उसे तुरंत बदलें और एकल-उपयोग वाले मास्क का पुन: उपयोग न करें.
●    केवल मास्क के उपयोग से संक्रमण की रोकथाम संभव नहीं है. 

मैं डराने-धमकाने, भेदभाव और कलंक की मानसिकता को लेकर चिंतित हूं. कोविड-19 के बारे में बात करने का सबसे अच्छा तरीक़ा क्या है?
•    रोग के साथ स्थान या जाति को न जोड़ें. याद रखें, वायरस विशिष्ट आबादी, जातीयता या नस्लीय पृष्ठभूमि के लोगों को लक्षित नहीं कर सकते हैं. 
•    बीमारी से पीड़ित लोगों को "कोविड-19 के मामले" या "पीड़ित" कहकर न पुकारें. लोगों के रूप में ही उनकी पहचान करें. 
•    ऐसे संबोधन न करें कि वो "कोविड-19 संचारित कर रहे हैं" या "दूसरों को संक्रमित कर रहे हैं" या "वायरस फैला रहे हैं" क्योंकि इससे लगता है कि जानबूझकर संक्रमण फैलाया जा रहा है और व्यक्ति पर दोष मढ़ा जाता प्रतीत होता है.
•    अपुष्ट संदेशों व अफवाहों को ना दोहराएँ और ना ही आगे प्रेषित करें, और "प्लेग", "सर्वनाश" जैसी भय उत्पन्न करने वाली, अतिशयोक्तिपूर्ण भाषा का उपयोग करने से बचें.

भ्रान्ति: कोविड-19 वायरस गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्रों में प्रेषित नहीं होता.

बिल्कुल हो सकता है. अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर ये स्पष्ट है कि कोविड-19 वायरस सभी प्रकार के क्षेत्रों में फैल सकता है. 

भ्रान्ति: सर्दी और बर्फ़ नए कोरोनोवायरस को मार सकते हैं. 

नहीं. ये मानने का कोई कारण नहीं है कि सर्दी का मौसम इस नए कोरोवावायरस या अन्य बीमारियों को ख़त्म कर सकता है.

भ्रान्ति: गर्म पानी से स्नान करने से नए कोरोनोवायरस रोग की रोकथाम होती है.

ये सच नहीं है. गर्म पानी से स्नान करने से आप कोविड-19 से नहीं बच सकते. कोविड-19 से ख़ुद को बचाने का सबसे अच्छा उपाय है – अपने हाथ जल्दी-जल्दी और अच्छी तरह धोना.

भ्रान्ति: नया कोरोनोवायरस मच्छर के काटने से भी फैल सकता है. 
फिलहाल इस बारे में न तो कोई जानकारी उपलब्ध है और न ही कोई सबूत कि नया कोरोनोवायरस मच्छरों से भी फैल सकता है. नया कोरोनावायरस एक श्वसन वायरस है. 

भ्रान्ति: नए कोरोनोवायरस को मारने में हाथों का पानी सुखाने वाले यंत्र (Dryers) प्रभावी हैं.

नहीं. कोविड-19 से ख़ुद को बचाने के लिए, आपको अपने हाथ अक्सर अल्कोहल-आधारित हैंड-रब से साफ़ करने चाहिए या उन्हें साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए.

भ्रान्ति: आपके शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करने से नया कोरोनावायरस ख़त्म हो जाएगा.

नहीं. शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करने से वो वायरस नहीं मरेंगे जो आपके शरीर में पहले ही प्रवेश कर चुके हैं. अलबत्ता ये पदार्थ आपकी आँख और मुँह के लिए हानिकारक हो सकते हैं. 

भ्रान्ति: घर पर रहने वाले पालतू जानवरों से कोविड-19 फैलता है. 

फिलहाल, इसका कोई सबूत नहीं है कि इंसानों के साथ रहने वाले कुत्ते-बिल्ली जैसे पालतू जानवर नए कोरोनोवायरस से संक्रमित हो सकते हैं. अलबत्ता पालतू जानवरों के संपर्क में आने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना हमेशा अच्छा रहता है. 

भ्रान्ति: निमोनिया के टीके से नए कोरोनोवायरस से बचाव होता है. 

नहीं. निमोनिया के टीके नए कोरोनावायरस से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं. ये वायरस इतना नया और अलग है कि इसके लिए अलग वैक्सीन की ज़रूरत है.

भ्रान्ति: खारे पानी से नाक को साफ़ करने से नए कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलेगी. 

नहीं. इसका कोई सबूत नहीं है कि नाक को नियमित रूप से खारे पानी के साथ साफ़ करने से लोगों का नए कोरोनावायरस से बचाव हुआ है.

भ्रान्ति: लहसुन खाने से नए कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है? 

लहसुन एक स्वास्थ्यप्रद भोजन है जिसमें कुछ रोगाणुरोधी गुण हो सकते हैं. लेकिन, वर्तमान प्रकोप के संदर्भ में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे ये तय हो सके कि लहसुन खाने से लोगों का नए कोरोनावायरस से बचाव हुआ है. 

भ्रान्ति: नए कोरोनोवायरस से केवल बूढ़े लोग प्रभावित होते हैं, युवाओं पर इसका असर नहीं होता. 

सभी उम्र के लोग नए कोरोनोवायरस से संक्रमित हो सकते हैं. वृद्ध और पहले ही बीमारियों से ग्रसित लोगों (मरीज़ों) पर इस वायरस का असर ज़्यादा होता है और वो इससे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं. 

भ्रान्ति: एंटीबायोटिक्स नए कोरोनोवायरस की रोकथाम और इलाज में प्रभावी हैं.

नहीं, एंटीबायोटिक्स वायरस के विरुद्ध नहीं बल्कि केवल बैक्टीरिया के विरुद्ध काम करते हैं.

भ्रान्ति: नए कोरोनावायरस को रोकने या इलाज करने के लिए विशिष्ट दवाएँ मौजूद हैं.

अभी तक, नए कोरोनावायरस की रोकथाम या इलाज के लिए कोई विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है. 

 

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