कोरोनावायरस से जोखिम 'अति गंभीर' स्तर पर, लेकिन रोकथाम अब भी संभव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों और प्रभावित देशों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी को चिंताजनक क़रार देते हुए जोखिम के स्तर को बढ़ा कर ‘अति गंभीर’ की श्रेणी में कर दिया है. शुक्रवार को यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए देशों को तेज़ और सख़्त क़दम उठाने होंगे
स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया कि पिछले 24 घंटों में चीन में संक्रमण के 329 मामले सामने आए हैं जो पिछले एक महीने से ज़्यादा समय में मामलों की सबसे कम संख्या हैं. अधिकतर नए मामलों की वजह लोगों का संक्रमण का शिकार लोगों के संपर्क में आना बताया गया है.
अब तक चीन में कोविड-19 के 78 हज़ार 959 मामलों की पुष्टि हुई है और दो हज़ार 791 लोगों की मौत हुई है. चीन में 36 हज़ार लोग इस बीमारी से उबर भी चुके हैं.
लेकिन चीन के बाहर 49 अन्य देशों में मामलों की संख्या बढ़कर चार हज़ार 351 हो गई है और 67 लोगों की जान जा चुकी है. डेनमार्क, एस्टोनिया, लिथुएनिया, नैदरलैड्स और नाइजीरिया में पहली बार नए मामलों का पता चला है और सभी मामलों के तार इटली से जुड़े हैं.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस के मुताबिक अभी इस बात के पक्के सबूत नहीं है कि वायरस खुले में आसानी से समुदायों में फैल रहा है.
यूएन एजेंसी ने भरोसा जताया कि जब तक ऐसा रहेगा तब तक वायरस को रोक पाना संभव होगा, बशर्ते के मामलों का जल्द पता लगाया जाए, मरीज़ों को अलग रखा जाए, उनके संपर्क में आए लोगों को ढूंढा जाए, और मरीज़ों की समुचित देखभाल की जाए.
यूएन महासचिव ने भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत में सभी देशों की सरकारों से तेज़ी से बीमारी की रोकथाम के लिए हरसंभव क़दम उठाने का आग्रह किया है.
उन्होंने कहा कि ये प्रयास मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, बिना दोषारोपण के और आपसी एकजुटता व वैश्विक समर्थन के साथ किए जाने होंगे.
क़ाबू पाने की कोशिशें
कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए सबसे अहम उपाय संक्रमण फैलने की कड़ी को तोड़ना है. साथ ही वैक्सीन विकसित करने और वायरस संक्रमण के उपचार को ढूंढने का काम भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
“अब तक विश्व भर में 20 से ज़्यादा वैक्सीनों पर काम चल रहा है और कई उपचारों को क्लिनिक में परखा जा रहा है जिसके पहले नतीजे कुछ हफ़्तों में सामने आ जाएंगे.”
coronavirus">COVID-19 की चुनौती से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन कई मोर्चों पर प्रयास कर रहा है. इनके तहत वायरस पर रिसर्च की गति को तेज़ किया गया है, जहां ज़रूरी स्वास्थ्य सामग्री व उपकरणों की आवश्यकता है उन्हें वहां पहुंचाया गया है, लैब में परीक्षण और निदान के लिए मदद मुहैया कराई जा रही है और दुनिया भर में देशों को परामर्श, दिशानिर्देश उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रयासों में समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है.
लेकिन उन्होंने आगाह किया कि वैक्सीन और संभावित उपचारों के इंतज़ार के साथ-साथ लोगों को अपने स्वास्थ्य का स्वयं ध्यान रखना होगा.
संक्रमण से बचने के उपाय:
- अपने हाथ बार-बार साबुन से धोएँ, विशेषकर मरीज़ों से सीधे संपर्क करने के बाद
- श्वसन संबंधी संक्रमण के लक्षणों वाले लोगों से सीधे तौर पर संपर्क ना रखें
- रसोई और कार्यस्थल पर डेस्क को साफ़ करने के लिए कीटाणुनाशकों का उपयोग करें
- कोविड-19 के ख़तरे और लक्षणों को समझने के लिए विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी हासिल करें
- बुखार या खांसी होने पर यात्रा से परहेज़ करें और यात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चालक दल को जानकारी दें
- खाँसते व छींकते समय टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें या मुंह और नाक को कोहनी से ढंक ले. इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर को तत्काल फेंक दें और हाथ धो लें
- 60 वर्ष से ज़्यादा उम्र वाले या पहले से बीमार चल रहे लोग भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें
- तबीयत ठीक महसूस ना होने पर घर पर ही रहें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें
- बीमार होने पर घर पर रूकें, परिवार के अन्य सदस्यों से दूर रहें, सोएं और भोजन करें, और अलग बर्तनों का इस्तेमाल करें
- बुख़ार, खाँसी या साँस लेने में मुश्किल महसूस होने पर तत्काल डॉक्टर के पास जाएँ
- कोरोनावायरस से लोगों को, विशेषकर प्रभावित देशों में, घबराहट होना स्वाभाविक है. अपने कार्यस्थल, स्कूल या उपासना स्थल पर सुरक्षा उपायों के बारे में ज़्यादा जानकारी प्राप्त करें